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पंजाब में बिजली संकट टालने के लिए कोयले की आपूर्ति करे केंद्र : चन्नी
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चंडीगढ़। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कोल इंडिया लिमिटेड की अलग-अलग सहायक कंपनियों द्वारा पंजाब राज्य बिजली निगम लिमिटेड से समझौतों के मुताबिक कोयले की सप्लाई न करने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि कोयले के भंडार घटने के कारण राज्य के थर्मल प्लांट बंद हो सकते हैं, क्योंकि अगले कुछ दिनों में मौजूद भंडार भी खत्म होने की संभावना है।
राज्य की बिजली की स्थिति का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयले की उचित सप्लाई न मिलने के कारण सभी थर्मल प्लांट पूरी क्षमता के साथ बिजली उत्पादन करने के योग्य नहीं रहे हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जहां भी धान की फसल पकने तक सिंचाई के लिए बिजली की ज़रूरत है, वहां सप्लाई को सुनिश्चित बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरों और गांवों में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली कट लगाए जा रहे हैं, जिससे कृषि क्षेत्र के लिए उचित बिजली सप्लाई सुनिश्चित बनाने के साथ-साथ ग्रिड अनुशासन को कायम रखा जा सके।
प्लांटों में सिर्फ दो दिन का स्टाक बाकी : वेनू प्रसाद
इससे पहले चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर ए. वेनू प्रसाद ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि देश भर में थर्मल प्लांट कोयले की कमी और कोयले की सप्लाई के संकट से गुजर रहे हैं। राज्य में प्राइवेट बिजली निर्माता (आईपीपी) के पास कोयले का स्टॉक दो दिन से भी कम बचा है, जिनमें नाभा पावर प्लांट (1.9 दिन), तलवंडी साबो प्लांट (1.3 दिन), जीवीके (0.6 दिन) और यह लगातार कम हो रहा है, क्योंकि कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा जरूरत के मुताबिक कोयले की सप्लाई नहीं की गई। पीएसपीसीएल के प्लांट, जिनमें गुरु गोबिंद सिंह सुपर थर्मल प्लांट रोपड़ और गुरु हरगोबिंद थर्मल प्लांट लहरा मोहब्बत शामिल हैं, के पास सिर्फ दो दिन का स्टॉक है। यह रोज कम हो रहा है। इन सभी प्लांटों के पास इंडिया की सहायक कंपनियों द्वारा फ्यूल सप्लाई समझौतों के अंतर्गत कोयले की सप्लाई दी जाती है, लेकिन इस समय पर सप्लाई जरूरी स्तर से भी बहुत कम है।
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राज्य की बिजली की स्थिति का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयले की उचित सप्लाई न मिलने के कारण सभी थर्मल प्लांट पूरी क्षमता के साथ बिजली उत्पादन करने के योग्य नहीं रहे हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जहां भी धान की फसल पकने तक सिंचाई के लिए बिजली की ज़रूरत है, वहां सप्लाई को सुनिश्चित बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरों और गांवों में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली कट लगाए जा रहे हैं, जिससे कृषि क्षेत्र के लिए उचित बिजली सप्लाई सुनिश्चित बनाने के साथ-साथ ग्रिड अनुशासन को कायम रखा जा सके।
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प्लांटों में सिर्फ दो दिन का स्टाक बाकी : वेनू प्रसाद
इससे पहले चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर ए. वेनू प्रसाद ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि देश भर में थर्मल प्लांट कोयले की कमी और कोयले की सप्लाई के संकट से गुजर रहे हैं। राज्य में प्राइवेट बिजली निर्माता (आईपीपी) के पास कोयले का स्टॉक दो दिन से भी कम बचा है, जिनमें नाभा पावर प्लांट (1.9 दिन), तलवंडी साबो प्लांट (1.3 दिन), जीवीके (0.6 दिन) और यह लगातार कम हो रहा है, क्योंकि कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा जरूरत के मुताबिक कोयले की सप्लाई नहीं की गई। पीएसपीसीएल के प्लांट, जिनमें गुरु गोबिंद सिंह सुपर थर्मल प्लांट रोपड़ और गुरु हरगोबिंद थर्मल प्लांट लहरा मोहब्बत शामिल हैं, के पास सिर्फ दो दिन का स्टॉक है। यह रोज कम हो रहा है। इन सभी प्लांटों के पास इंडिया की सहायक कंपनियों द्वारा फ्यूल सप्लाई समझौतों के अंतर्गत कोयले की सप्लाई दी जाती है, लेकिन इस समय पर सप्लाई जरूरी स्तर से भी बहुत कम है।
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