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अक्तूबर में पिछले साल के मुकाबले छह करोड़ ज्यादा हुआ जीएसटी संग्रह
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चंडीगढ़। शहर के जीएसटी संग्रह में अब बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले साल अक्तूबर महीने के मुकाबले इस साल अक्तूबर में सकल (ग्रॉस) जीएसटी संग्रह में चार फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जबकि पड़ोसी राज्य पंजाब में 16 और हरियाणा में तीन फीसदी की वृद्धि हुई है। प्रशासन के अधिकारी उम्मीद जता रहे थे कि इस महीने चंडीगढ़ के जीएसटी संग्रह में ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
माल और सेवा कर (जीएसटी) पेट्रोल और शराब को छोड़कर अन्य पर वसूला जाता है। जीएसटी, एक्साइज और वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) चंडीगढ़ प्रशासन के खजाने को भरने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन लॉकडाउन की वजह से बड़ा असर भी इन्हीं पर पड़ा। कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन के बाद से लगातार एक साल तक शहर में जीएसटी संग्रह घटा। मार्च 2021 में जाकर जीएसटी संग्रह में वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद दूसरी लहर आ गई और फिर से जीएसटी संग्रह में कमी आई।
जुलाई 2021 से संग्रह में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अगस्त में 144 करोड़ रुपये, सितंबर में 152 करोड़ रुपये और अक्तूबर में 158 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ है, जबकि अक्तूबर 2020 में 152 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ था। देश के अन्य राज्य व केंद्र शासित प्रदेश कोरोना की वजह से हुए घाटे से उबर गए, लेकिन चंडीगढ़ की अर्थव्यवस्था अभी भी पूरी तरह से उबर नही पाया है। यूटी प्रशासन की तरफ से संग्रह बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन उनका खास लाभ नहीं हुआ है।
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पड़ोसी राज्यों की स्थिति
पंजाब
अक्तूबर 2020 में 1376 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ था, जबकि इस बार 1595 करोड़ रुपये आए हैं। 16 फीसदी की वृद्धि हुई है।
हरियाणा
अक्तूबर 2020 में 5433 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ था, जबकि इस बार 5606 करोड़ रुपये आए हैं। तीन फीसदी की वृद्धि हुई है।
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माल और सेवा कर (जीएसटी) पेट्रोल और शराब को छोड़कर अन्य पर वसूला जाता है। जीएसटी, एक्साइज और वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) चंडीगढ़ प्रशासन के खजाने को भरने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन लॉकडाउन की वजह से बड़ा असर भी इन्हीं पर पड़ा। कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन के बाद से लगातार एक साल तक शहर में जीएसटी संग्रह घटा। मार्च 2021 में जाकर जीएसटी संग्रह में वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद दूसरी लहर आ गई और फिर से जीएसटी संग्रह में कमी आई।
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जुलाई 2021 से संग्रह में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अगस्त में 144 करोड़ रुपये, सितंबर में 152 करोड़ रुपये और अक्तूबर में 158 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ है, जबकि अक्तूबर 2020 में 152 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ था। देश के अन्य राज्य व केंद्र शासित प्रदेश कोरोना की वजह से हुए घाटे से उबर गए, लेकिन चंडीगढ़ की अर्थव्यवस्था अभी भी पूरी तरह से उबर नही पाया है। यूटी प्रशासन की तरफ से संग्रह बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन उनका खास लाभ नहीं हुआ है।
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पड़ोसी राज्यों की स्थिति
पंजाब
अक्तूबर 2020 में 1376 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ था, जबकि इस बार 1595 करोड़ रुपये आए हैं। 16 फीसदी की वृद्धि हुई है।
हरियाणा
अक्तूबर 2020 में 5433 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ था, जबकि इस बार 5606 करोड़ रुपये आए हैं। तीन फीसदी की वृद्धि हुई है।