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हरियाणा : निजी अस्पतालों ने टीबी मरीजों की जानकारी नहीं दी तो होगी कार्रवाई
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चंडीगढ़। प्रदेश को वर्ष 2025 तक टूूबर्क्यलोसस (टीबी) फ्री बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने अहम फैसला लिया है। इसके तहत अब निजी अस्पतालों और लैब में आने वाले टीबी मरीजों की जानकारी संबंधित सीएमओ को देनी होगी, जो ऐसा नहीं करेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने वीरवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान दी। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री द्वारा एक्टिव केस फाइंडिंग (एसीएफ) अभियान और डीबीटी अभियान की भी शुरुआत की।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यद्यपि यह एक नोटीफाइड बीमारी हैं, परंतु फिर भी कुछ ऐसे डाक्टर, क्लीनिक्स व प्रयोगशालाएं हैं जो इस बीमारी का इलाज कर रही हैं और इसकी जानकारी संबंधित सिविल सर्जन व सरकार को मुहैया नहीं कर रही हैं और इससे आंकड़ों में फर्क आ जाता है।
इसी प्रकार, विज ने सुझाव देते हुए कहा कि हमें राष्ट्रीय स्तर पर ऐसी स्कीम की भी शुरुआत करनी चाहिए, जिसमें टीबी के मरीज को सप्लीमेंट दिया जा सके। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि मरीजों की जीयो लोकेशन के लिए एक ऐप भी बनाई जानी चाहिए, ताकि उसकी समय-समय पर वेरिफिकेशन हो सके। विज ने कहा कि हमने राज्य को वर्ष 2025 तक टीबी फ्री करने के लिए योजना बनाई है और हमें पूरा विश्वास हैं कि हम इस लक्ष्य को अवश्य हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी टीम के सदस्य घर-घर जाकर इस अभियान को सफल बनाने का काम करेंगे।
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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यद्यपि यह एक नोटीफाइड बीमारी हैं, परंतु फिर भी कुछ ऐसे डाक्टर, क्लीनिक्स व प्रयोगशालाएं हैं जो इस बीमारी का इलाज कर रही हैं और इसकी जानकारी संबंधित सिविल सर्जन व सरकार को मुहैया नहीं कर रही हैं और इससे आंकड़ों में फर्क आ जाता है।
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इसी प्रकार, विज ने सुझाव देते हुए कहा कि हमें राष्ट्रीय स्तर पर ऐसी स्कीम की भी शुरुआत करनी चाहिए, जिसमें टीबी के मरीज को सप्लीमेंट दिया जा सके। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि मरीजों की जीयो लोकेशन के लिए एक ऐप भी बनाई जानी चाहिए, ताकि उसकी समय-समय पर वेरिफिकेशन हो सके। विज ने कहा कि हमने राज्य को वर्ष 2025 तक टीबी फ्री करने के लिए योजना बनाई है और हमें पूरा विश्वास हैं कि हम इस लक्ष्य को अवश्य हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी टीम के सदस्य घर-घर जाकर इस अभियान को सफल बनाने का काम करेंगे।
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