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Panchkula News: बाबा हीरा सिंह भट्टल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के कर्मियों की सेवा समाप्ति पर रोक
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चंडीगढ़। बाबा हीरा सिंह भट्टल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी लहरागागा (संगरूर) के कर्मचारियों की सेवा समाप्ति पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इसके साथ ही कर्मियों की याचिका पर पंजाब सरकार व अन्य को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट में पंजाब सरकार ने कहा कि वे कर्मियों को अन्य विभाग में एडजस्ट करेंगे।
अजीत सिंह व अन्य ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब सरकार ने बाबा हीरा सिंह भट्टल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी लहरागागा को बंद करने का निर्णय लिया है। इसके चलते याचिकाकर्ताओं को सेवा समाप्ति का नोटिस दिया गया है। संस्थान को बंद करते हुए कर्मियों को किसी अन्य विभाग में एडजस्ट किया जाना चाहिए था जो नहीं किया गया। उन्हें तीन साल से वेतन तक नहीं दिया गया है। सेवा समाप्ति का निर्णय बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने लिया है, जिसके प्रमुख तकनीकी शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस हैं। वह इस संस्थान की तमाम बैठकों में शामिल होते हैं और स्टाफ की बैठक बुला रहे हैं और ऐसी बैठकों के दौरान प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ निदेशक तकनीकी शिक्षा भी शामिल होते हैं।
याचिका में हाईकोर्ट से अपील की गई कि याचिकाकर्ताओं को उनके लंबित वेतन का भुगतान करने का आदेश दिया जाए। साथ ही सेवा समाप्ति के नोटिस को रद्द किया जाए और याचिकाकर्ताओं को किसी अन्य विभाग में भेज दिया जाए। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए संस्थान के बंद होने पर सरकार को कड़ी फटकार लगाई। हाईकोर्ट का कड़ा रुख देखने के बाद पंजाब सरकार के वकील ने तकनीकी शिक्षा विभाग से विमर्श कर अदालत को बताया कि सरकार इन कर्मियों को दूसरे विभागों में भेजने जा रही है। हाईकोर्ट ने याचिका पर फिलहाल पंजाब सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए विस्तृत जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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अजीत सिंह व अन्य ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब सरकार ने बाबा हीरा सिंह भट्टल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी लहरागागा को बंद करने का निर्णय लिया है। इसके चलते याचिकाकर्ताओं को सेवा समाप्ति का नोटिस दिया गया है। संस्थान को बंद करते हुए कर्मियों को किसी अन्य विभाग में एडजस्ट किया जाना चाहिए था जो नहीं किया गया। उन्हें तीन साल से वेतन तक नहीं दिया गया है। सेवा समाप्ति का निर्णय बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने लिया है, जिसके प्रमुख तकनीकी शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस हैं। वह इस संस्थान की तमाम बैठकों में शामिल होते हैं और स्टाफ की बैठक बुला रहे हैं और ऐसी बैठकों के दौरान प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ निदेशक तकनीकी शिक्षा भी शामिल होते हैं।
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याचिका में हाईकोर्ट से अपील की गई कि याचिकाकर्ताओं को उनके लंबित वेतन का भुगतान करने का आदेश दिया जाए। साथ ही सेवा समाप्ति के नोटिस को रद्द किया जाए और याचिकाकर्ताओं को किसी अन्य विभाग में भेज दिया जाए। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए संस्थान के बंद होने पर सरकार को कड़ी फटकार लगाई। हाईकोर्ट का कड़ा रुख देखने के बाद पंजाब सरकार के वकील ने तकनीकी शिक्षा विभाग से विमर्श कर अदालत को बताया कि सरकार इन कर्मियों को दूसरे विभागों में भेजने जा रही है। हाईकोर्ट ने याचिका पर फिलहाल पंजाब सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए विस्तृत जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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