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जबड़े के हर दर्द में दांत न निकलवाएं

Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
Panchkula
Panchkula Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
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पंचकूला। यदि आपके जबड़े में लगातार दर्द है तो जरूरी नहीं कि दांत को निकलवाएं। जबड़े में दर्द का कारण मानसिक तनाव भी हो सकता है, जो बिना दांत को निकाले ठीक हो सकता है। यह खुलासा 24वीं नेशनल कांफ्रेंस आफ इंडियन एकेडमी आफ ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलॉजी 2012 (आईएओएमआर) के आयोजित सेमिनार में हुआ। सेमिनार में गेस्ट स्पीकर गांधीनगर स्थित कर्णवती स्कूल आफ डेस्ट्री के डायरेक्टर डा. दुर्गेश बैलूर ने बताया कि मानसिक तनाव की वजह से अक्सर जबड़े में दर्द शुरू हो जाता है। लोग समझते हैं कि दांत में दर्द हो रहा है। यदि व्यक्ति किसी झोलाछाप डाक्टर के पास चला गया तो पक्का वह अपना दांत निकलवा लेगा। उन्होंने बताया कि ऐसे केस कालेज गोइंग युवाओं में सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। कुछ बच्चों में भी ऐसी समस्या है। उन्होंने बताया कि जब भी ऐसी कुछ परेशानी दिखे तो अच्छे डेंटिस्ट को दिखाना चाहिए।
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नेशनल कांफ्रेंस का आगाज शुक्रवार शाम को सेक्टर पांच स्थित इंद्रधनुष आडिटोरियम में हुआ। कांफ्रेंस में देश-विदेश से करीब 800 से डेलीगेट पहुंचे। तीन दिवसीय कांफ्रेंस में ओरल मेडिसिन व रेडियोलॉजी पर 400 से अधिक रिसर्च पेपर और 150 से अधिक पोस्टर पेश किए गए। विशेषज्ञों ने बताया कि कार्यक्रम का मकसद एक साल के दौरान ओरल मेडिसिन व रेडियोलॉजी में हुई रिसर्च के बारे में डेंटिस्ट को बताना है, ताकि वे लोगों को बेहतर सुविधा दे सकें। इस मौके पर आर्गेनाइजिंग चेयरमैन डा. सोहिल शेख, आर्गेनाइजिंग को-चेयरमैन डा. शंभुलिंग्पा, डा. दीप्ति भटनागर, डा. अमित अग्रवाल, डा. राजदीप बरार सहित कई लोग मौजूद रहे।
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एक महीने तक मुंह में छाले तो बजी कैंसर की घंटी
नेशनल कांफ्रेंस के दौरान यह भी सामने आया कि यदि किसी के मुंह में एक महीने तक एक ही जगह पर छाला रहता है तो समझिए कि कैंसर की घंटी बज रही है। ऐसी स्थिति में जितनी जल्दी हो सके कि डाक्टर को दिखाना चाहिए और कैंसर की जांच करवानी चाहिए। पीजीआई रेडियोडायग्नोसिस के हेड आफ डिपार्टमेंट डा. निरंजन खंडेलवाल ने कैंसर को अर्ली ऐज पर कैप्चर करने की कई नई तकनीक पेश की और उसके बारे में बताया।
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