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हरियाणा से 77 ट्रेनों और 5500 बसों से अब तक भेजे गए 2.90 लाख श्रमिक, अभियान अभी जारी
Tue, 26 May 2020 12:16 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 26 May 2020 12:16 PM IST
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श्रमिक ट्रेन
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हरियाणा सरकर अब तक 2.90 लाख श्रमिकों को घर भिजवा चुकी है। ये घर जाने के इच्छुक थे। इन्हें उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर-पूर्व के राज्यों के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों में 77 ट्रेनों और 5,500 बसों से भेजा गया है। सीएम मनोहर लाल ने बताया कि सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से प्रवासी श्रमिकों की वापसी के लिए परिवहन पर 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं।
हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड के माध्यम से इच्छुक प्रवासी श्रमिकों के परिवहन पर पूरा खर्च किया जा रहा है। अब राज्य में लगभग 15,000 श्रमिक शेष है, जो लौटने के इच्छुक हैं। उनके लिए ट्रेन और बसों की व्यवस्था पर्याप्त संख्या में की गई है। सोमवार को 100 बसों की व्यवस्था की गई थी, लेकिन प्रवासी श्रमिकों की संख्या कम होने के कारण केवल 15 बसें ही अन्य राज्यों के लिए रवाना हुईं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने के बाद बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों ने यहां रहने का विकल्प चुना है और पहले की तरह औद्योगिक प्रतिष्ठानों में काम करना शुरू कर दिया है। इच्छुक प्रवासियों की संख्या कम है, इसलिए अन्य राज्यों में बस और ट्रेन सेवा 27 मई 2020 तक जारी रहेगी और अपने गृह राज्य लौटने के इच्छुक श्रमिक अपने-अपने क्षेत्र के नोडल अधिकारियों और जिला प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में ट्रेनों को झारखंड और बिहार भेजा जाएगा। 27 मई को विशेष ट्रेन और बस सेवाओं के लिए विचार-विमर्श किया जाएगा। राज्य में सामान्य बस और ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू किया जा रहा है।
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हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड के माध्यम से इच्छुक प्रवासी श्रमिकों के परिवहन पर पूरा खर्च किया जा रहा है। अब राज्य में लगभग 15,000 श्रमिक शेष है, जो लौटने के इच्छुक हैं। उनके लिए ट्रेन और बसों की व्यवस्था पर्याप्त संख्या में की गई है। सोमवार को 100 बसों की व्यवस्था की गई थी, लेकिन प्रवासी श्रमिकों की संख्या कम होने के कारण केवल 15 बसें ही अन्य राज्यों के लिए रवाना हुईं।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा में आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने के बाद बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों ने यहां रहने का विकल्प चुना है और पहले की तरह औद्योगिक प्रतिष्ठानों में काम करना शुरू कर दिया है। इच्छुक प्रवासियों की संख्या कम है, इसलिए अन्य राज्यों में बस और ट्रेन सेवा 27 मई 2020 तक जारी रहेगी और अपने गृह राज्य लौटने के इच्छुक श्रमिक अपने-अपने क्षेत्र के नोडल अधिकारियों और जिला प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में ट्रेनों को झारखंड और बिहार भेजा जाएगा। 27 मई को विशेष ट्रेन और बस सेवाओं के लिए विचार-विमर्श किया जाएगा। राज्य में सामान्य बस और ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू किया जा रहा है।