{"_id":"6152217f8ebc3eb5c85759c0","slug":"bharat-bandh-silence-on-the-highway-markets-openly-missing-roadways-buses-did-not-run-five-trains-including-three-shatabdi-canceled-one-thousand-police-personnel-stationed-at-40-points-pkl-office-news-pkl4282325132","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत बंद: हाईवे पर सन्नाटा, बाजार खुले-रौनक गायब, रोडवेज की बसें नहीं चलीं, तीन शताब्दी समेत पांच ट्रेनें रद्द, 40 नाकों पर तैनात रहे पुलिस के एक हजार जवान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारत बंद: हाईवे पर सन्नाटा, बाजार खुले-रौनक गायब, रोडवेज की बसें नहीं चलीं, तीन शताब्दी समेत पांच ट्रेनें रद्द, 40 नाकों पर तैनात रहे पुलिस के एक हजार जवान
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पंचकूला। भारतीय किसान यूनियन और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारत बंद के कारण जिले की सड़कों पर सोमवार को दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। कृषि कानूनों के विरोध में कालका-शिमला हाईवे पर पिंजौर-चंडीमंदिर टोल प्लाजा, पंचकूला-यमुनानगर मार्ग पर जलौली टोल प्लाजा के अलावा अन्य संपर्क मार्गों पर जाम लगाने से यातायात पूरी तरह ठप रहा। किसानों ने ट्रैक्टर अड़ाकर जाम लगा रखा था। लोगों को जाम खुलवाने के लिए किसान नेताओं से बहस करते देखा गया।
अनेक लोग अस्पताल का कार्ड दिखाकर जाने की गुहार लगाते देखे गए। जिले में बाजार खुले रहे लेकिन बाजारों में चहल-पहल अन्य दिनों की अपेक्षा कम थी। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर 40 नाकों पर करीब एक हजार जवानों को तैनात किया था। बंद के मद्देनजर हरियाणा रोडवेज पंचकूला डिपो से लंबी और स्थानीय दूरी की सभी 70 बसों का संचालन बंद रहा। इसके अलावा तीन शताब्दी और दो एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस की एडवाइजरी का लोगों ने पालन किया। लोग हाईवे पर कम ही निकले। कालका, बरवाला, रायपुररानी, पिंजौर और मोरनी में बंद का असर कम ही देखने को मिला।
पंचकूला से लगते राष्ट्रीय राजमार्ग पंचकूला-यमुनानगर (एनएच-344), जीरकपुर-कालका शिमला हाईवे (एनएच-5), पिंजौर-नालागढ (एनएच-21 ए) और अन्य छोटे-बड़े मार्गों पर किसानों ने जाम लगाया। इससे यातायात बाधित रहा और भारी वाहन सड़कों पर नजर नहीं आए। जाम के हालात सुबह 6 से शाम 4 बजे तक बने रहे। डीसीपी मोहित हांडा ने बताया कि सभी नागरिकों को पहले सूचित किया गया था। इस कारण जाम के हालात नहीं बने। पुलिस की तरफ से नाके लगाकर सभी जगह शांति व्यवस्था बनाई थी। किसानों के आंदोलन को देखते हुए नागरिक और पुलिस प्रशासन की तरफ से यात्रियों के लिए व्यापक प्रबंध थे। हरियाणा रोडवेज पंचकूला के जीएम विनेश कुमार के अनुसार बंद की वजह से 70 बसों का परिचालन नहीं हो पाया। इससे रोडवेज को करीब 1.20 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
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यहां से ट्रैफिक हुआ डायवर्ट
पिंजौर से पंचकूला आने वाला ट्रैफिक चंडीगढ़ बद्दी सड़क की तरफ डायवर्ट किया गया ताकि चंडीगढ़ से लोग पंचकूला और मोहाली जा सकें। मौली साइड से त्रिलोकपुर, मट्टांवाला साइड ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। पिंजौर से पंचकूला आने के लिए थापली, मांदना से होकर नाडा गांव की तरफ ट्रैफिक रवाना किया गया था। कालका-जीरकपुर हाईवे पर चंडीमंदिर टोल, ओल्ड पंचकूला, सेक्टर-20 फ्लाईओवर पर किसानों ने रास्ता बंद किया था। पंचकूला-बरवाला हाईवे पर नग्गल टोल, कोट फ्लाईओवर का रास्ता भी बंद था। पिंजौर-नालागढ़ हाईवे को किसानों ने बंद किया था।
हाईवे में जाम को लेकर एडवाइजरी जारी की गई थी। इसलिए लोग घरों से कम निकले। पुलिस की तरफ से शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जगह पैनी नजर रखी गई। लोगों ने इन रूटों पर सफर नहीं किया। पुलिस की तरफ सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। - मोहित हांडा, पुलिस उपायुक्त, पंचकूला।
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अनेक लोग अस्पताल का कार्ड दिखाकर जाने की गुहार लगाते देखे गए। जिले में बाजार खुले रहे लेकिन बाजारों में चहल-पहल अन्य दिनों की अपेक्षा कम थी। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर 40 नाकों पर करीब एक हजार जवानों को तैनात किया था। बंद के मद्देनजर हरियाणा रोडवेज पंचकूला डिपो से लंबी और स्थानीय दूरी की सभी 70 बसों का संचालन बंद रहा। इसके अलावा तीन शताब्दी और दो एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस की एडवाइजरी का लोगों ने पालन किया। लोग हाईवे पर कम ही निकले। कालका, बरवाला, रायपुररानी, पिंजौर और मोरनी में बंद का असर कम ही देखने को मिला।
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पंचकूला से लगते राष्ट्रीय राजमार्ग पंचकूला-यमुनानगर (एनएच-344), जीरकपुर-कालका शिमला हाईवे (एनएच-5), पिंजौर-नालागढ (एनएच-21 ए) और अन्य छोटे-बड़े मार्गों पर किसानों ने जाम लगाया। इससे यातायात बाधित रहा और भारी वाहन सड़कों पर नजर नहीं आए। जाम के हालात सुबह 6 से शाम 4 बजे तक बने रहे। डीसीपी मोहित हांडा ने बताया कि सभी नागरिकों को पहले सूचित किया गया था। इस कारण जाम के हालात नहीं बने। पुलिस की तरफ से नाके लगाकर सभी जगह शांति व्यवस्था बनाई थी। किसानों के आंदोलन को देखते हुए नागरिक और पुलिस प्रशासन की तरफ से यात्रियों के लिए व्यापक प्रबंध थे। हरियाणा रोडवेज पंचकूला के जीएम विनेश कुमार के अनुसार बंद की वजह से 70 बसों का परिचालन नहीं हो पाया। इससे रोडवेज को करीब 1.20 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
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यहां से ट्रैफिक हुआ डायवर्ट
पिंजौर से पंचकूला आने वाला ट्रैफिक चंडीगढ़ बद्दी सड़क की तरफ डायवर्ट किया गया ताकि चंडीगढ़ से लोग पंचकूला और मोहाली जा सकें। मौली साइड से त्रिलोकपुर, मट्टांवाला साइड ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। पिंजौर से पंचकूला आने के लिए थापली, मांदना से होकर नाडा गांव की तरफ ट्रैफिक रवाना किया गया था। कालका-जीरकपुर हाईवे पर चंडीमंदिर टोल, ओल्ड पंचकूला, सेक्टर-20 फ्लाईओवर पर किसानों ने रास्ता बंद किया था। पंचकूला-बरवाला हाईवे पर नग्गल टोल, कोट फ्लाईओवर का रास्ता भी बंद था। पिंजौर-नालागढ़ हाईवे को किसानों ने बंद किया था।
हाईवे में जाम को लेकर एडवाइजरी जारी की गई थी। इसलिए लोग घरों से कम निकले। पुलिस की तरफ से शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जगह पैनी नजर रखी गई। लोगों ने इन रूटों पर सफर नहीं किया। पुलिस की तरफ सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। - मोहित हांडा, पुलिस उपायुक्त, पंचकूला।