फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Bharat and Sammi kept suffering on the road for an hour after collision with car

Panchkula News: कार से टक्कर के बाद एक घंटे सड़क पर तड़पते रहे भरत और सम्मी

Sun, 02 Feb 2025 01:33 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 02 Feb 2025 01:33 AM IST
विज्ञापन
Bharat and Sammi kept suffering on the road for an hour after collision with car
मृतक के परिजन शेाक प्रकट करते हुए। संवाद
पंचकूला। ओल्ड पंचकूला की लाइटों पर वीरवार की देर रात कार के साथ हुई जोरदार टक्कर के बाद ऑटो चालक समेत दो घायल एक घंटे तक सड़क पर तड़पते रहे। हादसे में जहां तीन लोग घायल हो गए थे, वहीं कार सवार फरार हो गया था। परिजनों के अनुसार करीब एक घंटे बाद घायलों को चंडीगढ़ पीजीआई में दाखिल करवाया।
विज्ञापन

वहां डाक्टरों ने बीड़ घग्गर निवासी भरत और सम्मी को मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि वीडियो फुटेज में दिखाई दे रहा है कि पुलिस वाले अगर समय से इलाज के लिए घायलों को अस्पताल लेकर पहुंच जाते तो मौत नहीं होती। समय से इलाज नहीं मिलने की वजह से भरत और सम्मी की मौत हुई है। सेक्टर-7 पुलिस ने कार चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन


अंधे पिता और बुजुर्ग मां का सहारा था सम्मी
बड़ी घग्गर निवासी सम्मी की मां बिंदर ने बताया कि बेटा सम्मी ही एक इकलौता सहारा था। बड़ा बेटा ही घर का खर्च उठाता था। छोटा भाई कोई काम नहीं करता है, पति राजकुमार को दिखाई नहीं देता है। इस वजह से वह दस साल से कोई काम नहीं करता है। बेटा ही मजदूरी करके घर का खर्च चलाता था। दोनों पैरों में तकलीफ होने की वजह से कोठी पर काम करना भी बंद कर दिया था। बेटे की मौत पर बुजुर्ग मां का रो-रो कर बुरा हाल है। चाची बेबी ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद पुलिस पहुंच गई थी, लेकिन समय पर इलाज के लिए अस्पताल नहीं पहुंचाया। घटनास्थल में वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक्सीडेंट के बाद पुलिस खड़ी होकर सड़क पर पड़े घायलों को देखती रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


दो बच्चों का पिता है भरत
बीड़ घग्गर निवासी मृतक के चचेरे भाई दीपक ने बताया कि भरत के दो बच्चे हैं। आठ साल का बेटा युवराज और चार साल की छोटी बेटी गुड़िया है। पिता के देहांत के बाद वह घर का खर्च ऑटो चलाकर उठाता था। बेटे की मौत होने से पूरा परिवार शोक में डूबा है। भरत की अस्थी लेकर बड़ा भाई, पत्नी, दोनों बच्चे और मां हरिद्वार गए हैं। दीपक का आरोप है कि अगर एक्सीडेंट के बाद समय से पुलिस वाले अस्पताल पहुंचा देते तो जान बच सकती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed