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पीयू में एनएसयूआई का परचम
Updated Fri, 08 Sep 2017 01:19 AM IST
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पीयू में एनएसयूआई का परचम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव में इस बार एनएसयूआई ने परचम लहराया है। प्रधान, उप प्रधान और सचिव के तीनों पदों पर जीत हासिल की है। जबकि संयुक्त सचिव का पद पूसू गठबंधन ने जीता। दो साल बाद एनएसयूआई ने काउंसिल में जबरदस्त वापसी की है और मुख्य विपक्ष एसएफएस को करारी पटखनी दी। एसएफएस सिर्फ प्रधान पद पर दूसरे नंबर पर रही, जबकि अन्य सीटों पर सूपड़ा साफ हो गया। वीरवार को हुए चुनाव में साढ़े 15 हजार में से 9910 वोट पड़े यानी करीब 63 फीसदी पोलिंग हुई।
पीयू में एमबीए का छात्र जशन कंबोज 2801 वोट लेकर प्रधान बने। जशन ने एसएफएस की उम्मीदवार हसनप्रीत कौर को 611 वोट से हराया। कौर को 2190 वोट पड़े। जशन कंबोज मूल रूप से पंजाब के फिरोजपुर के रहने वाले हैं और उनके पिता किसान हैं। उप प्रधान के पद पद को भी एनएसयूआई उम्मीदवार करनवीर सिंह ने जीता। करनवीर को 3758 वोट मिले, जबकि दूसरे नंबर दूसरे नंबर पर पूसू की निधि लांबा रहीं, जिन्हें 2420 वोट मिले। इस पद में जीत का अंतर 1388 रहा, जो काफी बड़ा है। करनवीर पीयू में इंजीनियरिंग केछात्र हैं। सचिव पद पर वानी सूद ने 2965 वोट हासिल किए और पूसू केउम्मीदवार सूरज दहिया को 669 वोट से हराया। दहिया को 2296 वोट मिले। वानी पीयू में यूआईईटी की छात्रा हैं और मूल रूप से लुधियाना की रहने वाली हैं। संयुक्त सचिव का पद पूसू गठबंधन के संगठन आईएसए केउम्मीदवार करन रंधावा ने जीता जिन्हें 3153 वोट मिले। इस पद पर एनएसयूआई की उम्मीदवार इज्या सिंह 375 वोट से हार गई, जिसे कुल 2778 वोट मिले। करन रंधावा बटाला के हैं और पीयू में एंतरोपोलॉजी के छात्र हैं।
जीत के बाद बोले विजेता. . . .
1. सभी ने साथ दिया। यह एनएसयूआई की बड़ी जीत है। हमने जो भी वायदे किए थे, उन्हें पूरा किया जाएगा। हमारा संगठन छात्र हित में काम करता आया है और आगे भी ऐसा ही होगा। यह छात्र एकता की जीत है।
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जशन कंबोज
2. यह सभी छात्रों की जीत है। अपने किए वायदे निभाएंगे। हमने कभी एसएफएस को चुनौती समझा ही नहीं था।
करनवीर सिंह
3. पीयू में मैं छात्राओं का चेहरा बनी हूं। मुझे काफी काम करने हैं। सबसे पहले हॉस्टल की सभी दिक्कतों को दूर कराया जाएगा।
वानी सूद
4. हमारा स्टूडेंट फ्रंट नया था, लेकिन उससे जुड़े सभी ऐसे छात्र हैं, जो पुराने हैं। सबसे पहले पीयू की मूल दिक्कतों को को दूर करने के लिए काम किया जाएगा।
करन रंधावा
दो साल बाद हुई वापसी, पीयू स्टूडेंट काउंसिल के प्रधान, उप प्रधान और सचिव का पद जीता
2801 वोट लेकर जशन कंबोज बने प्रधान, दूसरे नंबर पर रही एसएफएस की हसनप्रीत को मिले 2190 वोट
करनवीर सिंह ने उप प्रधान बनने केलिए 3758 वोट हासिल किए, दूसरे नंबर पर पूसू की निधि लांबा को 2420 वोट मिले
2965 वोट लेकर सचिव बनी वानी सूद, 2296 वोट लेकर पूसू के सूरज दहिया दूसरे नंबर पर
संयुक्त सचिव का पद पूसू गठबंधन के करन रंधावा ने जीता, जिसे 3153 वोट मिले
इस पद पर एनएसयूआई की उम्मीदवार इज्या सिंह 2778 वोट केसाथ दूसरे नंबर पर
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव में इस बार एनएसयूआई ने परचम लहराया है। प्रधान, उप प्रधान और सचिव के तीनों पदों पर जीत हासिल की है। जबकि संयुक्त सचिव का पद पूसू गठबंधन ने जीता। दो साल बाद एनएसयूआई ने काउंसिल में जबरदस्त वापसी की है और मुख्य विपक्ष एसएफएस को करारी पटखनी दी। एसएफएस सिर्फ प्रधान पद पर दूसरे नंबर पर रही, जबकि अन्य सीटों पर सूपड़ा साफ हो गया। वीरवार को हुए चुनाव में साढ़े 15 हजार में से 9910 वोट पड़े यानी करीब 63 फीसदी पोलिंग हुई।
पीयू में एमबीए का छात्र जशन कंबोज 2801 वोट लेकर प्रधान बने। जशन ने एसएफएस की उम्मीदवार हसनप्रीत कौर को 611 वोट से हराया। कौर को 2190 वोट पड़े। जशन कंबोज मूल रूप से पंजाब के फिरोजपुर के रहने वाले हैं और उनके पिता किसान हैं। उप प्रधान के पद पद को भी एनएसयूआई उम्मीदवार करनवीर सिंह ने जीता। करनवीर को 3758 वोट मिले, जबकि दूसरे नंबर दूसरे नंबर पर पूसू की निधि लांबा रहीं, जिन्हें 2420 वोट मिले। इस पद में जीत का अंतर 1388 रहा, जो काफी बड़ा है। करनवीर पीयू में इंजीनियरिंग केछात्र हैं। सचिव पद पर वानी सूद ने 2965 वोट हासिल किए और पूसू केउम्मीदवार सूरज दहिया को 669 वोट से हराया। दहिया को 2296 वोट मिले। वानी पीयू में यूआईईटी की छात्रा हैं और मूल रूप से लुधियाना की रहने वाली हैं। संयुक्त सचिव का पद पूसू गठबंधन के संगठन आईएसए केउम्मीदवार करन रंधावा ने जीता जिन्हें 3153 वोट मिले। इस पद पर एनएसयूआई की उम्मीदवार इज्या सिंह 375 वोट से हार गई, जिसे कुल 2778 वोट मिले। करन रंधावा बटाला के हैं और पीयू में एंतरोपोलॉजी के छात्र हैं।
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जीत के बाद बोले विजेता. . . .
1. सभी ने साथ दिया। यह एनएसयूआई की बड़ी जीत है। हमने जो भी वायदे किए थे, उन्हें पूरा किया जाएगा। हमारा संगठन छात्र हित में काम करता आया है और आगे भी ऐसा ही होगा। यह छात्र एकता की जीत है।
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जशन कंबोज
2. यह सभी छात्रों की जीत है। अपने किए वायदे निभाएंगे। हमने कभी एसएफएस को चुनौती समझा ही नहीं था।
करनवीर सिंह
3. पीयू में मैं छात्राओं का चेहरा बनी हूं। मुझे काफी काम करने हैं। सबसे पहले हॉस्टल की सभी दिक्कतों को दूर कराया जाएगा।
वानी सूद
4. हमारा स्टूडेंट फ्रंट नया था, लेकिन उससे जुड़े सभी ऐसे छात्र हैं, जो पुराने हैं। सबसे पहले पीयू की मूल दिक्कतों को को दूर करने के लिए काम किया जाएगा।
करन रंधावा
दो साल बाद हुई वापसी, पीयू स्टूडेंट काउंसिल के प्रधान, उप प्रधान और सचिव का पद जीता
2801 वोट लेकर जशन कंबोज बने प्रधान, दूसरे नंबर पर रही एसएफएस की हसनप्रीत को मिले 2190 वोट
करनवीर सिंह ने उप प्रधान बनने केलिए 3758 वोट हासिल किए, दूसरे नंबर पर पूसू की निधि लांबा को 2420 वोट मिले
2965 वोट लेकर सचिव बनी वानी सूद, 2296 वोट लेकर पूसू के सूरज दहिया दूसरे नंबर पर
संयुक्त सचिव का पद पूसू गठबंधन के करन रंधावा ने जीता, जिसे 3153 वोट मिले
इस पद पर एनएसयूआई की उम्मीदवार इज्या सिंह 2778 वोट केसाथ दूसरे नंबर पर