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मोबाइल लाइंस और टावरों पर निगम की सख्ती : तीन कंपनियों पर केस दर्ज करने के लिए पुलिस को दी शिकायत
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पंचकूला। मोबाइल लाइन और टॉवरों की फीस जमा नहीं कराने वाली कंपनियों के खिलाफ नगर निगम पूरी तरफ सक्रिय हो गई है। निगम ने ऐसी कंपनियों को चिह्नित कर उनके कनेक्शन काटने शुरू कर दिए हैं। करीब चार करोड़ का बकाया नहीं चुकाने पर नगर निगम की टीम ने बुधवार को सेक्टर-21 में सात ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) की लाइन काटकर उन्हें सील कर दिया है। कनेक्शन काटी जाने वाली कंपनियों में कनेक्ट, क्वाड्रेंट टेलीवेंचर, नेट प्लस, वन फाइबर, बीएसएनएल, जियो, टेलीसॉनिक शामिल हैं।
इसके अलावा नगर निगम ने टेलीसोनिक, कनेक्ट और वन फाइबर के खिलाफ पुलिस को शिकायत देकर केस दर्ज करने को कहा है। नगर निगम के आयुक्त विरेंद्र लाठर ने बताया कि निगम ने इन कंपनियों को कई बार नोटिस दिया, ताकि वे अपने ड्यूज को जमा करवाकर अवैध ढांचा हटा लें, या फिर प्रार्थना पत्र देकर नियमानुसार नगर निगम से अनुमति ले लें। इसके बाद भी कंपनियों ने नगर निगम को करोड़ों रुपये का भुगतान नहीं किया। उन्होंने बताया कि बीते दिनों जियो के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। इसके बाद अब सेक्टर-21 में करवाई की गई है। यहां भी तीन और कंपनियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत देकर मामला दर्ज करने को कहा है।
बिना अनुमति जोड़ लिया कनेक्शन, निगम सख्त
कुछ दिन पहले निगम की टीम ने शहर में मोबाइल लाइन और टॉवरों की फीस जमा नहीं करवाने वाली कंपनियों के कनेक्शन काटे थे। नगर निगम ने इन कंपनियों से कहा था कि यदि बकाया राशि जमा करवाए बिना लाइन जोड़ी तो ऐसे कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया जाएगा। विरेंद्र लाठर ने बताया कि टेलीसोनिक, कनेक्ट, वन फाइबर ने बकाया दिए बिना ही अपनी लाइन को जोड़ दिया था। इस कारण इनके खिलाफ मामला पुलिस को मामला दर्ज करने को लिखा गया है। विरेंद्र लाठर ने कहा कि किसी भी सूरत में डिफॉल्टर्स को बख्शा नहीं जाएगा और ओवर हेड अवैध कनेक्शन काटे जाएंगे।
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कंपनियों के लाइसेंस की पड़ताल जरूरी
निगम आयुक्त ने कहा कि कंपनी वाले जनता को सुविधाएं देने की आड़ में अवैध तरीके से अपना नेटवर्क चला रहे हैं। इस तरह किसी भी कंपनी को मनमानी नहीं करने दिया जाएगा और कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया है कि जब भी वे अपने घरों में नेट कनेक्शन के लिए अप्लाई करें तो यह सुनिश्चित कर लें कि उनके पास नगर निगम का लाइसेंस है भी या नहीं।
उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों का बकाया पेंडिंग है, उनसे अनुरोध है कि वे तुरंत प्रभाव से नगर निगम में अपना बकाया जमा करवाएं और जिस भी कंपनी द्वारा आज तक कोई परमिशन नगर निगम से नहीं ली गई है, तो वह कंपनी भी तुरंत अनुमति ले लें क्योंकि निगम का यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों की लाइन काटी गई है, उन्होंने भी यदि बिना अनुमति के लाइन को जोड़ा है, तो उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई कंपनी ऐसा करती है तो भविष्य में उनके लाइसेंस भी निरस्त कर दिए जाएंगे।
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इसके अलावा नगर निगम ने टेलीसोनिक, कनेक्ट और वन फाइबर के खिलाफ पुलिस को शिकायत देकर केस दर्ज करने को कहा है। नगर निगम के आयुक्त विरेंद्र लाठर ने बताया कि निगम ने इन कंपनियों को कई बार नोटिस दिया, ताकि वे अपने ड्यूज को जमा करवाकर अवैध ढांचा हटा लें, या फिर प्रार्थना पत्र देकर नियमानुसार नगर निगम से अनुमति ले लें। इसके बाद भी कंपनियों ने नगर निगम को करोड़ों रुपये का भुगतान नहीं किया। उन्होंने बताया कि बीते दिनों जियो के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। इसके बाद अब सेक्टर-21 में करवाई की गई है। यहां भी तीन और कंपनियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत देकर मामला दर्ज करने को कहा है।
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बिना अनुमति जोड़ लिया कनेक्शन, निगम सख्त
कुछ दिन पहले निगम की टीम ने शहर में मोबाइल लाइन और टॉवरों की फीस जमा नहीं करवाने वाली कंपनियों के कनेक्शन काटे थे। नगर निगम ने इन कंपनियों से कहा था कि यदि बकाया राशि जमा करवाए बिना लाइन जोड़ी तो ऐसे कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया जाएगा। विरेंद्र लाठर ने बताया कि टेलीसोनिक, कनेक्ट, वन फाइबर ने बकाया दिए बिना ही अपनी लाइन को जोड़ दिया था। इस कारण इनके खिलाफ मामला पुलिस को मामला दर्ज करने को लिखा गया है। विरेंद्र लाठर ने कहा कि किसी भी सूरत में डिफॉल्टर्स को बख्शा नहीं जाएगा और ओवर हेड अवैध कनेक्शन काटे जाएंगे।
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कंपनियों के लाइसेंस की पड़ताल जरूरी
निगम आयुक्त ने कहा कि कंपनी वाले जनता को सुविधाएं देने की आड़ में अवैध तरीके से अपना नेटवर्क चला रहे हैं। इस तरह किसी भी कंपनी को मनमानी नहीं करने दिया जाएगा और कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया है कि जब भी वे अपने घरों में नेट कनेक्शन के लिए अप्लाई करें तो यह सुनिश्चित कर लें कि उनके पास नगर निगम का लाइसेंस है भी या नहीं।
उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों का बकाया पेंडिंग है, उनसे अनुरोध है कि वे तुरंत प्रभाव से नगर निगम में अपना बकाया जमा करवाएं और जिस भी कंपनी द्वारा आज तक कोई परमिशन नगर निगम से नहीं ली गई है, तो वह कंपनी भी तुरंत अनुमति ले लें क्योंकि निगम का यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों की लाइन काटी गई है, उन्होंने भी यदि बिना अनुमति के लाइन को जोड़ा है, तो उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई कंपनी ऐसा करती है तो भविष्य में उनके लाइसेंस भी निरस्त कर दिए जाएंगे।