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पंजाब में पराली जलाने से रोकने को 878 करोड़ की योजना तैयार : मुख्य सचिव
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चंडीगढ़। पंजाब में धान की पराली जलाने के रुझान को पूरी तरह खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने 878 करोड़ रुपये की कार्य योजना तैयार की है। इसमें से 235 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी मंजूर की जा चुकी है। खेत से बाहर फसलीय अवशेष प्रबंधन के लिए 97.5 मेगावाट क्षमता वाले 11 बायोमास पावर प्रोजेक्ट स्थापित करने के अलावा 23 सीबीजी प्रोजेक्ट भी अलाट किए गए हैं।
मुख्य सचिव विनी महाजन ने शुक्रवार को एनसीआर और पास के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन संबंधी आयोग के साथ मीटिंग के दौरान पराली जलाने से रोकने और इस रुझान को कंट्रोल करने के राज्य द्वारा किए प्रयासों को साझा किया। इस मीटिंग के दौरान राज्य में फसलीय अवशेष को जलाने से रोकने के लिए विचार-विमर्श भी किया गया।
आयोग के चेयरमैन डा. एमएम कुट्टी ने आयोग की हिदायतों के मुताबिक फसलीय अवशेष के इन-सीटू/एक्स-सीटू प्रबंधन संबंधी पंजाब राज्य की कार्य योजना के लिए पंजाब सरकार की पीठ थपथपाई। उन्होंने धान की पराली जलाने के रुझान को कम करने की योजना के साथ-साथ प्रभावशाली निगरानी और नियम लागू करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
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महाजन ने बताया कि सरकार की तरफ से साल 2021-22 के दौरान पीक डिमांड को पूरा करने के मद्देनजर 25,000 और ऐसी मशीनें मुहैया करवाने का प्रस्ताव है, जिसके लिए किसानों, किसान समूहों और सहकारी सभाओं से आवेदनों की मांग की गई है।
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मुख्य सचिव विनी महाजन ने शुक्रवार को एनसीआर और पास के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन संबंधी आयोग के साथ मीटिंग के दौरान पराली जलाने से रोकने और इस रुझान को कंट्रोल करने के राज्य द्वारा किए प्रयासों को साझा किया। इस मीटिंग के दौरान राज्य में फसलीय अवशेष को जलाने से रोकने के लिए विचार-विमर्श भी किया गया।
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आयोग के चेयरमैन डा. एमएम कुट्टी ने आयोग की हिदायतों के मुताबिक फसलीय अवशेष के इन-सीटू/एक्स-सीटू प्रबंधन संबंधी पंजाब राज्य की कार्य योजना के लिए पंजाब सरकार की पीठ थपथपाई। उन्होंने धान की पराली जलाने के रुझान को कम करने की योजना के साथ-साथ प्रभावशाली निगरानी और नियम लागू करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
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महाजन ने बताया कि सरकार की तरफ से साल 2021-22 के दौरान पीक डिमांड को पूरा करने के मद्देनजर 25,000 और ऐसी मशीनें मुहैया करवाने का प्रस्ताव है, जिसके लिए किसानों, किसान समूहों और सहकारी सभाओं से आवेदनों की मांग की गई है।