हरियाणा फार्मेसी काउंसिल में पंजीकरण के लिए लंबित पड़े 800 से अधिक मामलों पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कड़ा रुख अपना लिया है। समय पर पंजीकरण न होने की विज के पास अनेक शिकायतें आई हैं। जिन्हें देखते हुए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को कड़ी कार्रवाई करने के लिए लिखा है। 10 फरवरी 2020 को फार्मेसी काउंसिल की बैठक हुई थी, जिसमें भी पंजीकरण के कुछ ही लंबित केस को मंजूरी दी गई। जिससे डिप्लोमा धारक परेशान हो रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने पहले भी काउंसिल को पंजीकरण के मामलों में लापरवाही न बरतने को लेकर चेताया था। बावजूद कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ। तीन दिन पहले यमुनानगर के गांधी नगर निवासी संजय कुमार ने विज से सचिवालय में मिलकर बेटे सचिन कुमार का पंजीकरण न होने को लेकर लिखित शिकायत दी है। जिसमें कहा गया है कि काउंसिल में पंजीकरण के लिए वह छह महीने से चक्कर लगा रहे हैं। बीते 19 नवंबर को उनकी फाइल तो जमा कर ली गई, लेकिन उस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। संजय ने विज को बताया है कि पंजीकरण के लिए काउंसिल में दो-दो साल से फाइलें लंबित पड़ी हुई हैं। उनके बेटे ने हिमाचल फार्मेसी इंस्ट्रीट्यूट से डिप्लोमा किया है। ये हरियाणा, हिमाचल सीमा पर स्थित है। संजय ने विज को बताया है कि काउंसिल चेयरमैन से भी वह मिले हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि तब तक पंजीकरण नहीं किया जा सकता, जब तक संस्थान से बात न हो जाए या उसकी पड़ताल न कर लें।