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लोगों के आशियानों की बैंक और वित्तीय संस्थान 15 सितंबर तक नहीं कर सकेंगे नीलामी
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चंडीगढ़। कोरोना संक्रमण के प्रकोप के बीच हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ के लोगों के लिए राहत भरे फैसले की मियाद को 15 दिन और बढ़ाते हुए 15 सितंबर तक लोगों के आशियाने को नीलाम न करने का बैंकों और वित्तीय संस्थानों को हाईकोर्ट ने आदेश दिया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के इस आदेश का लाभ व्यापारिक संस्थानों, गोल्ड लोन व कार लोन की स्थिति में लोगों को नहीं मिलेगा।
कोरोना के चलते पैदा हुई गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने इसका संज्ञान लिया था और 28 अप्रैल को आदेश जारी कर कहा था कि फिलहाल बैंक व वित्तीय संस्थान कर्ज न लौटा पाने वालों की संपत्ति को 31 अगस्त तक नीलाम न करें। इसके बाद वित्तीय संस्थानों और बैंकों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा कि कोर्ट का आदेश मासूम लोगों को बचाने के लिए था, लेकिन इसका फायदा डिफाल्टर उठा रहे हैं। इसके चलते बैंक अपने कर्ज की वसूली नहीं कर पा रहे हैं। बैंकों ने हाईकोर्ट से अपील की कि इस आदेश में संशोधन किया जाए ताकि बैंक दी गई राशि की वसूली कर सकें। बैंकों ने कहा कि जहां यह आदेश आम लोगों के लिए राहत साबित हो रहा है वहीं यह बैंक और वित्तीय संस्थानों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गया है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में संशोधन करते हुए बैंकों को व्यापारिक संस्थानों, कार लोन और गोल्ड लोन डिफाल्टरों से वसूली की छूट दे दी थी। अब हाईकोर्ट में कोर्ट का सहयोग कर रहे वकील ने कहा कि देश ही नहीं दुनिया भर में कोरोना के चलते हालात बद से बदतर हैं और ऐसे में आदेश की मियाद को बढ़ाया जाना चाहिए। इसके बाद हाईकोर्ट ने मियाद को 15 सितंबर तक बढ़ा दिया है।
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कोरोना के चलते पैदा हुई गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने इसका संज्ञान लिया था और 28 अप्रैल को आदेश जारी कर कहा था कि फिलहाल बैंक व वित्तीय संस्थान कर्ज न लौटा पाने वालों की संपत्ति को 31 अगस्त तक नीलाम न करें। इसके बाद वित्तीय संस्थानों और बैंकों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा कि कोर्ट का आदेश मासूम लोगों को बचाने के लिए था, लेकिन इसका फायदा डिफाल्टर उठा रहे हैं। इसके चलते बैंक अपने कर्ज की वसूली नहीं कर पा रहे हैं। बैंकों ने हाईकोर्ट से अपील की कि इस आदेश में संशोधन किया जाए ताकि बैंक दी गई राशि की वसूली कर सकें। बैंकों ने कहा कि जहां यह आदेश आम लोगों के लिए राहत साबित हो रहा है वहीं यह बैंक और वित्तीय संस्थानों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गया है।
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हाईकोर्ट ने अपने आदेश में संशोधन करते हुए बैंकों को व्यापारिक संस्थानों, कार लोन और गोल्ड लोन डिफाल्टरों से वसूली की छूट दे दी थी। अब हाईकोर्ट में कोर्ट का सहयोग कर रहे वकील ने कहा कि देश ही नहीं दुनिया भर में कोरोना के चलते हालात बद से बदतर हैं और ऐसे में आदेश की मियाद को बढ़ाया जाना चाहिए। इसके बाद हाईकोर्ट ने मियाद को 15 सितंबर तक बढ़ा दिया है।
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