चंडीगढ़। मकानों में जरूरत के मुताबिक बदलाव (नीड बेस चेंज) को नियमित करने के लिए सीएचबी क्या तरीका अपनाए, यह समाधान ढूंढने के लिए सीएचबी ने मंगलवार को एक कमेटी का गठन कर दिया। सीएचबी के सचिव इस कमेटी के चेयरमैन होंगे और आरडब्ल्यूए व अन्य हितधारकों को भी कमेटी में नामित किया जाएगा।
सीएचबी के सीईओ यशपाल गर्ग की ओर से जारी आदेश में कमेटी के अन्य सदस्यों की भी घोषणा की गई है। इसके अनुसार कमेटी में सीएचबी के चीफ इंजीनियर, यूटी प्रशासन के चीफ आर्किटेक्स या उनकेप्रतिनिधि, सीएचबी के आर्किटेक्ट, अधिशाषी अभियंता (डिजाइन) सीएचबी, अधिशाषी अभियंता (पब्लिक हेल्थ) सीएचबी, अधिशाषी अभियंता (इलेक्ट्रिकल) सीएचबी, अधिशाषी अभियंता (इंफोर्समेंट) सीएचबी को शामिल किया गया है। इसके अलावा आदेश में कहा गया है कि कमेटी के चेयरमैन चाहें तो बोर्ड, आरडब्ल्यूए व अन्य हितधारकों को भी नामित कर सकते हैं। बता दें कि 8 सितंबर को सीएचबी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी नहीं दी गई। ऐसे में हजारों लोगों के घरों पर एक बार फिर मकान टूटने की तलवार लटक गई है। वर्षों बाद इस मुद्दे पर बोर्ड की बैठक में चर्चा होनी थी। लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। अब नई कमेटी फिर से पूरे मामले पर चर्चा करेगी और सभी के साथ बैठक के बाद समाधान निकालेगी, जिसे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में लाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में अब समय लग जाएगा, इसलिए निगम चुनाव से पहले लोगों को राहत मिल पाना कठिन है।