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Panchkula News: आरोपी विजय गर्ग को डिफॉल्ट बेल, जमानत अर्जी पहले, चालान बाद में दाखिल होने पर कोर्ट का फैसला

Mon, 03 Nov 2025 02:22 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 03 Nov 2025 02:22 AM IST
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Accused Vijay Garg granted default bail; court decides on filing bail application first, challan later
पंचकूला। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नीरू कंबोज की अदालत ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के 72 करोड़ रुपये के गबन के मामले में आरोपी विजय गर्ग को डिफॉल्ट बेल (वैधानिक जमानत) दी है। अदालत ने फैसला पुलिस की ओर से तय समय सीमा पर चार्जशीट दाखिल न करने के एवज में सुनाया है। अदालत ने कहा कि पुलिस आरोपी के खिलाफ जार्चशीट समय पर दाखिल नहीं कर पाई, वहीं आरोपी की जमानत अर्जी पुलिस के चालान दाखिल करने से पहले पेश की गई।
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यह मामला एचएसवीपी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। सेक्टर-20 निवासी विजय गर्ग और उसके साथियों पर फर्जी बैंक खातों और दस्तावेजों के जरिये करीब 72 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कई बैंक रिकॉर्ड जब्त किए थे। पुलिस का कहना था कि यह एक संगठित आर्थिक अपराध है। विजय गर्ग को 30 जून 2025 को गिरफ्तार किया गया था और तभी से वह न्यायिक हिरासत में थे।
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जमानत अर्जी पहले दाखिल, चालान बाद में पेश



बचाव पक्ष का तर्क : 90 दिन की वैधानिक अवधि पूरी होने के बाद 30 सितंबर 2025 की सुबह ही विजय गर्ग ने जमानत अर्जी दाखिल कर दी थी जबकि पुलिस ने चालान उसी दिन बाद में दाखिल किया। ऐसे में अभियुक्त को डिफॉल्ट बेल का अधिकार अपनेआप मिल जाता है।
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अभियोजन पक्ष की दलील : मामला गंभीर है और आरोपित की रिहाई से जांच प्रभावित हो सकती है। कहा गया कि चालान उसी दिन दाखिल किया गया था इसलिए आरोपी को यह अधिकार नहीं मिलना चाहिए।




सह-अभियुक्त को पहले ही मिल चुकी थी डिफॉल्ट बेल



रिकॉर्ड की जांच के बाद अदालत ने पाया कि जमानत अर्जी पहले रजिस्टर्ड हुई थी और चालान उसके बाद।
इस मामले में सह-अभियुक्त सुनील कुमार गर्ग को पहले ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से डिफॉल्ट बेल मिल चुकी थी। समानता के आधार पर अदालत ने विजय गर्ग को भी वही राहत दी।



अदालत का आदेश



अदालत ने आदेश दिया कि विजय गर्ग को डिफॉल्ट बेल का लाभ देते हुए रिहा किया जाए, बशर्ते वे आवश्यक बेल बॉन्ड और श्योरिटी बॉन्ड प्रस्तुत करें।
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