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सरकार के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में की है अपील, मांगा समय
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पंचकूला। प्रिंस हत्याकांड में चार पुलिसकर्मियों की ओर से कंडक्टर को फंसाने के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के वकील ने दलील दी है कि उन्हें सुनवाई के लिए समय दिया जाए। सुनवाई के दौरान वकील ने कहा कि हरियाणा सरकार ने सीबीआई को चारों पुलिस कर्मियों के खिलाफ केस चलाने की अनुमति नहीं दी है। इस मामले को अभियोजन पक्ष ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
सीबीआई की विशेष अदालत ने अगली सुनवाई 28 जुलाई को मुकर्रर की है। इस मामले में तत्कालीन एसीपी बीरेम सिंह, भौंडसी पुलिस थाने के प्रभारी नरेंद्र खटाना, सब इंस्पेक्टर शमशेर सिंह और एएसआई सुभाष चंद के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए प्रदेश सरकार ने अनुमति नहीं दी है। इस मामले को लेकर सीबीआई की ओर से सीबीआई की विशेष अदालत में चार्जशीट दायर की जा चुकी है।
बता दें कि 8 सितंबर 2017 को जिले के एक निजी स्कूल के छात्र प्रिंस की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में स्कूल के ही बस कंडक्टर अशोक को आरोपी मानकर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। प्रदेश सरकार ने जब इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी तो स्कूल के कक्षा 11वीं के छात्र भोलू को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया था और कंडक्टर अशोक को क्लीन चिट दे दी थी।
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सीबीआई की विशेष अदालत ने अगली सुनवाई 28 जुलाई को मुकर्रर की है। इस मामले में तत्कालीन एसीपी बीरेम सिंह, भौंडसी पुलिस थाने के प्रभारी नरेंद्र खटाना, सब इंस्पेक्टर शमशेर सिंह और एएसआई सुभाष चंद के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए प्रदेश सरकार ने अनुमति नहीं दी है। इस मामले को लेकर सीबीआई की ओर से सीबीआई की विशेष अदालत में चार्जशीट दायर की जा चुकी है।
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बता दें कि 8 सितंबर 2017 को जिले के एक निजी स्कूल के छात्र प्रिंस की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में स्कूल के ही बस कंडक्टर अशोक को आरोपी मानकर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। प्रदेश सरकार ने जब इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी तो स्कूल के कक्षा 11वीं के छात्र भोलू को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया था और कंडक्टर अशोक को क्लीन चिट दे दी थी।
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