फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Built a gas based crematorium by spending lakhs, but did not get started

धूल फांक रहा लाखो की लागत से बना गैस आधारित शवदाह ग्रह

Thu, 25 Aug 2022 01:15 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 25 Aug 2022 01:15 AM IST
विज्ञापन
Built a gas based crematorium by spending lakhs, but did not get started
कालका। प्रशासन के गैर जिम्मेदाराना रवैये के कारण शहर के श्मशानघाट में लाखों की लागत से बनाया गया गैस आधारित शवदाह गृह धूल फांक रहा है। नगर परिषद उक्त शवदाह ग्रह को बनाने के बाद इसकी सुध लेना ही भूल गया है। इस कारण करीब एक साल से बने इस गैस आधारित शवदाह गृह का शटर बंद पड़ा है। बता दें कि इस शव दाह गृह का निर्माण करीब 70 लाख रुपये की लागत से किया गया था। लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द गैस आधारित इस शवदाह गृह को शुरू किया जाए ताकि जरूरतमंदों को इसका लाभ मिल सके। इसके शुरू होने से जहां लकड़ियों की जरूरत कम होगी, वहीं प्रदूषण फैलने पर भी अंकुश लगेगा।
विज्ञापन

लकड़ियों की निर्भरता होगी खत्म
शहर के श्मशानघाट में दूसरी ओर इसका निर्माण किया गया था। जब इसका निर्माण किया जा रहा था तब अधिकारियों ने बताया था कि इस शवदाह गृह में एलपीजी गैस का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके चलते पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ संस्कार के लिए लकड़ियों की निर्भरता भी खत्म हो जाएगी। साथ ही लोगों को शवदाह के लिए अतिरिक्त विकल्प भी मिल सकेगा। इससे अंतिम संस्कार में समय और धन की भी बचत होगी। बता दें कि आमतौर पर एक शव के अंतिम संस्कार में लकड़ी और अन्य सामान सहित पांच से छह हजार रुपये का खर्च आता है। गैस आधारित शवदाह ग्रह के जरिये अंतिम संस्कार करने पर लकड़ी का खर्चा बचने पर खर्च कम आएगा। औसतन एक शव के लिए चार क्विंटल लकड़ी की आवश्यकता होती है। बरसात और सर्दी में लकड़ी गिली होने के चलते भी कई बार अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गैस आधारित शव दाह ग्रह में शव की अंत्येष्टि में समय भी कम खर्च होता है।
विज्ञापन

क्या बोले लोग
ताला लटकाने का कोई औचित्य नहीं
शहर के श्मशानघाट में बनाए गए गैस आधारित शवदाह गृह को जल्द से जल्द शुरू कर देना चाहिए। प्रशासन की ओर से इस पर लाखों रुपये खर्च करके इसे अभी तक बंद रखने का कोई औचित्य नहीं बनता। गैस आधारित शवदाह गृह चालू होने से लोगों के पास एक अन्य विकल्प भी हो जाएगा, साथ ही जरूरतमंदों को इसका फायदा मिलेगा। -संतोष शर्मा, स्थानीय निवासी।
विज्ञापन
विज्ञापन

बंद रखना प्रशासन पर प्रश्न चिन्ह
शहर के गैस आधारित शवदाह गृह को बनाए हुए काफी लंबा समय बीत जाने के बाद भी इसे शुरू नहीं किया गया है। जो कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक प्रश्न चिन्ह लगा रहा है। नगर परिषद के चेयरमैन को चाहिए कि जल्द से जल्द गैस आधारित इस शवदाह गृह को शुरू करवाया जाए। -प्रिंस शर्मा, स्थानीय निवासी।
कोट
शहर के लोगों के जनहित को देखते हुए शवदाह गृह को शुरू करवाने के लिए नगर परिषद के प्रधान के साथ बैठक की जाएगी। इस मुद्दे पर बातचीत करके गैस आधारित शवदाह गृह को जल्द से जल्द शुरू करवा दिया जाएगा। इसके शुरू होने पर प्रदूषण फैलने से रोका जा सकेगा। -निशा शर्मा, ईओ नगर परिषद कालका

कोट्स
यह मामला मेरे संज्ञान में आ गया है, इतना पैसा लगाने के बाद भी अभी तक गैस आधारित शवदाह गृह को शुरू क्यों नहीं करवाया गया है। इस बारे में नगर परिषद के अधिकारियों के साथ बात की जाएगी। इसके लिए जो भी जरूरत होगी उसे पूरा करके जल्द से जल्द गैस आधारित शवदाह गृह को शुरू करवाने का काम किया जाएगा। जिससे लोगों को इसका लाभ मिल सके। -कृष्ण लाल लांबा, चेयरमैन नगर परिषद कालका
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed