{"_id":"66d265b41432db71be0a8964","slug":"applicants-raised-questions-on-the-merit-list-of-sports-quota-in-group-d-recruitment-of-2018-pkl-office-news-c-290-1-pkl1068-10335-2024-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: 2018 की ग्रुप डी भर्ती में स्पोर्ट्स कोटे की मेरिट सूची पर आवेदकों ने उठाए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: 2018 की ग्रुप डी भर्ती में स्पोर्ट्स कोटे की मेरिट सूची पर आवेदकों ने उठाए सवाल
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की तरफ से साल 2018 में निकाली गई ग्रुप डी के 18218 पदों की भर्ती में एलिजबल स्पोर्ट्स पर्सन (ईएसपी) के लिए जारी की गई मेरिट सूची पर अधिक अंक वाले आवेदकों की बजाय कम अंक वालों को नौकरी देने पर आवेदकों ने सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में ग्रुप डी की भर्ती परीक्षा में 30, 33, 34 और 40 अंक प्राप्त करने वाले आवेदकों ने कहा कि उनकी बजाय 9, 11, 12, 17, 19, 22, 24 व 26 अंक वालों को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने मेरिट सूची में डालकर नौकरी दी गई है।
आवेदक रणदीप कुंडू, मोहित कुमार, वीरभान और रवि कुमार ने कहा कि मेरिट पर नौकरी देने के दावे करने वाली प्रदेश सरकार ने मेरिट को पूरी तरह दरकिनार करके नौकरी बांटी है। इसे लेकर आवेदकों में रोष बना है। खिलाड़ी रणदीप कुंडू, मोहित कुमार, वीरभान और रवि कुमार ने कहा कि वे छह सालों से नौकरी के लिए जंग लड़ रहे हैं। इसके लिए कई बार धरना देकर प्रदर्शन भी कर चुके हैं। सरकार के मंत्रियों से भी मिल चुके हैं। उन्हें आश्वासन की बजाय कुछ नहीं मिला। मोहित कुमार ने कहा कि एक ओर तो सरकार कहती है कि भर्ती मेरिट सूची के अंकों के आधार पर होगी।
उन्होंने कहा कि ग्रुप डी की ईएसपी की भर्ती में मेरिट सूची कहां गई। इस बात का जवाब सरकार और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग सही तरीके से नहीं दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे मेरिट में होने के बावजूद चयन सूची से बाहर रखने पर कर्मचारी चयन आयोग के कार्यालय पहुंचे तो उन्हें कहा गया कि आपकी ग्रेडेशन की वेरिफिकेशन नहीं हो पाई है। आवेदकों ने कहा कि वेरिफिकेशन करवाना तो विभाग का काम है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पंचकूला। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की तरफ से साल 2018 में निकाली गई ग्रुप डी के 18218 पदों की भर्ती में एलिजबल स्पोर्ट्स पर्सन (ईएसपी) के लिए जारी की गई मेरिट सूची पर अधिक अंक वाले आवेदकों की बजाय कम अंक वालों को नौकरी देने पर आवेदकों ने सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में ग्रुप डी की भर्ती परीक्षा में 30, 33, 34 और 40 अंक प्राप्त करने वाले आवेदकों ने कहा कि उनकी बजाय 9, 11, 12, 17, 19, 22, 24 व 26 अंक वालों को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने मेरिट सूची में डालकर नौकरी दी गई है।
आवेदक रणदीप कुंडू, मोहित कुमार, वीरभान और रवि कुमार ने कहा कि मेरिट पर नौकरी देने के दावे करने वाली प्रदेश सरकार ने मेरिट को पूरी तरह दरकिनार करके नौकरी बांटी है। इसे लेकर आवेदकों में रोष बना है। खिलाड़ी रणदीप कुंडू, मोहित कुमार, वीरभान और रवि कुमार ने कहा कि वे छह सालों से नौकरी के लिए जंग लड़ रहे हैं। इसके लिए कई बार धरना देकर प्रदर्शन भी कर चुके हैं। सरकार के मंत्रियों से भी मिल चुके हैं। उन्हें आश्वासन की बजाय कुछ नहीं मिला। मोहित कुमार ने कहा कि एक ओर तो सरकार कहती है कि भर्ती मेरिट सूची के अंकों के आधार पर होगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि ग्रुप डी की ईएसपी की भर्ती में मेरिट सूची कहां गई। इस बात का जवाब सरकार और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग सही तरीके से नहीं दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे मेरिट में होने के बावजूद चयन सूची से बाहर रखने पर कर्मचारी चयन आयोग के कार्यालय पहुंचे तो उन्हें कहा गया कि आपकी ग्रेडेशन की वेरिफिकेशन नहीं हो पाई है। आवेदकों ने कहा कि वेरिफिकेशन करवाना तो विभाग का काम है।
विज्ञापन