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भ्रष्ट अधिकारियों पर अगली सुनवाई तक हो कार्रवाई, वरना सीबीआई और ईडी को सौंप देंगे जांच: हाईकोर्ट
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चंडीगढ़। पंजाब की जेलों को लेकर एक मामले में सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि जेलों में भ्रष्टाचार रम चुका है, कर्मी हर रोज की लाखों की कमाई करते हैं। अगर आज इनका वेतन रोक दिया जाए तो भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा और इनमें से कोई भी इस्तीफा नहीं देगा। वीरवार को हाईकोर्ट ने अब भ्रष्ट जेल अधिकारियों पर कार्रवाई का आखिरी मौका देते हुए स्पष्ट कर दिया कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो जांच सीबीआई और ईडी को सौंप दी जाएगी।
मामला होशियारपुर जेल में एक कैदी की पिटाई से जुड़ा है जिसने एडवोकेट अमित अग्निहोत्री के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार वीरवार को पंजाब के एडीजीपी जेल पेश हुए। हाईकोर्ट ने कहा कि आपकी ओर से कैदी की पिटाई को लेकर झूठा हलफनामा दाखिल किया गया तो उन्होंने बताया कि जांच डीआईजी ने की थी और वे इस मामले में अदालत से माफी मांगते हैं। हाईकोर्ट ने डीआईजी को फटकार लगाते हुए पूछा कि जांच को सैटल करने के लिए जेल अधीक्षक से कितने पैसे मिले। कोर्ट ने कहा कि जेलों में लगातार फोन मिलना, नशा मिलना और अन्य अपराध बढ़ रहे हैं और कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है।
जेलों में अपराध को लेकर हाईकोर्ट ने एडीजीपी से जानकारी मांगी तो उन्होंने बताया कि 853 मामले जेल के अंदर ड्रग्स, मारपीट और फोन ले जाने को लेकर दर्ज किए गए हैं और यह पुलिस की मुस्तैदी का नतीजा है। हाईकोर्ट ने इस पर पूछा कि कितने कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है, इस पर बताया गया कि केवल एक कर्मचारी की निलंबित किया गया है। हाईकोर्ट ने इस पर एडीजीपी को फटकार लगाते हुए कहा कि जेल के अंदर धंधा चल रहा है और अधिकारी लाखों कमा रहे हैं जो बड़े शर्म की बात है। जेल अधिकारियों पर कार्रवाई बेहद जरूरी है। हाईकोर्ट ने एडीजीपी को 21 दिसंबर तक की मोहलत देते हुए कार्रवाई का ब्योरा सौंपने का आदेश दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि अधिकारियों पर और जेल प्रशासन पर कार्रवाई न हुई तो हाईकोर्ट आप पर सख्त कार्रवाई करेगा।
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सभी जेल अधिकारी करोड़पति
हाईकोर्ट ने कहा कि यदि आज सभी जेल अधीक्षकों की संपत्ति की जांच की जाए ताे सभी करोड़पति मिलेंगे। जेलों में हर चीज का दाम तय है और रोजाना का कलेक्शन लाखों का है। अगर जेल अधीक्षकों पर कार्रवाई की जाए तो बाकी के स्टाफ का हौसला टूटेगा और वे गैर कानूनी गतिविधियों का हिस्सा नहीं बनेंगे।
एक ईमानदार को गेट पर लगा दो, रुक जाएगा आधा गोरखधंधा
सुनवाई के दौरान एडीजीपी ने कहा कि जेल में स्टाफ की कमी के कारण भी अपराधों पर लगाम लगाने में समस्या आ रही है। हाईकोर्ट ने कहा कि गेट पर केवल एक ईमानदार व्यक्ति लगा दो तो अपराध आधा हो जाएगा। जरूरत नीयत की है और यदि अधिकारी तय कर लें तो अपराधी जेल में किसी अपराध को अंजाम दे ही नहीं पाएंगे।
अधिकारियों को बर्खास्त करना शुरू करो, रुक जाएंगे जेलों में अपराध
हाईकोर्ट ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में जेल में अपराध हो रहे हैं और कार्रवाई के नाम पर केवल एक निलंबन मौजूद है। बिना अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत के जेल में अपराध संभव नहीं है। अधिकारियों को बर्खास्त करना शुरू करें और कुछ ही दिनों में इसका नतीजा आपको जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगेगा। जेलों में अपराध को रोकने का यही सबसे कारगर उपाय है।
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मामला होशियारपुर जेल में एक कैदी की पिटाई से जुड़ा है जिसने एडवोकेट अमित अग्निहोत्री के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार वीरवार को पंजाब के एडीजीपी जेल पेश हुए। हाईकोर्ट ने कहा कि आपकी ओर से कैदी की पिटाई को लेकर झूठा हलफनामा दाखिल किया गया तो उन्होंने बताया कि जांच डीआईजी ने की थी और वे इस मामले में अदालत से माफी मांगते हैं। हाईकोर्ट ने डीआईजी को फटकार लगाते हुए पूछा कि जांच को सैटल करने के लिए जेल अधीक्षक से कितने पैसे मिले। कोर्ट ने कहा कि जेलों में लगातार फोन मिलना, नशा मिलना और अन्य अपराध बढ़ रहे हैं और कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है।
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जेलों में अपराध को लेकर हाईकोर्ट ने एडीजीपी से जानकारी मांगी तो उन्होंने बताया कि 853 मामले जेल के अंदर ड्रग्स, मारपीट और फोन ले जाने को लेकर दर्ज किए गए हैं और यह पुलिस की मुस्तैदी का नतीजा है। हाईकोर्ट ने इस पर पूछा कि कितने कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है, इस पर बताया गया कि केवल एक कर्मचारी की निलंबित किया गया है। हाईकोर्ट ने इस पर एडीजीपी को फटकार लगाते हुए कहा कि जेल के अंदर धंधा चल रहा है और अधिकारी लाखों कमा रहे हैं जो बड़े शर्म की बात है। जेल अधिकारियों पर कार्रवाई बेहद जरूरी है। हाईकोर्ट ने एडीजीपी को 21 दिसंबर तक की मोहलत देते हुए कार्रवाई का ब्योरा सौंपने का आदेश दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि अधिकारियों पर और जेल प्रशासन पर कार्रवाई न हुई तो हाईकोर्ट आप पर सख्त कार्रवाई करेगा।
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सभी जेल अधिकारी करोड़पति
हाईकोर्ट ने कहा कि यदि आज सभी जेल अधीक्षकों की संपत्ति की जांच की जाए ताे सभी करोड़पति मिलेंगे। जेलों में हर चीज का दाम तय है और रोजाना का कलेक्शन लाखों का है। अगर जेल अधीक्षकों पर कार्रवाई की जाए तो बाकी के स्टाफ का हौसला टूटेगा और वे गैर कानूनी गतिविधियों का हिस्सा नहीं बनेंगे।
एक ईमानदार को गेट पर लगा दो, रुक जाएगा आधा गोरखधंधा
सुनवाई के दौरान एडीजीपी ने कहा कि जेल में स्टाफ की कमी के कारण भी अपराधों पर लगाम लगाने में समस्या आ रही है। हाईकोर्ट ने कहा कि गेट पर केवल एक ईमानदार व्यक्ति लगा दो तो अपराध आधा हो जाएगा। जरूरत नीयत की है और यदि अधिकारी तय कर लें तो अपराधी जेल में किसी अपराध को अंजाम दे ही नहीं पाएंगे।
अधिकारियों को बर्खास्त करना शुरू करो, रुक जाएंगे जेलों में अपराध
हाईकोर्ट ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में जेल में अपराध हो रहे हैं और कार्रवाई के नाम पर केवल एक निलंबन मौजूद है। बिना अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत के जेल में अपराध संभव नहीं है। अधिकारियों को बर्खास्त करना शुरू करें और कुछ ही दिनों में इसका नतीजा आपको जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगेगा। जेलों में अपराध को रोकने का यही सबसे कारगर उपाय है।