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कोरोनाः अमृतसर मेडिकल कॉलेज को मिली प्लाज्मा थैरेपी से इलाज की मंजूरी, पीजीआई करेगा सहयोग
Sat, 20 Jun 2020 11:45 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2020 11:45 AM IST
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प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल
- फोटो : PTI
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इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने शुक्रवार को एक पत्र जारी करके अमृतसर के सरकारी मेडिकल कॉलेज को प्लाज्मा थैरेपी के जरिए कोरोना पीड़ितों का इलाज करने की मंजूरी दे दी है। अगले कुछ दिन में प्लाज्मा थैरेपी द्वारा यहां इलाज शुरू कर दिया जाएगा। यह जानकारी चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री ओम प्रकाश सोनी ने दी।
उन्होंने बताया कि सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर, प्लाज्मा थैरेपी द्वारा कोरोना पीड़ितों का इलाज करने के लिए पहले ही तैयारियां मुकम्मल कर चुका है और अगले कुछ दिनों में इस विधि से इलाज शुरू कर देगा। अमृतसर मेडिकल कालेज के पास इस संबंध में अपेक्षित बुनियादी ढांचा और मरीज व प्लाज्मा डोनर उपलब्ध हैं, जिसके फलस्वरूप वह इस विधि द्वारा इलाज करने में पूरी तरह समर्थ है।
सोनी ने बताया कि इससे पहले आईसीएमआर द्वारा नेशनल क्लीनिकल ट्रायल के अधीन सरकारी मेडिकल कॉलेज फरीदकोट को प्लाज्मा थैरेपी द्वारा इलाज करने की मंजूरी दी गई थी और इस थैरेपी की शुरुआत करने वाला यह देश का एक अग्रणी संस्थान बन गया है। सरकारी मेडिकल कॉलेज फरीदकोट में प्लाज्मा थैरेपी के नतीजे उत्साहजनक हैं।
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इस थैरेपी के अधीन कोविड संक्रमण से ठीक हुए मरीज का प्लाज्मा लेकर स्टोर किया गया था। यह प्लाज्मा कोरोना वायरस से गंभीर रूप में पीड़ित व्यक्ति को चढ़ाया गया। प्लाज्मा थैरेपी के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है और वह निगरानी अधीन है।
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उन्होंने बताया कि सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर, प्लाज्मा थैरेपी द्वारा कोरोना पीड़ितों का इलाज करने के लिए पहले ही तैयारियां मुकम्मल कर चुका है और अगले कुछ दिनों में इस विधि से इलाज शुरू कर देगा। अमृतसर मेडिकल कालेज के पास इस संबंध में अपेक्षित बुनियादी ढांचा और मरीज व प्लाज्मा डोनर उपलब्ध हैं, जिसके फलस्वरूप वह इस विधि द्वारा इलाज करने में पूरी तरह समर्थ है।
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सोनी ने बताया कि इससे पहले आईसीएमआर द्वारा नेशनल क्लीनिकल ट्रायल के अधीन सरकारी मेडिकल कॉलेज फरीदकोट को प्लाज्मा थैरेपी द्वारा इलाज करने की मंजूरी दी गई थी और इस थैरेपी की शुरुआत करने वाला यह देश का एक अग्रणी संस्थान बन गया है। सरकारी मेडिकल कॉलेज फरीदकोट में प्लाज्मा थैरेपी के नतीजे उत्साहजनक हैं।
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इस थैरेपी के अधीन कोविड संक्रमण से ठीक हुए मरीज का प्लाज्मा लेकर स्टोर किया गया था। यह प्लाज्मा कोरोना वायरस से गंभीर रूप में पीड़ित व्यक्ति को चढ़ाया गया। प्लाज्मा थैरेपी के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है और वह निगरानी अधीन है।
पीजीआई से तालमेल कर पंजाब के डाक्टरों ने शुरू किया प्लाज्मा थैरेपी का अध्ययन
कोविड-19 मरीजों को स्वस्थ करने के उद्देश्य से चिकित्सक समुदाय को नवीनतम तकनीकों से लैस करने के लिए मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग पंजाब ने पीजीआई के साथ तालमेल करके मरीजों में स्टेरायड और प्लाज्मा थैरेपी की भूमिका संबंधी अध्ययन शुरू किया है।
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि विभाग की कोशिशों से पटियाला के एक मरीज ने कोविड -19 के मरीजों के लिए प्लाज्मा दिया। पंजाब के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों ने पहली बार इस स्तर पर इतनी कुशलता से तालमेल किया गया है और सभी इस नई बीमारी से निपटने के लिए एकजुट होकर काम कर रहे हैं।
पंजाब में विशेषज्ञों का एक समूह बनाया गया है, जहां कोविड के मरीजों का इलाज करने वाले विशेषज्ञ फोन और वीडियो कांफ्रेंस में इन मामलों संबंधी चर्चा करते हैं। विशेषज्ञ समूह में पीजीआईएमआईआर, एम्स, यूएसए, यूके, कनाडा, डीएमसी लुधियाना और पंजाब के तीनों राज्य मेडिकल कॉलेजों के डाक्टर शामिल हैं।
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि विभाग की कोशिशों से पटियाला के एक मरीज ने कोविड -19 के मरीजों के लिए प्लाज्मा दिया। पंजाब के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों ने पहली बार इस स्तर पर इतनी कुशलता से तालमेल किया गया है और सभी इस नई बीमारी से निपटने के लिए एकजुट होकर काम कर रहे हैं।
पंजाब में विशेषज्ञों का एक समूह बनाया गया है, जहां कोविड के मरीजों का इलाज करने वाले विशेषज्ञ फोन और वीडियो कांफ्रेंस में इन मामलों संबंधी चर्चा करते हैं। विशेषज्ञ समूह में पीजीआईएमआईआर, एम्स, यूएसए, यूके, कनाडा, डीएमसी लुधियाना और पंजाब के तीनों राज्य मेडिकल कॉलेजों के डाक्टर शामिल हैं।