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प्रशासक बोले अपराध रोकने के लिए उठाये जाएं कड़े कदम
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अपराधियों पर नकेल कसने के लिए उठाए जाएं कड़े कदम : प्रशासक
प्रशासक ने यूटी, पंजाब और हरियाणा को अपराध की घटनाओं पर सांझा प्लान तैयार करने के दिए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के गवर्नर व यूटी के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने सोमवार को यूटी, पंजाब और हरियाणा के पुलिस एवं प्रशासनिक उच्चाधिकारियों के साथ एक मीटिंग की। इसमें ट्राइसिटी में लगातार बढ़ रहे अपराध की घटनाओं को लेकर चिंता जताई। प्रशासक ने अधिकारियों को आदेश दिए कि ट्राइसिटी में अपराध की घटनाओं को रोकने के लिए तीनों आपस में मिलकर काम करें। उन्होंने अपराधियों पर नकेल कसने के लिए संयुक्त रूप से एक एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों में इस तरह की कई घटनाएं हुई हैं, जब अपराधी एक राज्य में वारदात कर दूसरी जगह भाग जाते हैं। पुलिस ऐसे में खुद को लाचार महसूस करती है क्योंकि मामला दूसरे राज्य का हो जाता है। जब तक तीनों जगह की पुलिस में तालमेल न हो तो ऐसे अपराधी तत्वों पर नकेल कसना मुश्किल है। इसी को लेकर प्रशासन ने पंजाब-हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी और कुछ पुलिस अधिकारियों और दूसरी तरफ यूटी के प्रिंसिपल होम सेक्रेटरी अरुण गुप्ता, डीजीपी संजय बेनिवाल सहित कुछ अन्य अधिकारियों को राजभवन में वार्ता के लिए बुलाया।
राज्य अपराधियों का शरणस्थल न बन सकें
प्रशासक ने यूटी पुलिस की बातों को ध्यान से सुना और पंजाब-हरियाणा के चीफ सेक्रेटरियों को निर्देश दिया कि वे राज्यों की पुलिस को इसको लेकर आगाह करें ताकि ये राज्य किसी तरह अपराधियों की शरणस्थली न बन सकें। अधिकारियों ने प्रशासक को आश्वासन दिया कि पंजाब-हरियाणा यूटी के साथ मिलकर ऐसी अवांछित गतिविधियों पर रोक लगाने की पूरी कोशिश करेंगे।
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चंडीगढ़ में लगातार बढ़ रहे अपराधों पर प्रशासक ने कड़ा नोटिस लिया है। उनके संज्ञान में पहले भी यह बात लाई जाती रही है कि चंडीगढ़ के साथ पंजाब व हरियाणा के शहरों मोहाली, पंचकूला, नयागांव, चंडीमंदिर और हिमाचल के साथ इलाके लगते हैं, लिहाजा अपराधी या तो वारदात करने यहां का रास्ता अपनाते हैं और या इन रास्तों को भागने का जरिया बनाते हैं।
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प्रशासक ने यूटी, पंजाब और हरियाणा को अपराध की घटनाओं पर सांझा प्लान तैयार करने के दिए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के गवर्नर व यूटी के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने सोमवार को यूटी, पंजाब और हरियाणा के पुलिस एवं प्रशासनिक उच्चाधिकारियों के साथ एक मीटिंग की। इसमें ट्राइसिटी में लगातार बढ़ रहे अपराध की घटनाओं को लेकर चिंता जताई। प्रशासक ने अधिकारियों को आदेश दिए कि ट्राइसिटी में अपराध की घटनाओं को रोकने के लिए तीनों आपस में मिलकर काम करें। उन्होंने अपराधियों पर नकेल कसने के लिए संयुक्त रूप से एक एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों में इस तरह की कई घटनाएं हुई हैं, जब अपराधी एक राज्य में वारदात कर दूसरी जगह भाग जाते हैं। पुलिस ऐसे में खुद को लाचार महसूस करती है क्योंकि मामला दूसरे राज्य का हो जाता है। जब तक तीनों जगह की पुलिस में तालमेल न हो तो ऐसे अपराधी तत्वों पर नकेल कसना मुश्किल है। इसी को लेकर प्रशासन ने पंजाब-हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी और कुछ पुलिस अधिकारियों और दूसरी तरफ यूटी के प्रिंसिपल होम सेक्रेटरी अरुण गुप्ता, डीजीपी संजय बेनिवाल सहित कुछ अन्य अधिकारियों को राजभवन में वार्ता के लिए बुलाया।
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राज्य अपराधियों का शरणस्थल न बन सकें
प्रशासक ने यूटी पुलिस की बातों को ध्यान से सुना और पंजाब-हरियाणा के चीफ सेक्रेटरियों को निर्देश दिया कि वे राज्यों की पुलिस को इसको लेकर आगाह करें ताकि ये राज्य किसी तरह अपराधियों की शरणस्थली न बन सकें। अधिकारियों ने प्रशासक को आश्वासन दिया कि पंजाब-हरियाणा यूटी के साथ मिलकर ऐसी अवांछित गतिविधियों पर रोक लगाने की पूरी कोशिश करेंगे।
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चंडीगढ़ में लगातार बढ़ रहे अपराधों पर प्रशासक ने कड़ा नोटिस लिया है। उनके संज्ञान में पहले भी यह बात लाई जाती रही है कि चंडीगढ़ के साथ पंजाब व हरियाणा के शहरों मोहाली, पंचकूला, नयागांव, चंडीमंदिर और हिमाचल के साथ इलाके लगते हैं, लिहाजा अपराधी या तो वारदात करने यहां का रास्ता अपनाते हैं और या इन रास्तों को भागने का जरिया बनाते हैं।