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दवा कारोबारी से 47 लाख की धोखाधड़ी
Panchkula
Updated Mon, 27 May 2013 05:30 AM IST
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पंचकूला। स्थानीय बिजनेसमैन से 47 लाख रुपये की दवा लेकर पैसे नहीं देने के आरोप में अहमदाबाद निवासी एक युवक, उसके पिता और मुंशी पर कालका थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, कालका निवासी सुशील कुमार गुप्ता की परवाणू में दवा फैक्टरी है। दो साल पहले उनकी मुलाकात अहमदाबाद निवासी ज्योति कुमार और उसके पिता आत्मा राम से हुई थी। इनका मुंशी बाबू राम भी साथ था। उन्होंने सुशील को बताया कि वे गुजरात में दवा सप्लाई का काम करते हैं। दोनों बाप-बेटे ने दावा किया कि वह हर महीने उनकी 15 लाख रुपये की दवा बेचेंगे और बदले में दो प्रतिशत कमीशन लेंगे। सुशील राजी हो गए और दोनों पक्षों में एक एग्रीमेंट बन गया। एग्रीमेंट बनने के बाद परवाणू से दवा जाती रही और वे बेचते रहे। कुछ समय तक तो सब ठीक चला, लेकिन बीच में दवा की पेमेंट कम आने लगी। इस तरह पेंमेंट रुकते-रुकते 47 लाख रुपये तक पहुंच गई। जब सुशील गुप्ता ने पैसे मांगे तो वे बहाने बनाने लगे।
ब्लैंक चेक पर भर ली मोटी राशि
सुनील की शिकायत के मुताबिक, उन्होंने ज्योति कुमार और उसके पिता को कमीशन के तौर पर जो पैसे देने थे, उसकी एवज में साइन किए हुए चार-पांच चेक भरोसा करके एक साथ दे दिए। उनसे कहा गया था कि हर महीने दवा बेचने के बाद जो कमीशन बनेगी, वे चेक के माध्यम से निकलवा लें। उन्होंने एक चेक में 62 लाख रुपये और दूसरे में करीब 10 लाख रुपये भरकर कैश कराने चाहा। गनीमत यह रही कि खाते में पैसे कम होने की वजह से चेक बाउंस हो गए।
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पुलिस के मुताबिक, कालका निवासी सुशील कुमार गुप्ता की परवाणू में दवा फैक्टरी है। दो साल पहले उनकी मुलाकात अहमदाबाद निवासी ज्योति कुमार और उसके पिता आत्मा राम से हुई थी। इनका मुंशी बाबू राम भी साथ था। उन्होंने सुशील को बताया कि वे गुजरात में दवा सप्लाई का काम करते हैं। दोनों बाप-बेटे ने दावा किया कि वह हर महीने उनकी 15 लाख रुपये की दवा बेचेंगे और बदले में दो प्रतिशत कमीशन लेंगे। सुशील राजी हो गए और दोनों पक्षों में एक एग्रीमेंट बन गया। एग्रीमेंट बनने के बाद परवाणू से दवा जाती रही और वे बेचते रहे। कुछ समय तक तो सब ठीक चला, लेकिन बीच में दवा की पेमेंट कम आने लगी। इस तरह पेंमेंट रुकते-रुकते 47 लाख रुपये तक पहुंच गई। जब सुशील गुप्ता ने पैसे मांगे तो वे बहाने बनाने लगे।
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ब्लैंक चेक पर भर ली मोटी राशि
सुनील की शिकायत के मुताबिक, उन्होंने ज्योति कुमार और उसके पिता को कमीशन के तौर पर जो पैसे देने थे, उसकी एवज में साइन किए हुए चार-पांच चेक भरोसा करके एक साथ दे दिए। उनसे कहा गया था कि हर महीने दवा बेचने के बाद जो कमीशन बनेगी, वे चेक के माध्यम से निकलवा लें। उन्होंने एक चेक में 62 लाख रुपये और दूसरे में करीब 10 लाख रुपये भरकर कैश कराने चाहा। गनीमत यह रही कि खाते में पैसे कम होने की वजह से चेक बाउंस हो गए।
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