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गेहूं के अवशेष जलाने पर छह माह की सजा
Panchkula
Updated Sat, 12 May 2012 12:00 PM IST
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पंचकूला। जिला प्रशासन ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गेहूं के अवशेष जलाने वालों पर सख्ती बरतें। यदि कोई ऐसा करता पाया जाता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई करे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे विशेष अभियान चला कर किसानों को जागरूक करें कि अवशेष जलाने से जमीन की उपजाऊ शक्ति कम होती है। उपायुक्त आशिमा बराड़ ने किसानों से आग्रह करते हुए कहा कि वे कृषि विभाग के सुझावों को खेती-बाड़ी के लिए प्रयोग करें ताकि वे अधिक पैदावार ले सकें। उन्होंने कहा यदि कोई किसान खेतों में विभाग के अधिकारियों को गेहूं के अवशेष जलाया जाता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी। यहां तक कि उसे छह माह की सजा या जुर्माना भी हो सकता है। उपायुक्त ने कृषि विभाग के माध्यम से किसानों के लिए चलाई जा रही राज्य सरकार की विभिन्न स्कीमों की भी समीक्षा की। कृषि विभाग के उपनिदेशक दिलबाग सिंह देसवाल ने बताया कि गेहूं के फाने/अवशेष जलाने से जमीन की उवर्रक शक्ति कम हो जाती है। फसलों को लाभ पहुंचाने वाले कीटाणु नष्ट हो जाते हैं, जिससे पैदावार कम होती। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त जगदीप सिंह व नगराधीश अश्विनी मलिक सहित कई लोग मौजूद रहे।
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