कैप्टन बोले- सभी गांवों में 2022 तक पाइप से होगी पानी की आपूर्ति, अभी 50 फीसदी घरों में ही कनेक्शन
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा है कि साल 2022 तक पंजाब सभी ग्रामीण घरों को पाइपों के जरिये 100 प्रतिशत पेयजल कनेक्शन मुहैया करवाने को तैयार है। इनमें से 50 प्रतिशत घरों में पहले ही व्यक्तिगत घरेलू कनेक्शन पहुंच चुके हैं। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंदर सिंह शेखावत के साथ वीडियो कॉन्फ्रेस के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अप्रैल 2020 तक 1634 ढाणियों में से 477 में पीने का साफ पानी मुहैया करवाया जा चुका है।
पंजाब सरकार का लक्ष्य मार्च 2022 तक ग्रामीण क्षेत्र के हर घर को पाइप द्वारा कनेक्शन मुहैया करवाना है। यह केंद्र सरकार द्वारा घोषित जल जीवन मिशन से भी पहले होगा। इस दिशा में राज्य के प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने ट्रीटमेंट प्लांटों के साथ-साथ शुद्धीकरण साधनों पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने की मांग की, ताकि जल जीवन मिशन की योजनाओं को लंबे समय तक टिकाऊ बनाया जा सके।
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उन्होंने बताया कि ट्रीटमेंट प्लांटों को हर 2-3 सालों में बदलने की जरूरत होगी। कैप्टन ने केंद्रीय मंत्री को तटीय क्षेत्र के 1449 गांवों को ‘पहाड़ी क्षेत्र’ के तौर पर मान्यता देने की मांग की, ताकि जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्माण के लिए लाभपात्री का हिस्सा 10 प्रतिशत से घटकर 5 प्रतिशत रह जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी बहुत जरूरी है कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य की तरफ से अपने हिस्से के तौर पर डाले जाने वाले योगदान के लिए केंद्र सरकार नाबार्ड और अन्य बहु -समर्थक एजेंसियों से पैसा दिलाने में राज्य की मदद करे।
अब तक 17.48 लाख घरों तक पाइप से पहुंचा पानी
पंजाब में पाइपों से पानी की सप्लाई की हालत पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 अप्रैल, 2020 तक 17.48 लाख घरों को स्कीम के अंतर्गत कवर किया जा चुका है। बाकी 1759542 घरों में से 760000 को 2020 -21 में कवर करने का प्रस्ताव है और 2021 -22 में शेष घर कवर कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बाशिंदों के लिहाज के साथ राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में 92 फीसदी निवासियों को पाइप के जरिये जल सप्लाई के नेटवर्क के अंतर्गत कवर किया जा चुका है और 50 फीसदी ग्रामीण घरों को व्यक्तिगत पानी सप्लाई कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 70 लीटर पानी की व्यवस्था
राज्य में जल सप्लाई सेवाओं के मापदंडों के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 70 लीटर पानी और रोज 10 घंटे सप्लाई को निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि कई गांव ऐसे भी हैं, जहां हफ्ते के सातों दिन 24 घंटे सप्लाई का लक्ष्य पूरा किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल 8240 स्कीमों में से 4351 जल सप्लाई स्कीमों का प्रबंध ग्राम पंचायत जल सप्लाई और सैनिटेशन कमेटियों की तरफ से देखा जा रहा है और 2770 स्कीमों को चलाने के लिए वित्तीय साधन इनकी तरफ से खुद जुटाए जाते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपों के जरिये जल सप्लाई स्कीमों को चलाने और रख -रखाव के लिए वित्तीय साधन जुटाने को यकीनी बनाने के लिए डीडब्ल्यूएसएस द्वारा चलाई जा रही जल सप्लाई स्कीमों के लिए प्रति घर प्रति महीना 135 रुपए भुगतान वसूल किया जाता है। साल 2019 -20 के दौरान उपयोग चार्जों के तौर पर कुल 92 करोड़ रुपए एकत्रित किये गए थे, जिनका प्रयोग बिजली के बिलों की अदायगी और जल सप्लाई स्कीमों के रख-रखाव पर 75:25 की दर के साथ की गई।