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कृषि कानून रद्द करने की घोषणा किसानों की जीत : भगवंत मान
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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों कृषि कानून रद्द करने की घोषणा को किसानों की जीत करार दिया है। उन्होंने इसे किसानों की महान जीत बताते हुए पर देश के किसानों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि आप पहले भी सड़क से संसद तक किसानों की आवाज बुलंद करती रही है और अब भी 29 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान शहीद किसानों को श्रद्धांजलि और उचित मुआवजा देने की मांग करेगी।
शुक्रवार को मान ने कहा कि केंद्र सरकार ने कानून रद्द करने में बहुत देर की है। एक वर्ष के संघर्ष के दौरान करीब 700 किसान शहीद हो चुके हैं। किसानों की शहादत के लिए भाजपा जिम्मेदार है। अच्छा होता प्रधानमंत्री 23 फसलों पर एमएसपी की भी घोषणा करते, ताकि किसान खुशी-खुशी अपने खेतों की ओर चले जाते। उन्होंने कहा कि देश के किसानों को अलगाववादी, नक्सली और देशद्रोही कहने वाले भाजपा के नेताओं को किसानों से माफी मांगनी चाहिए और केंद्र सरकार को शहीद किसानों के परिवारों को मुआवजा भी देना चाहिए।
मान ने कहा कि कानून रद्द किए जाने का क्रेडिट केवल ओर केवल किसानों को ही जाता है, जिन्होंने लंबे समय संघर्ष किया और शहादत प्राप्त की। कोई भी राजनीतिक पार्टी कानून रद्द करने का श्रेय लेने की हकदार नहीं है। मान ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस, अकाली दल बादल और भारतीय जनता पार्टी लोगों की नफरत की पात्र बन गई हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले भाजपा के साथ सरकार साझा करते थे और अब सीटें साझी करेंगे। कैप्टन कि भाजपा के साथ साझेदारी अब जगजाहिर हो चुकी है।
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शुक्रवार को मान ने कहा कि केंद्र सरकार ने कानून रद्द करने में बहुत देर की है। एक वर्ष के संघर्ष के दौरान करीब 700 किसान शहीद हो चुके हैं। किसानों की शहादत के लिए भाजपा जिम्मेदार है। अच्छा होता प्रधानमंत्री 23 फसलों पर एमएसपी की भी घोषणा करते, ताकि किसान खुशी-खुशी अपने खेतों की ओर चले जाते। उन्होंने कहा कि देश के किसानों को अलगाववादी, नक्सली और देशद्रोही कहने वाले भाजपा के नेताओं को किसानों से माफी मांगनी चाहिए और केंद्र सरकार को शहीद किसानों के परिवारों को मुआवजा भी देना चाहिए।
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मान ने कहा कि कानून रद्द किए जाने का क्रेडिट केवल ओर केवल किसानों को ही जाता है, जिन्होंने लंबे समय संघर्ष किया और शहादत प्राप्त की। कोई भी राजनीतिक पार्टी कानून रद्द करने का श्रेय लेने की हकदार नहीं है। मान ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस, अकाली दल बादल और भारतीय जनता पार्टी लोगों की नफरत की पात्र बन गई हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले भाजपा के साथ सरकार साझा करते थे और अब सीटें साझी करेंगे। कैप्टन कि भाजपा के साथ साझेदारी अब जगजाहिर हो चुकी है।
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