फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Anti-social elements can commit violence in tractor parade

किसान नेताओं को शंका- दिल्ली में होने वाली किसानों की ट्रैक्टर परेड में असामाजिक तत्व कर सकते हैं हिंसा

Sat, 23 Jan 2021 07:56 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sat, 23 Jan 2021 07:56 PM IST
विज्ञापन
Anti-social elements can commit violence in tractor parade
किसानों का ट्रैक्टर मार्च (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

26 जनवरी को दिल्ली में कृषि कानूनों के विरोध में होने वाली ट्रैक्टर परेड में कुछ असामाजिक तत्वों के शामिल होने की सूचनाएं किसानों को मिल रही हैं। ये लोग ट्रैक्टर मार्च के दौरान हिंसा कर माहौल को खराब कर सकते हैं। ऐसे में कुछ किसान नेताओं ने ट्रैक्टर परेड के स्थान परिवर्तन की इच्छा जताई है। उन्होंने सुझाव दिया है कि ट्रैक्टर परेड आउटर रिंग रोड के बजाय बाहर किसी अन्य स्थान पर की जाए।

विज्ञापन


बीते शुक्रवार की रात सिंघु बॉर्डर पर पकड़े गए एक संदिग्ध युवक के कबूलनामे के बाद किसान नेताओं की इस शंका को और बल मिला है। हालांकि ट्रैक्टर परेड को लेकर किसान संगठनों को मिलाकर बनाए गए संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल किसान नेताओं की इस मामले में अलग-अलग राय है।
विज्ञापन


कुछ किसान नेताओं का कहना है कि किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिश के तहत कुछ ऐसे असामाजिक तत्व परेड में शामिल हो गए हैं, जो परेड के दौरान हिंसा फैलाकर माहौल को खराब कर सकते हैं। इसलिए परेड के स्थान में परिवर्तन किया जाए लेकिन कुछ किसान नेताओं का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं है। परेड का स्थान तय हो चुका है और तय तिथि और तय स्थान पर ही परेड का आयोजन किया जाएगा। मोर्चा के किसान नेताओं ने अलग अलग राय पर फिलहाल गंभीरता से विचार करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अलर्ट मोड पर किसानों का खुफिया तंत्र
परेड में शामिल हुए असामाजिक तत्वों के शामिल होने की आशंका को देखते हुए किसानों का भी खुफिया तंत्र सक्रिय हो गया है। दोनों स्थानों पर प्रशिक्षित किसानों को संदेश भेज दिया गया है और संदिग्ध लोगों पर खास नजर रखने को कहा गया है। दोनों धरना स्थलों पर इसके लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। जहां से संदिग्ध गतिविधियों को लेकर भी नजर रखी जाएगी।

ट्रैक्टर परेड में बढ़ती किसानों की संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार भयभीत हो गई है। अब वह किसी तरह से किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन को समाप्त करने की फिराक में है। इसलिए साजिश के तहत आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले भी केंद्र सरकार में शामिल नेता आंदोलन को आतंकवाद से जोड़ चुके हैं। फिलहाल जो तय हो चुका है अब होगा वही। -शिंगारा मान, किसान नेता।

भाजपा व आरएसएस किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। दिल्ली बॉर्डर पर बैठे किसानों को एक सुरक्षा कमेटी गठित कर सुरक्षा व्यवस्था के बेहतर इंतजाम करें। साथ ही आंदोलन में शामिल शरारती तत्वों पर नजर रखें। - सरवन सिंह पंधेर, महासचिव, किसान मजदूर संघर्ष कमेटी, पंजाब।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed