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धान की सीधी बुआई पर 1500 रुपये प्रति एकड़ देने को मंजूरी

Thu, 19 May 2022 01:36 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 19 May 2022 01:36 AM IST
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Approval to give Rs 1500 per acre on direct sowing of paddy
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने बुधवार को धान की सीधी बुआई करने वाले किसानों को प्रोत्साहन के तौर पर प्रति एकड़ 1500 रुपये देने के फैसले को मंजूरी दे दी है। पानी के कम उपभोग और कम खर्च वाली इस तकनीक को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों के लिए 450 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है।
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सरकार के इस फैसले से कद्दू करने की विधि द्वारा धान की फसल लगाने के मुकाबले फसल चक्र के दौरान सीधी बिजाई की तकनीक से बीजे गए धान में 15-20 प्रतिशत पानी की बचत होती है। राज्य में धान लगाने के पारंपरिक तरीके से भूजल में चिंताजनक गिरावट को देखते हुए सरकार ने सीधी बुआई को प्रोत्साहित करने का फैसला किया है। वर्तमान में भूमिगत जल की 86 सेंटीमीटर प्रति वर्ष की दर से आ रही गिरावट के कारण आने वाले 15-20 वर्षों में राज्य के पास भूजल नहीं रहेगा।
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मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के मुताबिक, सीधी बुआई की विधि जमीन में पानी के रिसने में सुधार करने के साथ-साथ कृषि मजदूरों पर निर्भरता घटाती है और मिट्टी की सेहत में सुधार भी करती है। इससे धान और गेहूं की उपज में भी 5-10 प्रतिशत वृद्धि होगी। सीधी बुआई की तकनीक अपनाने वाले किसानों को 1500 रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खातों के जरिए दी जाएगी, जिसके लिए मंडी बोर्ड के पास अनाज खरीद पोर्टल पर पहले ही डाटा मौजूद है। इसमें किसानों के आधार कार्ड के नंबर, मोबाइल नंबर और बैंक खातों के विवरण भी जुड़े हुए हैं।
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रक्षा सेवाओं के अवॉर्ड जीतने वाले जवानों को दी जाने वाली जमीन के बदले नकद राशि और प्रदान किए जाने वाले नकद पुरस्कारों की राशि में वृद्धि करने का फैसला किया गया है। इसके अंतर्गत जमीन के बदले नकद राशि सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक विजेताओं के लिए अब 2 लाख की जगह 2.80 लाख रुपये होगी। उत्तम युद्ध सेवा पदक विजेताओं के लिए एक लाख की जगह 1.40 लाख रुपये, युद्ध सेवा पदक विजेताओं के लिए 50 हजार से 70 हजार रुपये, सेना/नौ सेना/वायु सेना पदक (डी) विजेताओं के लिए 30 हजार से 42 हजार रुपये, मैनशन-इन-डिस्पैच (डी) विजेताओं के लिए 15 हजार की जगह 21 हजार, परम विशिष्ट सेवा पदक विजेताओं के लिए 2 लाख से 2.80 लाख रुपये, अति विशिष्ट सेवा पदक विजेताओं के लिए 75 हजार से 1.05 लाख और विशिष्ट सेवा पदक विजेताओं 30 हजार से 42 हजार रुपये कर दी गई है।
इसी तरह नकद पुरस्कार में भी वृद्धि करते हुए सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक विजेताओं के लिए 25 हजार से 35 हजार, उत्तम युद्ध सेवा पदक विजेताओं के लिए 15 हजार से 21 हजार रुपये, युद्ध सेवा पदक विजेताओं के लिए 10 हजार से 14 हजार रुपये, सेना/नौ सेना/वायु सेना पदक (डी) विजेताओं के लिए नकद पुरस्कार 8 हजार से बढ़ाकर 11,200 रुपये कर दी गई। इसी श्रेणी में मैनशन-इन-डिस्पैच (डी) विजेताओं को नकद पुरस्कार 7 हजार से 9800 रुपये, परम विशिष्ट सेवा पदक विजेताओं को 20 हजार से 28 हजार रुपये, अति विशिष्ट सेवा पदक विजेताओं के लिए 10 हजार से 14 हजार रुपये और विशिष्ट सेवा पदक विजेताओं के लिए 5 हजार से 7 हजार रुपये पुरस्कार राशि कर दी गई है। गौरतलब है कि इस पुरस्कार राशि में साल 2011 के बाद कोई वृद्धि नहीं हुई थी।
शहीद जवानों के परिजनों को अब 1 करोड़ रुपये एक्सग्रेशिया
कैबिनेट ने शहीद सैनिकों के परिवारों के लिए एक्सग्रेशिया अनुदान 50 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दिया है। गौरतलब है कि देश की एकता और अखंडता के लिए पंजाबियों ने रक्षा सेवाओं में अहम भूमिका निभाई है। पंजाब के सैनिकों ने अलग-अलग युद्धों में देश के लिए काफी नाम कमाया है। रक्षा सेवाओं में रहते हुए देश के लिए अपना सब कुछ कुर्बान करने वाले सैनिकों के परिवारों को पंजाब सरकार द्वारा वित्तीय सहायता दी जाती है। मुख्यमंत्री पहले ही सैनिकों के लिए एक्सग्रेशिया बढ़ाने का एलान कर चुके हैं।
पिछली सरकार द्वारा नामजद प्रदेश की मार्केट कमेटियां भंग
पिछली सरकार से विरासत में मिले कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए कैबिनेट ने मौजूदा नामजद मार्केट कमेटियों को भंग करने को हरी झंडी दे दी। कैबिनेट के फैसले के अनुसार पंजाब कृषि उपज मंडियों एक्ट 1961 की धारा 12 में सुधार कर सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को तेजी और कुशलता से लागू करने के लिए प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे, जो मार्केट कमेटियों की नामजदगियों तक या एक साल तक, जो भी पहले हो, तक मार्केट कमेटियों की आधिकारिक ड्यूटियों और ताकतों का प्रयोग करेंगे।
1766 रिटायर्ड पटवारियों की फिर सेवाएं लेने का फैसला
कैबिनेट ने पटवारियों के 1766 रेगुलर पदों पर सेवानिवृत्त पटवारियों/कानूनगो की ठेके के आधार पर सेवाएं लेने का फैसला किया है। इसके तहत ग्रामीण सर्कलों (शहरी/अर्ध शहरी को छोड़कर) में एक साल के लिए ठेके के आधार पर सेवानिवृत्त पटवारियों/कानूनगो में से पटवारियों के 1766 रेगुलर पद भरने की मंजूरी दी गई है।
सिविल जजों के पद हाईकोर्ट से भरने का फैसला
पंजाब कैबिनेट ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन)-कम-जुडिशियल मजिस्ट्रेट के 79 पदों को पंजाब लोक सेवा आयोग के दायरे में से निकालकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा भरने का फैसला किया है।
वित्तीय आयुक्तों के सचिवालय सेवा नियमों में संशोधन
कैबिनेट ने पंजाब वित्तीय आयुक्तों के सचिवालय (ग्रुप-ए) के सेवा नियम-2016 के नियम 7(2) और पंजाब वित्तीय आयुक्तों के सचिवालय (ग्रुप-बी) के सेवा नियम-2018 में संशोधन कर दिए हैं। इससे पंजाब सिविल सेवा (दंड और अपील) नियम-1970 के मामलों में दंड अथॉरिटी और अपीलीय अथॉरिटी संबंधी वित्त कमिश्नर्स सचिवालय के कर्मचारियों को और स्पष्टता हो।

वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्टों को मंजूरी
पंजाब कैबिनेट ने रक्षा सेवा कल्याण विभाग की साल 2018-19, 2019-20 और 2020-21 की वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्टों के अलावा पंजाब पूर्व सैनिक निगम की साल 2020-21 की वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्ट को भी मंजूरी दे दी।
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