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Panchkula News: दस साल पहले बिल्डिंग कंडम घोषित, बरामदे और एक कमरे में चल रहीं दो कक्षाएं
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पंचकूला। राजकीय प्राथमिक पाठशाला खड़क मंगोली में सुविधाओं के दावे भले ही किए जा रहे हैं, लेकिन बच्चों के बैठने के लिए कमरे और खेल के मैदान की सुविधा नहीं मिल रही है। आलम यह है कि स्कूल की बनी दूसरी बिल्डिंग के एक कमरे में ही तीसरी और चौथी कक्षा के बच्चे पढ़ रहे हैं। बरामदे में पांचवीं और तीसरी सेक्शन के बच्चों की कक्षाएं लग रही हैं। वहीं, ऊपर बनी बिल्डिंग में बच्चोंं के दो सेक्शन चलाए जा रहे हैं। कमरे कम होने के कारण बच्चों को सटकर बैठना पड़ रहा है। इस तरह से 374 बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। स्कूल में सुबह 8 से दोपहर बाद 2.30 बजे तक कक्षाएं चलती हैं।
स्कूल के लिए बनाई जाने वाली मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का प्रपोजल वर्ष 2016 में बनाया गया था, लेकिन पास नहीं हो पाया है। इस कारण इस तरह के हालात बने हुए हैं। स्कूल में बनी पुरानी बिल्डिंग दस साल पहले कंडम घोषित की जा चुकी है, लेकिन अभी तक समस्या का निदान नहीं हो पाया है। स्कूल में अभी 12 शिक्षकों की तैनाती है। मिड डे मील मेन्यू के हिसाब से रोज बनता है। यह इमारत 1983 में शिक्षा विभाग ने बनाई थी और इसके देखभाल का जिम्मा शिक्षा विभाग के पास ही है। अभी तक इसे बनाए नहीं जाने के कारण विद्यार्थी खराब हालात में पढ़ाई कर रहे हैं।
बॉक्स
कंडम बिल्डिंग के बाद कुछ भी नहीं हुआ
राजकीय प्राथमिक पाठशाला खड़क मंगोली की हेड मास्टर रक्षा देवी ने बताया कि बिल्डिंग खराब होने के बाद पीडब्ल्यूडी और शिक्षा विभाग को बिल्डिंग के कंडम होेने की जानकारी वर्ष 2015 में दी गई। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने सर्वे कर बिल्डिंग को कंडम घोषित कर दिया। नई मल्टी स्टोरी बिल्डिंग के प्रपोजल की बात हुई। इसके बाद यह बिल्डिंग नहीं बनाई गई। स्कूल के लिए साल मेंं आए बजट से कुछ बिल्डिंग के हिस्से बनाए गए। इसके बाद इसी पर क्लास चलाई जा रही है। कमरे नहीं होने से परेशानी बनी हुई है।
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बिल्डिंग बनाए जाने का प्रपोजल भेजा
शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल की बिल्डिंग बनाए जाने का प्रपोजल भेजा गया है। अभी तक स्कूल की मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनने का प्रपोजल पास नहीं हो पाया है। इस बिल्डिंग में जल्द ही सर्वे करवाकर एस्टीमेट बनवाकर कमरे बनाए जाएंगे। -संध्या मलिक, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पंचकूला शिक्षा विभाग
कोट--
शिक्षा विभाग की ओर से जानकारी दिए जाने पर पाठशाला की बिल्डिंग का सर्वे पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से किया गया था। इसे पीडब्ल्यूडी ने कंडम घोषित की है। इस बिल्डिंग को शिक्षा विभाग बनाएगा। -आशीष चौहान, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी विभाग, पंचकूला
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स्कूल के लिए बनाई जाने वाली मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का प्रपोजल वर्ष 2016 में बनाया गया था, लेकिन पास नहीं हो पाया है। इस कारण इस तरह के हालात बने हुए हैं। स्कूल में बनी पुरानी बिल्डिंग दस साल पहले कंडम घोषित की जा चुकी है, लेकिन अभी तक समस्या का निदान नहीं हो पाया है। स्कूल में अभी 12 शिक्षकों की तैनाती है। मिड डे मील मेन्यू के हिसाब से रोज बनता है। यह इमारत 1983 में शिक्षा विभाग ने बनाई थी और इसके देखभाल का जिम्मा शिक्षा विभाग के पास ही है। अभी तक इसे बनाए नहीं जाने के कारण विद्यार्थी खराब हालात में पढ़ाई कर रहे हैं।
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कंडम बिल्डिंग के बाद कुछ भी नहीं हुआ
राजकीय प्राथमिक पाठशाला खड़क मंगोली की हेड मास्टर रक्षा देवी ने बताया कि बिल्डिंग खराब होने के बाद पीडब्ल्यूडी और शिक्षा विभाग को बिल्डिंग के कंडम होेने की जानकारी वर्ष 2015 में दी गई। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने सर्वे कर बिल्डिंग को कंडम घोषित कर दिया। नई मल्टी स्टोरी बिल्डिंग के प्रपोजल की बात हुई। इसके बाद यह बिल्डिंग नहीं बनाई गई। स्कूल के लिए साल मेंं आए बजट से कुछ बिल्डिंग के हिस्से बनाए गए। इसके बाद इसी पर क्लास चलाई जा रही है। कमरे नहीं होने से परेशानी बनी हुई है।
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बिल्डिंग बनाए जाने का प्रपोजल भेजा
शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल की बिल्डिंग बनाए जाने का प्रपोजल भेजा गया है। अभी तक स्कूल की मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनने का प्रपोजल पास नहीं हो पाया है। इस बिल्डिंग में जल्द ही सर्वे करवाकर एस्टीमेट बनवाकर कमरे बनाए जाएंगे। -संध्या मलिक, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पंचकूला शिक्षा विभाग
कोट
शिक्षा विभाग की ओर से जानकारी दिए जाने पर पाठशाला की बिल्डिंग का सर्वे पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से किया गया था। इसे पीडब्ल्यूडी ने कंडम घोषित की है। इस बिल्डिंग को शिक्षा विभाग बनाएगा। -आशीष चौहान, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी विभाग, पंचकूला