फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Alleged fraud of 1200 crores in paddy purchase in Karnal.

हरियाणा : धान खरीद में 1200 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, आढ़तियों ने की एसआईटी से जांच की मांग

Mon, 20 Sep 2021 01:44 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 20 Sep 2021 01:44 AM IST
विज्ञापन
Alleged fraud of 1200 crores in paddy purchase in Karnal.
चंडीगढ़। पीड़ित आढ़ती संघ के सदस्य अपनी बात रखते हुए, साथ में गोहाना से कांग्रेस विधायक जगबीर मलि
चंडीगढ़। हरियाणा के आढ़तियों और किसानों ने निसिंग के कुछ राइस मिलर्स पर धान खरीद में करीब 1200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए हैं। पीड़ितों का कहना है कि अलग-अलग मामलों में करीब 27 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, लेकिन पीड़ितों की रिकवरी नहीं हुई है। पीड़ितों ने हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज से मांग की है कि इस मामले में उच्चस्तरीय एसआईटी बना कर जांच कराई जाए ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।
विज्ञापन

रविवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में पीड़ित आढ़तियों ने मीडिया के सामने अपना दर्द बयां किया। पीड़ित आढ़ती संघ के प्रधान मनीष मालिक, राजबीर मलिक, मनीष गर्ग, अमित मित्तल, हेमंत कुमार, अशोक कुमार, वीरेंद्र गर्ग, सोनिक ने आरोप लगाया कि वर्ष 2014-15 में निसिंग (करनाल) के मिलर्स राजेंद्र सिंगला, सुशील सिंगला, अनिल सिंगला ने हरियाणा की अलग-अलग मंडियों से धान की खरीद की, लेकिन उनके पैसे नहीं लौटाए। कई बैठकें हुईं। पहले भुगतान का आश्वासन देते रहे, बाद में पैसे देने से इनकार कर दिया और अब जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। हरियाणा के 120 आढ़तियों से 300 करोड़ और बैंकों से करीब 900 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। आढ़तियों का कहना है कि छह साल बाद भी उनको न्याय नहीं मिल पाया है। पैसे नहीं मिलने पर असंध के एक आढ़ती ने आत्महत्या कर ली। पीड़ितों ने मांग की कि इस मामले में एसआईटी बनाई जाए और पीड़ितों की रिकवरी कराई जाए। उन्होंने कहा कि पहले भी वे विज से मिल चुके हैं, अब दोबारा से मिलेंगे।
विज्ञापन

निष्पक्षता से जांच कराए सरकार
यह मामला तो केवल एक मिलर परिवार का है, हरियाणा में ऐसे काफी संख्या में मामले हैं। हजारों करोड़ रुपये आढ़तियों और किसानों के फंसे हुए हैं। लेकिन सरकार इसको गंभीरता से नहीं ले रही है। 1200 करोड़ रुपये पीड़ितों को दिलाने की बजाय पुलिस अधिकारी मिलीभगत करके आरोपियों को ही मदद कर रहे हैं। गृह मंत्री अनिल विज इस मामले की निष्पक्षता से जांच कराएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

- जगबीर मलिक, विधायक, गोहाना।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed