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डिफाल्टर औद्योगिक प्लाट धारकों के लिए राहत योजनाओं का एलान

Fri, 24 Dec 2021 01:21 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 24 Dec 2021 01:21 AM IST
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Announcement of relief schemes for defaulter industrial plot holders
चंडीगढ़। पंजाब कैबिनेट ने राज्य में पंजाब स्माल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कारपोरेशन (पीएसआईईसी)/पंजाब इनफोटेक की तरफ से विकसित किए अलग-अलग फोकल प्वाइंटों में स्थित औद्योगिक प्लाटों की मूल लागत के पुराने डिफाल्टरों के लिए एकमुश्त स्कीम लाने की मंजूरी दे दी है। इस संबंध में वीरवार को कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया।
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पंजाब भवन में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की मीटिंग के दौरान यह फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के अनुसार, इस स्कीम के तहत डिफाल्टर अलाटियों को जुर्माना ब्याज के 100 फीसदी हिस्से छूट और आम ब्याज के 25 फीसदी हिस्से छूट या प्लाट धारक की तरफ से चुने अनुसार प्लाट की मौजूदा आरक्षित कीमत (एडजस्ट करने के बाद पहले से भुगतान की रकम) तक प्राप्त करके पीएसआईईसी /पंजाब इनफोटेक के लंबे समय से पड़े बकाए का भुगतान करने का मौका दिया गया है। प्लाट धारक को इस स्कीम के अधीन 31 मार्च, 2022 को या इससे पहले अपने बकाए जमा करवाना है।
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राज्य में उद्यमियों को पहले ही अलाट किए गए औद्योगिक प्लाटों /शेडों के प्रयोग के लिए पंजाब मंत्रिमंडल ने फिर बहाली, तबादले और औद्योगिक प्लाटों /शेडों की फ्री होल्ड में तबदीली के लिए एकमुश्त (ओटीएस) स्कीम को मंजूरी दे दी है। यह स्कीम औद्योगिक इस्टेट में प्लाटों और शेडों के अलाटियों पर लागू होगी, जिसमें उद्योग और वाणिज्य विभाग की तरफ से शॉप-कम-फ्लैट (एससीएफ) जैसी व्यापारिक अलाटमेंट भी शामिल हैं।
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मंत्रिमंडल ने अलग-अलग फोकल प्वाइंटों के डिफाल्टर प्लाट धारकों के लिए माफी स्कीम के तहत प्लाटों की बढ़ी हुई कीमत जमा करवाने के लिए समय सीमा 30 सितंबर, 2021 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2022 तक करने को मंजूरी दे दी है। इसी तरह मंत्रिमंडल ने ब्याज दर को 15 प्रतिशत से घटाकर 8.5 प्रतिशत प्रति वर्ष (मिश्रित) करने का भी फैसला लिया है। यह स्कीम पंजाब लघु उद्योग और निर्यात निगम और पंजाब इनफोटेक के अलाटियों पर लागू होगी।
कैबिनेट ने गैर-आरक्षित श्रेणियों के लिए पंजाब राज्य सामान्य वर्ग आयोग की स्थापना को भी मंजूरी दे दी है। यह आयोग गैर-आरक्षित वर्गों के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ इन वर्गों के गरीबों के लाभ के लिए अलग-अलग भलाई स्कीमों को प्रभावशाली ढंग से लागू करेगा। उल्लेखनीय है कि मंत्रिमंडल की तरफ से यह फैसला सामान्य वर्ग (गैर-आरक्षित वर्ग) के कर्मचारियों की काफी देर की मांग को स्वीकार करने के बाद लिया गया है। उक्त वर्ग का कहना था कि उनके हितों की रक्षा नहीं की जा रही है और इसके मद्देनजर गैर-आरक्षित वर्ग ने राज्य सरकार को गुजरात की तर्ज पर पंजाब में भी सामान्य वर्ग आयोग गठित करने की विनती की थी।

कैबिनेट ने स्टेज कैरेज बसों (बड़ी और मिनी बसें) और 16 से कम सीटों वाले कांट्रैक्ट कैरेज वाहनों को मोटर व्हीकल टैक्स से छूट देने के लिए के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी है। इससे कोविड-19 महामारी के दौरान हुए भारी वित्तीय नुकसान से परिवहन क्षेत्र को राहत मिलेगी। कोविड-19 के दूसरे चरण के दौरान किए गए लॉकडाउन के कारण साल 2021 में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिस कारण लगभग हर क्षेत्र इससे प्रभावित हुआ है। लोगों में कोविड-19 के फैलाव के डर के कारण वह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्रयोग करने के बजाय निजी वाहनों में सफर करने को प्राथमिकता देते रहे हैं, इस कारण बसों में बहुत कम सवारियां ही सफर करती रहीं। निजी ट्रांसपोर्टरों के अलग-अलग नुमायंदों की तरफ से भी मांग की गईं, जिनमें डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण परिवहन क्षेत्र की बिगड़ रही स्थिति का मुद्दा उठाया गया।
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