{"_id":"6acaa9c7f947972c090d9a04","slug":"anti-encroachment-drive-stalled-by-court-orders-encroachments-spread-across-the-city-again-panchkula-news-c-87-1-pan1011-142465-2026-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: कोर्ट के आदेशों से अटका अतिक्रमण हटाओ अभियान, शहर में फिर पसरे कब्जे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: कोर्ट के आदेशों से अटका अतिक्रमण हटाओ अभियान, शहर में फिर पसरे कब्जे
विज्ञापन
पंचकूला। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) का अतिक्रमण विरोधी अभियान अदालती निर्देशों के बाद रुक गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर विभाग ने शहर में करीब 2,000 अतिक्रमण चिह्नित कर सात दिन में हटाने के नोटिस दिए थे। कई लोगों ने ग्रिल और दीवारें खुद हटा ली थीं। हालांकि, कुछ लोगों की याचिकाओं के बाद अभियान रोक दिया गया। एचएसवीपी के एस्टेट ऑफिसर सुरिंदर लाठर ने इसकी पुष्टि की।
कार्रवाई रुकने के बाद कई जगह बर्म, फुटपाथ और खुली जमीन पर दोबारा कब्जे हो गए हैं। अस्थायी शेड बनने से पैदल यात्रियों को सड़क पर चलना पड़ रहा है। इससे एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है।
इसी साल जून में सुप्रीम कोर्ट ने फुटपाथ पर सुरक्षित चलने को पैदल यात्रियों का मौलिक अधिकार बताया था। इसके बावजूद शहर के कई सेक्टरों में फुटपाथ टूटे हैं या गायब हैं। कहीं कूड़ा और जंगली घास फैली है, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगों को परेशानी होती है।
विज्ञापन
क्या मिला सर्वे में
- 2,000 से ज्यादा अतिक्रमण चिह्नित
- बर्म पर लोहे की ग्रिल और गेट
- टो-वॉल और बाउंड्री वॉल का विस्तार
- ग्रीन बेल्ट पर झाड़ियां लगाकर कब्जा
- फुटपाथ पर अस्थायी शेड और कब्जे
अभियान क्यों रुका
- पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुआ था अभियान
- कुछ लोगों ने कोर्ट में दी चुनौती
- कोर्ट के निर्देश के बाद एचएसवीपी ने रोकी कार्रवाई
विज्ञापन
कार्रवाई रुकने के बाद कई जगह बर्म, फुटपाथ और खुली जमीन पर दोबारा कब्जे हो गए हैं। अस्थायी शेड बनने से पैदल यात्रियों को सड़क पर चलना पड़ रहा है। इससे एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है।
विज्ञापन
इसी साल जून में सुप्रीम कोर्ट ने फुटपाथ पर सुरक्षित चलने को पैदल यात्रियों का मौलिक अधिकार बताया था। इसके बावजूद शहर के कई सेक्टरों में फुटपाथ टूटे हैं या गायब हैं। कहीं कूड़ा और जंगली घास फैली है, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगों को परेशानी होती है।
विज्ञापन
क्या मिला सर्वे में
- 2,000 से ज्यादा अतिक्रमण चिह्नित
- बर्म पर लोहे की ग्रिल और गेट
- टो-वॉल और बाउंड्री वॉल का विस्तार
- ग्रीन बेल्ट पर झाड़ियां लगाकर कब्जा
- फुटपाथ पर अस्थायी शेड और कब्जे
अभियान क्यों रुका
- पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुआ था अभियान
- कुछ लोगों ने कोर्ट में दी चुनौती
- कोर्ट के निर्देश के बाद एचएसवीपी ने रोकी कार्रवाई