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रात में नहीं भायी विस्ताडोम की सवारी
Updated Wed, 12 Dec 2018 01:44 AM IST
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रात को लुभा नहीं पाया विस्ताडोम कोच
मंगलवार शाम 6.32 बजे शिमला से विस्ताडोम कोच रवाना हुआ। लेकिन रात के अंधेरे में कोच की पारदर्शिता कहीं गुम हो गई थी। नतीजा पर्यटकों को रेल कर्मी पकड़ पकड़कर ला रहे थे, लेकिन पर्यटक कोच में बैठने को तैयार नहीं थे, क्योंकि रात के अंधेरे में उन्हें बाहर का नजारा कुछ दिख नहीं रहा था। ऐसे में पर्यटकों ने जनरल कोच में बैठना ही मुनासिब समझा। क्योंकि विस्ताडोम कोच का किराया 130 रुपये था और जनरल का महज 50 रुपये। कुल मिलाकर शिमला से कालका तक शाम के समय 8 सीटें ही बुक हो पाईं। मंगलवार की देर शाम भी ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। क्योंकि रेल मुलाजिमों के पास बुकिंग का ऑनलाइन सर्कुलर अब तक जारी नहीं किया गया। जनरल टिकट वालों को टीटी ने मैन्युअल टिकट विस्ताडोम में फारवर्ड किया।
मंगलवार शाम 6.32 बजे शिमला से विस्ताडोम कोच रवाना हुआ। लेकिन रात के अंधेरे में कोच की पारदर्शिता कहीं गुम हो गई थी। नतीजा पर्यटकों को रेल कर्मी पकड़ पकड़कर ला रहे थे, लेकिन पर्यटक कोच में बैठने को तैयार नहीं थे, क्योंकि रात के अंधेरे में उन्हें बाहर का नजारा कुछ दिख नहीं रहा था। ऐसे में पर्यटकों ने जनरल कोच में बैठना ही मुनासिब समझा। क्योंकि विस्ताडोम कोच का किराया 130 रुपये था और जनरल का महज 50 रुपये। कुल मिलाकर शिमला से कालका तक शाम के समय 8 सीटें ही बुक हो पाईं। मंगलवार की देर शाम भी ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। क्योंकि रेल मुलाजिमों के पास बुकिंग का ऑनलाइन सर्कुलर अब तक जारी नहीं किया गया। जनरल टिकट वालों को टीटी ने मैन्युअल टिकट विस्ताडोम में फारवर्ड किया।