फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   75 million gas crematorium ready ... waiting for inauguration for five months

75 लाख से गैस शवदाह गृह तैयार...पांच माह से उद्घाटन का इंतजार

Sun, 28 Feb 2021 02:20 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 28 Feb 2021 02:20 AM IST
विज्ञापन
75 million gas crematorium ready ... waiting for inauguration for five months
पंचकूला। प्रदूषण को कम करने के लिए सेक्टर-20 स्थित सनातन धर्म बैकुंठ धाम में 75 लाख रुपये की लागत से गैस शवदाह गृह पांच माह पहले ही बनकर तैयार हो गया है, लेकिन अभी तक उद्घाटन की घड़ी नजदीक नहीं आई है। प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी का शिकार गैस शवदाह गृह धूल फांक रहा है। सनातन धर्म बैकुंठ धाम के पदाधिकारी शुभारंभ करने के लिए नगर निगम ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं।
विज्ञापन

14 अगस्त 2020 को हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने निरीक्षण के दौरान घोषणा की थी कि इसका उद्घाटन जल्द होगा। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि गैस आधारित शवदाह गृह का निर्माण कार्य 70 फीसदी पूरा हो चुका है, बाकी का 30 फीसदी कार्य दो सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि गैस शवदाह गृह के निर्माण का फैसला कोरोना के मद्देनजर लिया गया है। सब कुछ वादे के मुताबिक हुआ, लेकिन प्रबंधन और स्थानीय लोगों को उद्घाटन का इंतजार है। उन्हें वर्तमान में संस्कार करने के लिए लकड़ी का सहारा लेना पड़ता है, जिसके लिए मोटी रकम चुकानी पड़ रही है।
विज्ञापन

10 शहरों में बनाया गया है गैस शवदाह गृह
पर्यावरण के मद्देनजर प्रदेश के 10 नगर निगमों में गैस शवदाह गृह को स्थापित किया है। इनमें पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, जगाधरी, करनाल, हिसार, रोहतक, फरीदाबाद, पानीपत और बहादुरगढ़ शामिल हैं। नगर परिषदों में भी गैस आधारित शवदाह गृह स्थापित किए जा रहे हैं। यह पंचकूला में पहला गैस शवदाह सिस्टम है। अभी तक कई शहरों में इलेक्ट्रॉनिक शवदाह गृह स्थापित हैं, लेकिन गैस शवदाह सिस्टम अत्याधुनिक सिस्टम से लैस होने के साथ पंचकूला में पहला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रतिमाह आएगा एक लाख का खर्च
मेयर कुलभूषण गोयल से गैस शवदाह गृह के शुभारंभ को लेकर बात की गई तो उन्होंने कहा कि इसके संचालन और देखरेख पर प्रतिमाह करीब एक लाख रुपये का खर्च आएगा। इसकी मंजूरी के लिए इसे सदन में पारित करवाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इसे एजेंडे में शामिल कर लिया गया है। सदन की बैठक में जरूर मंजूरी मिल जाएगी। जैसे ही सदन मोहर लगाएगा सिस्टम को शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed