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चंडीगढ़ पुलिस के सब इंस्पेक्टर ने की डीएसपी के फ्लैट को हड़पने की कोशिश, तीन साल बाद केस दर्ज
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चंडीगढ़। यूटी पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर (एसआई) ने जाली दस्तावेज तैयार कर सेवानिवृत्त डीएसपी का फ्लैट हड़पने की कोशिश की। इसमें आरोपी की पत्नी भी शामिल रही। अब तीन साल बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उधर, केस दर्ज होने से पहले सब इंस्पेक्टर ने वीआरएस ले ली, ताकि पुलिस विभाग की ओर से सभी लाभ मिल सके।
मोहाली के सेक्टर-70 निवासी रुपिंदर सिंह ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनके पिता दलजीत सिंह चंडीगढ़ पुलिस से डीएसपी के पद से सेवानृवित्त हुए थे। उन्हें सेक्टर-41 स्थित हाउसिंग बोर्ड से सेक्टर-41 में मकान नंबर-355/2 आवंटित हुआ था। साल 2014 में दलजीत सिंह ने चंडीगढ़ पुलिस के सब इंस्पेक्टर नाजर सिंह व उसकी पत्नी बलविंदर कौर को यह मकान 6 हजार रुपये प्रतिमाह किराए पर दे दिया। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2015 में दलजीत सिंह की किन्हीं कारणों से मौत हो गई। इसके बाद नाजर सिंह ने मकान का किराया देना बंद कर दिया। रुपिंदर सिंह ने कहा कि वह जब भी किराए की बात करते थे, तो वह टाल देता था। हालांकि, पिता की मौत के बाद रुपिंदर सिंह ने मकान अपने नाम करवा लिया था। मकान का किराया नहीं मिलने पर रुपिंदर सिंह ने वर्ष 2018 में मामले की शिकायत पुलिस को दी। आरोप है कि पुलिस ने सिविल सूट लिख कर मामला रफा-दफा कर दिया लेकिन पिछले साल जुलाई में उन्होंने दोबारा से पुलिस को शिकायत दी।
डीएसपी के जाली साइन कर बनवाए शपथपत्र
कई साल से किराया नहीं देने के मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने नाजर सिंह के खिलाफ वर्ष 2018 में रेंट कंट्रोलर के पास केस फाइल कर दिया। इसके बाद बलविंदर कौर ने जिला अदालत में मार्च 2020 में एक झूठा मुकदमा दायर किया। आरोप है कि झूठा मुकदमा करने के लिए बलविंदर कौर और सब इंस्पेक्टर नाजर सिंह ने जाली जीपीए समेत अन्य कागजात लगाए। इसका खुलासा आरटीआई में कागजात लेने पर हुआ था। इतना ही नहीं, यह भी पता चला कि नाजर और बलविंदर ने उनके पिता के जाली हस्ताक्षर कर एफिडेविट भी बनाया है। नाजर सिंह ने एफिडेविट पर अपनी पत्नी की फोटो लगा रखी थी।
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सीएफएसएल रिपोर्ट में हुआ खुलासा
पुलिस ने जाली एफिडेविट पर दलजीत सिंह का साइन मैच करवाने के लिए सीएफएसएल के पास भेजा था। जनवरी महीने में सीएफएसएल से रिपोर्ट आई, जिसमें लिखा था कि मृतक डीएसपी दलजीत सिंह के जाली साइन किए गए हैं। पीड़ित रुपिंदर सिंह की सेक्टर-39 थाने में सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद वह जुलाई 2021 में एसएसपी कुलदीप सिंह चहल से मिला। इसके बाद सब इंस्पेक्टर नाजर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
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मोहाली के सेक्टर-70 निवासी रुपिंदर सिंह ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनके पिता दलजीत सिंह चंडीगढ़ पुलिस से डीएसपी के पद से सेवानृवित्त हुए थे। उन्हें सेक्टर-41 स्थित हाउसिंग बोर्ड से सेक्टर-41 में मकान नंबर-355/2 आवंटित हुआ था। साल 2014 में दलजीत सिंह ने चंडीगढ़ पुलिस के सब इंस्पेक्टर नाजर सिंह व उसकी पत्नी बलविंदर कौर को यह मकान 6 हजार रुपये प्रतिमाह किराए पर दे दिया। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2015 में दलजीत सिंह की किन्हीं कारणों से मौत हो गई। इसके बाद नाजर सिंह ने मकान का किराया देना बंद कर दिया। रुपिंदर सिंह ने कहा कि वह जब भी किराए की बात करते थे, तो वह टाल देता था। हालांकि, पिता की मौत के बाद रुपिंदर सिंह ने मकान अपने नाम करवा लिया था। मकान का किराया नहीं मिलने पर रुपिंदर सिंह ने वर्ष 2018 में मामले की शिकायत पुलिस को दी। आरोप है कि पुलिस ने सिविल सूट लिख कर मामला रफा-दफा कर दिया लेकिन पिछले साल जुलाई में उन्होंने दोबारा से पुलिस को शिकायत दी।
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डीएसपी के जाली साइन कर बनवाए शपथपत्र
कई साल से किराया नहीं देने के मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने नाजर सिंह के खिलाफ वर्ष 2018 में रेंट कंट्रोलर के पास केस फाइल कर दिया। इसके बाद बलविंदर कौर ने जिला अदालत में मार्च 2020 में एक झूठा मुकदमा दायर किया। आरोप है कि झूठा मुकदमा करने के लिए बलविंदर कौर और सब इंस्पेक्टर नाजर सिंह ने जाली जीपीए समेत अन्य कागजात लगाए। इसका खुलासा आरटीआई में कागजात लेने पर हुआ था। इतना ही नहीं, यह भी पता चला कि नाजर और बलविंदर ने उनके पिता के जाली हस्ताक्षर कर एफिडेविट भी बनाया है। नाजर सिंह ने एफिडेविट पर अपनी पत्नी की फोटो लगा रखी थी।
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सीएफएसएल रिपोर्ट में हुआ खुलासा
पुलिस ने जाली एफिडेविट पर दलजीत सिंह का साइन मैच करवाने के लिए सीएफएसएल के पास भेजा था। जनवरी महीने में सीएफएसएल से रिपोर्ट आई, जिसमें लिखा था कि मृतक डीएसपी दलजीत सिंह के जाली साइन किए गए हैं। पीड़ित रुपिंदर सिंह की सेक्टर-39 थाने में सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद वह जुलाई 2021 में एसएसपी कुलदीप सिंह चहल से मिला। इसके बाद सब इंस्पेक्टर नाजर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया।