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ई-कामर्स कारोबार के खिलाफ खुदरा व्यापारी, छोटे उद्यमी लामबंद

Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 28 Feb 2021 01:58 AM IST
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चंडीगढ़ । उत्तर भारत के लाखों खुदरा व्यापारी और लघु उद्यमी ई-कॉमर्स कारोबार के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। ऑनलाइन बाजार चलाने वाली कंपनियों को बढ़ावा देने से इनमें केंद्र व राज्य सरकारों के खिलाफ भी नाराजगी है। राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन (आरजेयूवीएस) ने शनिवार को चंडीगढ़ में शुरू हुए दो दिवसीय अधिवेशन में खुलकर इसका इजहार किया।
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संगठन ने ऑनलाइन शॉपिंग बाजार चलाने वाली दो कंपनियों के दफ्तरों के बाहर धरना देने और उन पर ताला लगाने का एलान किया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अधिवेशन में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश व गुजरात आदि के लघु एवं सूक्ष्म उद्यमी व खुदरा व्यापारी भाग ले रहे हैं। देश मे साढ़े छह करोड़ एमएसएमई यूनिट हैं। जिनके माध्यम से 11 करोड़ लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। देश के निर्यात में 40 प्रतिशत योगदान देने, 6000 उत्पादों का उत्पादन करने के बावजूद बैंकिंग लोन में 16 प्रतिशत ही हिस्सा उन्हें दिया जाता है। सरकार देश में ऑनलाइन बाजार को बंद करे। हर राज्य में खुदरा व्यापार बचाओ सम्मेलन किए जाएंगे। दिल्ली से इसकी शुरुआत होगी।

संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने कहा कि एमएसएमई के लिए बिजली दरें सस्ती कर और कर्ज दिए जाए। एक सर्वे के अनुसार वर्ष 2020 में ई कामर्स कंपनियों ने दो लाख 10 हजार करोड़ का कारोबार किया है।
इसमे हर साल 27 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। जिसके चलते वर्ष 2024 तक यह कारोबार सात लाख 30 हजार करोड़ तक पहुंच जाएगा। जिससे छोटा दुकानदार, खुदरा व्यापारी और सूक्ष्म उद्यमी पूरी तरह से तबाह हो जाएंगे। जब से जीएसटी आया है देश मे 400 एसईजेड बंद हुए हैं। सरकार साहा व झज्जर के एसईजेड पर भी पुनर्विचार करे। प्रॉपर्टी टैक्स कम किया जाए। जो सौदे पहले हुए हैं और अब रजिस्ट्री हो रही है, उन पर प्रॉपर्टी टैक्स न लगाएं।
संगठन के राष्ट्रीय सलाहकार संतोष मंगल ने ई-कॉमर्स का विरोध करने और दोनों कंपनियों के दफ्तरों पर ताला जड़ने का एलान अधिवेशन में किया। उन्होंने दीपावली के दौरान भारत मे ई-कॉमर्स कंपनियों ने 30 हजार करोड़ का कारोबार किया।
संगठन की युवा इकाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गुप्ता ने कहा कि ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों में 65 फीसद युवा वर्ग है, इसलिए सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म के माध्यम से ई-कॉमर्स बाजार के विरुद्ध जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। महासचिव पवन अग्रवाल ने कहा कि हरियाणा के सभी जिलों में लोगों को जागरूक करेंगे। राष्ट्रीय सलाहकार संतोष मंगल ने लोग 40 प्रतिशत इलेक्ट्रोनिक्स का सामान तो 40 प्रतिशत कपड़ा ऑनलाइन खरीद रहे हैं।
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