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केंद्र सरकार कोविड के कुप्रबंधन की दोषी : जाखड़
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चंडीगढ़। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार कोविड महामारी के आपराधिक कुप्रबंधन की दोषी है। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने बीमारी पर नियंत्रण करने और लोगों को वैक्सीन देने से पूरी तरह से पल्ला झाड़ लिया है और लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है।
शुक्रवार को जारी बयान में जाखड़ ने कहा कि देश के सभी नागरिकों के लिए वैक्सीन की मांग संबंधी पार्टी द्वारा राष्ट्रपति के नाम मांग पत्र भेजा गया है। यह मांग पत्र राज्यपाल के मार्फत भेजा गया है। राज्यपाल के चंडीगढ़ से बाहर होने के कारण मांग पत्र उनके कार्यालय में दिया गया है। इसके अलावा पार्टी की जिला इकाइयों द्वारा जिला उपायुक्तों के मार्फत भी ऐसा ही मांग पत्र राष्ट्रपति को भेजा गया है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विभिन्न कीमतों, डिजिटल तरीके से वैक्सिंग की धीमी रफ्तार, वैक्सीन का आर्डर समय पर ना देना, समय रहते वैक्सीनेशन करने की बजाय वैक्सीन का निर्यात करना केंद्र सरकार की बड़ी भूल थी।
तीन कीमत पर बेची जा रही है वैक्सीन
जाखड़ ने कहा कि केंद्र सरकार को कोविशील्ड की एक खुराक 150 रुपये में मिलती है, जबकि राज्य सरकार के लिए इसकी कीमत 300 रुपये और निजी अस्पतालों के लिए इसकी कीमत 600 रुपये है। इसी तरह कोवॉक्सिन की एक खुराक मोदी सरकार 150 रुपये में खरीदती है, जो राज्य सरकारों को 600 रुपये में और निजी अस्पतालों को 1200 में मिलती है। मोदी सरकार द्वारा तीन कीमतें तय करना किसी भी तरह से तर्कसंगत नहीं है।
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शुक्रवार को जारी बयान में जाखड़ ने कहा कि देश के सभी नागरिकों के लिए वैक्सीन की मांग संबंधी पार्टी द्वारा राष्ट्रपति के नाम मांग पत्र भेजा गया है। यह मांग पत्र राज्यपाल के मार्फत भेजा गया है। राज्यपाल के चंडीगढ़ से बाहर होने के कारण मांग पत्र उनके कार्यालय में दिया गया है। इसके अलावा पार्टी की जिला इकाइयों द्वारा जिला उपायुक्तों के मार्फत भी ऐसा ही मांग पत्र राष्ट्रपति को भेजा गया है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विभिन्न कीमतों, डिजिटल तरीके से वैक्सिंग की धीमी रफ्तार, वैक्सीन का आर्डर समय पर ना देना, समय रहते वैक्सीनेशन करने की बजाय वैक्सीन का निर्यात करना केंद्र सरकार की बड़ी भूल थी।
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तीन कीमत पर बेची जा रही है वैक्सीन
जाखड़ ने कहा कि केंद्र सरकार को कोविशील्ड की एक खुराक 150 रुपये में मिलती है, जबकि राज्य सरकार के लिए इसकी कीमत 300 रुपये और निजी अस्पतालों के लिए इसकी कीमत 600 रुपये है। इसी तरह कोवॉक्सिन की एक खुराक मोदी सरकार 150 रुपये में खरीदती है, जो राज्य सरकारों को 600 रुपये में और निजी अस्पतालों को 1200 में मिलती है। मोदी सरकार द्वारा तीन कीमतें तय करना किसी भी तरह से तर्कसंगत नहीं है।
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