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आम लोगों की भागीदारी से किया जाय ट्राइ्रसिटी का विकास
Updated Wed, 11 Jul 2018 01:40 AM IST
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आम लोगों की भागीदारी से हो ट्राइसिटी का विकास
- यूटी प्रशासक ने सिटीजन एडवाइजरी काउंसिल बनाने पर दिया जोर
- गुरुग्राम की दर्ज पर आम लोगों के सुझाव लेकर किया जाए विचार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रशासक वीपी बदनौर ने गुरुग्राम की तरह ट्राइसिटी के विकास के लिए सिटीजन एडवाइजरी काउंसिल बनाए जाने पर जोर दिया है। इसके लिए लोगों के सुझाव लेने के बाद ट्राइसिटी के विकास का प्रारूप तैयार किया जाए। इससे ट्राइसिटी का विकास होगा और इसमें नागरिकों की भी भागेदारी अहम होगी।
यह बात मंगलवार को शहर में एक संस्था के निजी कार्यक्रम में प्रशासक वीपी बदनौर ने कही। उन्होंने कहा कि ट्राइसिटी में ढांचागत विकास के तमाम मुद्दे हैं। यदि ट्राइसिटी में कोई बड़ी परियोजना आती है तो उस पर हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ को मिलकर काम करना चाहिए। प्रशासक ने कहा कि नगर निगमों का एकीकरण, बेस्ट मैनेजमेंट पर कार्य और ट्राइसिटी मेट्रो जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया जाना है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण का गठन 6 माह पहले किया गया है। यहां प्राधिकरण के विकास के लिए सिटीजन एडवाइजरी काउंसिल बनाई गई है। ठीक उसी प्रकार से ट्राइसिटी के विकास के लिए भी सिटीजन एडवाइजरी काउंसिल बनाई जानी चाहिए। इसके लिए लोगों के सुझाव लेकर ट्राइसिटी का विकास किया जाए।
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- यूटी प्रशासक ने सिटीजन एडवाइजरी काउंसिल बनाने पर दिया जोर
- गुरुग्राम की दर्ज पर आम लोगों के सुझाव लेकर किया जाए विचार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रशासक वीपी बदनौर ने गुरुग्राम की तरह ट्राइसिटी के विकास के लिए सिटीजन एडवाइजरी काउंसिल बनाए जाने पर जोर दिया है। इसके लिए लोगों के सुझाव लेने के बाद ट्राइसिटी के विकास का प्रारूप तैयार किया जाए। इससे ट्राइसिटी का विकास होगा और इसमें नागरिकों की भी भागेदारी अहम होगी।
यह बात मंगलवार को शहर में एक संस्था के निजी कार्यक्रम में प्रशासक वीपी बदनौर ने कही। उन्होंने कहा कि ट्राइसिटी में ढांचागत विकास के तमाम मुद्दे हैं। यदि ट्राइसिटी में कोई बड़ी परियोजना आती है तो उस पर हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ को मिलकर काम करना चाहिए। प्रशासक ने कहा कि नगर निगमों का एकीकरण, बेस्ट मैनेजमेंट पर कार्य और ट्राइसिटी मेट्रो जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया जाना है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण का गठन 6 माह पहले किया गया है। यहां प्राधिकरण के विकास के लिए सिटीजन एडवाइजरी काउंसिल बनाई गई है। ठीक उसी प्रकार से ट्राइसिटी के विकास के लिए भी सिटीजन एडवाइजरी काउंसिल बनाई जानी चाहिए। इसके लिए लोगों के सुझाव लेकर ट्राइसिटी का विकास किया जाए।
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