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सेक्टर 17 में हुआ पुरुष उत्पीडन के खिलाफ प्रदर्शन
Updated Mon, 19 Nov 2018 01:43 AM IST
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इंटरनेशनल मेन-डे पर सेक्टर-17 के प्लाजा में प्रदर्शन
सेव इंडियन फैमिली चंडीगढ़ ने पुरुष आयोग बनाने की उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। इंटरनेशनल मेन-डे के उपलक्ष्य पर सेक्टर-17 के प्लाजा में पुरुष उत्पीड़न को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन सेव इंडियन फैमिली चंडीगढ़ (एनजीओ) द्वारा किया गया। इसका नारा समान अधिकार समान न्याय है। प्रदर्शनकारियों ने पुरुष आयोग गठन करने, दहेज व घरेलू कानून दुुरुपयोग करने वालों को उचित दंड और तलाक व विवाह संबंधित कानून को तटस्थ करने की मांग की है। संगठन के ट्रस्टी मनिंद्र सिंह का कहना है कि महिलाओं के लिए सरकार कानून बना रही है। महिलाओं के लिए हजारों एनजीओ काम कर रही हैं, लेकिन पुरुषों की सुरक्षा के लिए कोई कानून नहीं है। उन्होंने कहा कि महिला दिवस को हर जगह सेलिब्रेट किया जाता है, लेकिन पुरुष दिवस मनाने के लिए कोई आगे नहीं आता। प्रदर्शन में संगठन सदस्यों ने जेल में बैठकर उन पुरुषों की स्थिति को दर्शाया, जिनको झूठे केसों में फंसाकर जेल में बंद कर दिया जाता है। एनजीओ के चंडीगढ़ फाउंडर अरुण गुप्ता ने कहा कि हम यहां दस हजार केस पर सहमति करवा चुके हैं। यह सारे केस फर्जी थे। हमारे पास पचास से ज्यादा उन महिलाओं के केस दर्ज हुए हैं। जो पांच बार शादियां कर चुकी हैं। पैसों के लालच में कुछ महिलाएं पुरुषों को झूठे केस में फंसा रही हैं। उन पर कार्यवाही होनी चाहिए। एनजीओ का पुरुषों के लिए हेल्प लाइन नंबर भी है। मनिंद्र का कहना है पिछले 4 साल से इस नंबर पर 1 लाख 97 हजार कॉल आ चुकी हैं।
सेव इंडियन फैमिली चंडीगढ़ ने पुरुष आयोग बनाने की उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। इंटरनेशनल मेन-डे के उपलक्ष्य पर सेक्टर-17 के प्लाजा में पुरुष उत्पीड़न को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन सेव इंडियन फैमिली चंडीगढ़ (एनजीओ) द्वारा किया गया। इसका नारा समान अधिकार समान न्याय है। प्रदर्शनकारियों ने पुरुष आयोग गठन करने, दहेज व घरेलू कानून दुुरुपयोग करने वालों को उचित दंड और तलाक व विवाह संबंधित कानून को तटस्थ करने की मांग की है। संगठन के ट्रस्टी मनिंद्र सिंह का कहना है कि महिलाओं के लिए सरकार कानून बना रही है। महिलाओं के लिए हजारों एनजीओ काम कर रही हैं, लेकिन पुरुषों की सुरक्षा के लिए कोई कानून नहीं है। उन्होंने कहा कि महिला दिवस को हर जगह सेलिब्रेट किया जाता है, लेकिन पुरुष दिवस मनाने के लिए कोई आगे नहीं आता। प्रदर्शन में संगठन सदस्यों ने जेल में बैठकर उन पुरुषों की स्थिति को दर्शाया, जिनको झूठे केसों में फंसाकर जेल में बंद कर दिया जाता है। एनजीओ के चंडीगढ़ फाउंडर अरुण गुप्ता ने कहा कि हम यहां दस हजार केस पर सहमति करवा चुके हैं। यह सारे केस फर्जी थे। हमारे पास पचास से ज्यादा उन महिलाओं के केस दर्ज हुए हैं। जो पांच बार शादियां कर चुकी हैं। पैसों के लालच में कुछ महिलाएं पुरुषों को झूठे केस में फंसा रही हैं। उन पर कार्यवाही होनी चाहिए। एनजीओ का पुरुषों के लिए हेल्प लाइन नंबर भी है। मनिंद्र का कहना है पिछले 4 साल से इस नंबर पर 1 लाख 97 हजार कॉल आ चुकी हैं।