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वादे के मुताबिक किसानों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं : हुड्डा
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चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सरकार अपने वादे के मुताबिक बिना देरी किए आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमों को वापस ले। मृतक किसानों के परिवारों को उचित आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी दी जाए। किसानों की लंबित एमएसपी गारंटी की मांग को लेकर जल्द कदम उठाया जाना चाहिए।
बकौल हुड्डा, खेती को लाभदायक व्यवसाय बनाने की दिशा में सरकार को भविष्य में नीतियां बनानी चाहिए ताकि अन्नदाता को फिर से सड़कों पर उतरकर आंदोलन न करना पड़े। बीते एक वर्ष में किसान आंदोलन के दौरान देश के अन्नदाताओं को जो सहना पड़ा, उसकी पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने एक साल से ज्यादा समय तक चले किसान आंदोलन की जीत पर किसानों को बधाई दी।
नेता प्रतिपक्ष ने दोहराया कि यह किसानों के लंबे संघर्ष और सत्याग्रह की जीत है। उन्होंने अपने जीवन में कभी इतना लंबा और अनुशासित आंदोलन नहीं देखा। साल भर से ज्यादा समय तक किसानों को सर्दी, गर्मी, बारिश, आंधी, तूफान और मुश्किल परिस्थितियों में दिल्ली बॉर्डर समेत हरियाणा में विभिन्न जगहों पर सड़कों के किनारे दिन-रात बिताने पड़े। लाठियां, आंसू गैस के गोले, ठंडे पानी की बौछारें, लोहे की कीलें झेलनी पड़ी। सत्याग्रह के रास्ते पर डटे किसानों की अंतत: जीत हुई और आज पूरे देश में खुशी का माहौल है। उन्हें इस बात की खुशी है कि किसान अपने-अपने गांव घर की ओर लौट रहे हैं।
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बकौल हुड्डा, खेती को लाभदायक व्यवसाय बनाने की दिशा में सरकार को भविष्य में नीतियां बनानी चाहिए ताकि अन्नदाता को फिर से सड़कों पर उतरकर आंदोलन न करना पड़े। बीते एक वर्ष में किसान आंदोलन के दौरान देश के अन्नदाताओं को जो सहना पड़ा, उसकी पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने एक साल से ज्यादा समय तक चले किसान आंदोलन की जीत पर किसानों को बधाई दी।
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नेता प्रतिपक्ष ने दोहराया कि यह किसानों के लंबे संघर्ष और सत्याग्रह की जीत है। उन्होंने अपने जीवन में कभी इतना लंबा और अनुशासित आंदोलन नहीं देखा। साल भर से ज्यादा समय तक किसानों को सर्दी, गर्मी, बारिश, आंधी, तूफान और मुश्किल परिस्थितियों में दिल्ली बॉर्डर समेत हरियाणा में विभिन्न जगहों पर सड़कों के किनारे दिन-रात बिताने पड़े। लाठियां, आंसू गैस के गोले, ठंडे पानी की बौछारें, लोहे की कीलें झेलनी पड़ी। सत्याग्रह के रास्ते पर डटे किसानों की अंतत: जीत हुई और आज पूरे देश में खुशी का माहौल है। उन्हें इस बात की खुशी है कि किसान अपने-अपने गांव घर की ओर लौट रहे हैं।
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