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भाकियू ने हरियाणा में तीन घंटे तक बंद कराए टोल, गेहूं पर 500 रुपये बोनस की मांग
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चंडीगढ़। केंद्र सरकार से गेहूं पर 500 रुपये बोनस की मांग को लेकर हरियाणा में किसान एक बार फिर आंदोलन खड़ा करने की तैयारी में हैं। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) चढूनी के आह्वान पर किसानों ने शनिवार को अंबाला, करनाल, पानीपत, सोनीपत, सिरसा, हिसार समेत प्रदेश के अन्य स्थानों पर तीन घंटे टोल फ्री करा दिया। उन्होंने सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक वाहनों को निशुल्क निकलवाया। इससे एनएचएआई को 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। वहीं, भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने चेताया कि अगर सरकार ने मांग नहीं मानी तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।
जीटी रोड पर अंबाला में शंभु बार्डर, करनाल में बसताड़ा, पानीपत और सोनीपत टोल पर सुबह से ही किसान पहुंचना शुरू हो गए। सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक किसानों ने जबरदस्ती टोल को फ्री कराया। हालांकि, किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पूरे प्रदेश में टोल फ्री आंदोलन शांतिपूर्ण रहा।
औसतन रोज 50 हजार वाहन गुजरते हैं जीटी रोड से
जीटी रोड पर रोजाना औसतन 50 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। अनुमान है कि केवल जीटी रोड पर ही एनएचएआई को 20 लाख रुपये से अधिक का राजस्व नुकसान हुआ है। इसी प्रकार, फतेहाबाद, सिरसा, रोहतक समेत हरियाणा के अन्य जिलों में स्थित टोल के हालात रहे। हिसार और जींद में आंदोलन का कम प्रभाव दिखा। एनएनएआई के अधिकारियों का कहना है कि अभी नुकसान का आंकलन 50 लाख रुपये से अधिक का है।
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किसान आंदोलन में हुआ था 1319 करोड़ का नुकसान
तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चले किसान आंदोलन के दौरान पंजाब और हरियाणा में एक साल से अधिक टोल बंद रहे थे। इससे एनएचएआई हरियाणा से 1319 करोड़ और पंजाब से 1269 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
कोट्
इस बार गेहूं का उत्पादन कम हुआ है। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इसलिए केंद्र सरकार किसानों को प्रति क्विंटल 500 रुपये बोनस देकर घाटे को पूरा करे। अगर मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन के लिए आगामी रूपरेखा तैयार की जाएगी।
गुरनाम सिंह चढूनी, प्रदेशाध्यक्ष, भाकियू
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जीटी रोड पर अंबाला में शंभु बार्डर, करनाल में बसताड़ा, पानीपत और सोनीपत टोल पर सुबह से ही किसान पहुंचना शुरू हो गए। सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक किसानों ने जबरदस्ती टोल को फ्री कराया। हालांकि, किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पूरे प्रदेश में टोल फ्री आंदोलन शांतिपूर्ण रहा।
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औसतन रोज 50 हजार वाहन गुजरते हैं जीटी रोड से
जीटी रोड पर रोजाना औसतन 50 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। अनुमान है कि केवल जीटी रोड पर ही एनएचएआई को 20 लाख रुपये से अधिक का राजस्व नुकसान हुआ है। इसी प्रकार, फतेहाबाद, सिरसा, रोहतक समेत हरियाणा के अन्य जिलों में स्थित टोल के हालात रहे। हिसार और जींद में आंदोलन का कम प्रभाव दिखा। एनएनएआई के अधिकारियों का कहना है कि अभी नुकसान का आंकलन 50 लाख रुपये से अधिक का है।
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किसान आंदोलन में हुआ था 1319 करोड़ का नुकसान
तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चले किसान आंदोलन के दौरान पंजाब और हरियाणा में एक साल से अधिक टोल बंद रहे थे। इससे एनएचएआई हरियाणा से 1319 करोड़ और पंजाब से 1269 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
कोट्
इस बार गेहूं का उत्पादन कम हुआ है। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इसलिए केंद्र सरकार किसानों को प्रति क्विंटल 500 रुपये बोनस देकर घाटे को पूरा करे। अगर मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन के लिए आगामी रूपरेखा तैयार की जाएगी।
गुरनाम सिंह चढूनी, प्रदेशाध्यक्ष, भाकियू