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वेतन घोटाले में फरार हवलदार को नहीं मिली अग्रिम जमानत
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चंडीगढ़। पुलिस विभाग के मुलाजिमों को अतिरिक्त वेतन देकर 1.1 करोड़ के घोटाले में एक आरोपी ने जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। अदालत ने आरोपी हवलदार नरेश की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
अग्रिम जमानत याचिका में नरेश ने कहा है कि उसका वेतन घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है। उसे केस में झूठा फंसाया गया है। वहीं, सरकारी वकील ने याचिका का विरोध किया। हालांकि, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। वहीं, क्राइम ब्रांच की रडार पर 70 से ज्यादा कर्मी है, जिन्हें फायदा पहुंचाया गया है।
बता दें कि क्राइम बांच ने बीते 11 सितंबर को मामले में आरोपी होमगार्ड सुरजीत सिंह और वेतन विभाग के प्रभारी जूनियर असिस्टेंट बलविंदर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। इन दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी कैग से आई ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर हुई थी। पुलिस जांच में कई पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए थे। इन्हें पुलिस जल्द गिरफ्तार कर सकती है।
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साल 2013 में पुलिस विभाग के वेतन विभाग में बलविंदर प्रभारी के रूप में तैनात था। वहीं, होमगार्ड सुरजीत सिंह उसका सहायक था। वर्ष 2019 में पुलिस को शिकायत मिली कि मुलाजिमों के खाते में अतिरिक्त रुपये डालकर घोटाला किया जा रहा है। इसके बाद दिसंबर 2019 में पुलिस ने मामले की आंतरिक जांच शुरू कर कैग से मामले की ऑडिट की मांग की। जांच रिपोर्ट में पता चला कि साढ़े तीन साल में 1.1 करोड़ का घोटाला किया गया है। इसके बाद मामले में एसआईटी गठित की गई और केस को क्राइम ब्रांच सौंप दिया गया। जांच में पता चला कि 200 से अधिक पुलिसकर्मियों के खाते में अतिरिक्त वेतन डालकर घोटाला किया है।
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अग्रिम जमानत याचिका में नरेश ने कहा है कि उसका वेतन घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है। उसे केस में झूठा फंसाया गया है। वहीं, सरकारी वकील ने याचिका का विरोध किया। हालांकि, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। वहीं, क्राइम ब्रांच की रडार पर 70 से ज्यादा कर्मी है, जिन्हें फायदा पहुंचाया गया है।
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बता दें कि क्राइम बांच ने बीते 11 सितंबर को मामले में आरोपी होमगार्ड सुरजीत सिंह और वेतन विभाग के प्रभारी जूनियर असिस्टेंट बलविंदर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। इन दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी कैग से आई ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर हुई थी। पुलिस जांच में कई पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए थे। इन्हें पुलिस जल्द गिरफ्तार कर सकती है।
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साल 2013 में पुलिस विभाग के वेतन विभाग में बलविंदर प्रभारी के रूप में तैनात था। वहीं, होमगार्ड सुरजीत सिंह उसका सहायक था। वर्ष 2019 में पुलिस को शिकायत मिली कि मुलाजिमों के खाते में अतिरिक्त रुपये डालकर घोटाला किया जा रहा है। इसके बाद दिसंबर 2019 में पुलिस ने मामले की आंतरिक जांच शुरू कर कैग से मामले की ऑडिट की मांग की। जांच रिपोर्ट में पता चला कि साढ़े तीन साल में 1.1 करोड़ का घोटाला किया गया है। इसके बाद मामले में एसआईटी गठित की गई और केस को क्राइम ब्रांच सौंप दिया गया। जांच में पता चला कि 200 से अधिक पुलिसकर्मियों के खाते में अतिरिक्त वेतन डालकर घोटाला किया है।