{"_id":"65b25d7baf12d2f977036f34","slug":"albendazole-tablets-will-be-given-to-195-lakh-children-on-15-february-panchkula-news-c-290-1-pkl1068-6122-2024-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: 15 फरवरी को 1.95 लाख बच्चों को दी जाएंगी एल्बेंडाजोल की गोली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: 15 फरवरी को 1.95 लाख बच्चों को दी जाएंगी एल्बेंडाजोल की गोली
Thu, 25 Jan 2024 06:39 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
Updated Thu, 25 Jan 2024 06:39 PM IST
विज्ञापन
लघु सचिवालय के सभागार में डीसी की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की हुई बैठक
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। जिले में 15 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत एक से 19 वर्ष की उम्र के विद्यार्थियों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। इस संबंध में लघु सचिवालय के सभागार में उपायुक्त सुशील सारवान की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों की जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई।
उन्होंने बताया कि अभियान को लेकर जिले के सभी स्कूलों (सरकारी, गैर सरकारी व निजी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, ईंट भट्टों व स्लम एरिया में एक से उन्नीस वर्ष के लगभग 1.95 लाख बच्चों को निशुल्क दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी, निजी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को इसके लिए चिह्नित किया है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाने के लिए 15 फरवरी 2024 को एल्बेंडाजोल कि एक गोली सभी एक वर्ष से 19 वर्ष की उम्र के विद्यार्थियों को दी जाएगी। इसके अलावा जो बच्चे किसी कारणवश 15 फरवरी को दवा खाने से छूट जाएंगे, उन्हें 20 फरवरी 2024 को मॉप उप राउंड के तहत दवा दी जाएगी।
विज्ञापन
उपायुक्त ने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सभी विभाग आपसी सामंजस्य स्थापित करते हुए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम में 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को दवा खिलाना सुनिश्चित करें। माता-पिता भी अपने बच्चों को दवा खिलाकर उनका अच्छा स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए सहयोग दें। इस मौके पर डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शिवानी ने बताया कि कृमि संक्रमण से बचाव के लिए प्रत्येक वर्ष फरवरी व अगस्त माह में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत अल्बेंडाजोल की गोली बच्चों को दी जाती है। उन्होंने बताया कि कृमि संक्रमण से बच्चों में कुपोषण और खून की कमी होती है तथा थकावट होना, पढ़ाई में मन न लगना आदि व अधिक कृमि होने से जी मिचलाना, दस्त, पेट दर्द, कमजोरी, भूख न लगना जैसे लक्षण हो सकते है। इसलिए उन्होंने अपील की है कि हमेशा साफ पानी पीएं। खाना ढककर रखें, खुले में शौच न करें और हमेशा शौचालय का प्रयोग ही करें। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। जिले में 15 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत एक से 19 वर्ष की उम्र के विद्यार्थियों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। इस संबंध में लघु सचिवालय के सभागार में उपायुक्त सुशील सारवान की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों की जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई।
उन्होंने बताया कि अभियान को लेकर जिले के सभी स्कूलों (सरकारी, गैर सरकारी व निजी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, ईंट भट्टों व स्लम एरिया में एक से उन्नीस वर्ष के लगभग 1.95 लाख बच्चों को निशुल्क दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी, निजी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को इसके लिए चिह्नित किया है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाने के लिए 15 फरवरी 2024 को एल्बेंडाजोल कि एक गोली सभी एक वर्ष से 19 वर्ष की उम्र के विद्यार्थियों को दी जाएगी। इसके अलावा जो बच्चे किसी कारणवश 15 फरवरी को दवा खाने से छूट जाएंगे, उन्हें 20 फरवरी 2024 को मॉप उप राउंड के तहत दवा दी जाएगी।
विज्ञापन
उपायुक्त ने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सभी विभाग आपसी सामंजस्य स्थापित करते हुए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम में 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को दवा खिलाना सुनिश्चित करें। माता-पिता भी अपने बच्चों को दवा खिलाकर उनका अच्छा स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए सहयोग दें। इस मौके पर डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शिवानी ने बताया कि कृमि संक्रमण से बचाव के लिए प्रत्येक वर्ष फरवरी व अगस्त माह में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत अल्बेंडाजोल की गोली बच्चों को दी जाती है। उन्होंने बताया कि कृमि संक्रमण से बच्चों में कुपोषण और खून की कमी होती है तथा थकावट होना, पढ़ाई में मन न लगना आदि व अधिक कृमि होने से जी मिचलाना, दस्त, पेट दर्द, कमजोरी, भूख न लगना जैसे लक्षण हो सकते है। इसलिए उन्होंने अपील की है कि हमेशा साफ पानी पीएं। खाना ढककर रखें, खुले में शौच न करें और हमेशा शौचालय का प्रयोग ही करें। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।