{"_id":"5a6f7ed84f1c1b7b268b71cf","slug":"71517256408-panchkula-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमसीएम डीएवी कालेज ने गोल्डेन जुबली मनाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमसीएम डीएवी कालेज ने गोल्डेन जुबली मनाई
Updated Tue, 30 Jan 2018 01:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एमसीएम डीएवी ने मनाई गोल्डन जुबली
भौतिक संपन्नता से नहीं, अच्छे काम से मिलता है सुख : विवेक अत्रे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
सेक्टर-36 स्थित एमसीएम डीएवी कॉलेज फॉर वुमन ने गोल्डन जुबली मनाई। इसमें खुश रहने के व्यावहारिक और आध्यात्मिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सेमिनार करवाया गया। डीएवी कॉलेज मैनेजिंग कमेटी कालेजेस के डायरेक्टर सतीश शर्मा मुख्य अतिथि और डीएवी वरिष्ठ गवर्निंग बाडी केसदस्य एचआर गंधार विशेष अतिथि मौजूद रहे।
पंजाब यूनिवर्सिटी के साइकोलॉजी विभाग के प्रोे. जितेंद्र मोहन ने कहा कि प्रसन्नता एक सापेक्ष अनुभव है। मनुष्य हर समस्या को दरकिनार कर प्रसन्न रहता है, तो वह बहुत सौभाग्यशाली होता है। प्रसन्न रहने केलिए लोगों को चिंता नहीं करनी चाहिए। दूसरों की मदद कर खुशी देना भी आपके लिए सुखदायी होता है। पूर्व आईएएस विवेक अत्रे ने कहा कि भौतिक संपन्नता से वास्तव में सुख नहीं मिलता। अच्छे काम करने के बाद लोगों को सुख मिलता है। जापान के हकोऊ यूनिवर्सिटी के प्रोे. हीरू ताकाहाशी ने कहा कि खुश रहने के लिए लोगों को खुद अच्छे कार्य करने चाहिए। अगर लोगाें के बीच संबंध अच्छे होंगे तो वह अपने आप में खुश रहेंगे। खुश रहने केलिए लोगों को नैतिक मूल्यों का पालन करना चाहिए। सम्मेलन में डीएवी यूनिवर्सिटी जालंधर के कुलपति प्रोे. आरके महाजन, पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेट के सदस्य डॉ. गुरदीप शर्मा, पंजाब यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक्स से प्रो. हर्ष गंधार भी मौजूद थे। समारोह में आए लोगों को कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. निशा भार्गव ने धन्यवाद दिया।
विज्ञापन
भौतिक संपन्नता से नहीं, अच्छे काम से मिलता है सुख : विवेक अत्रे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
सेक्टर-36 स्थित एमसीएम डीएवी कॉलेज फॉर वुमन ने गोल्डन जुबली मनाई। इसमें खुश रहने के व्यावहारिक और आध्यात्मिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सेमिनार करवाया गया। डीएवी कॉलेज मैनेजिंग कमेटी कालेजेस के डायरेक्टर सतीश शर्मा मुख्य अतिथि और डीएवी वरिष्ठ गवर्निंग बाडी केसदस्य एचआर गंधार विशेष अतिथि मौजूद रहे।
पंजाब यूनिवर्सिटी के साइकोलॉजी विभाग के प्रोे. जितेंद्र मोहन ने कहा कि प्रसन्नता एक सापेक्ष अनुभव है। मनुष्य हर समस्या को दरकिनार कर प्रसन्न रहता है, तो वह बहुत सौभाग्यशाली होता है। प्रसन्न रहने केलिए लोगों को चिंता नहीं करनी चाहिए। दूसरों की मदद कर खुशी देना भी आपके लिए सुखदायी होता है। पूर्व आईएएस विवेक अत्रे ने कहा कि भौतिक संपन्नता से वास्तव में सुख नहीं मिलता। अच्छे काम करने के बाद लोगों को सुख मिलता है। जापान के हकोऊ यूनिवर्सिटी के प्रोे. हीरू ताकाहाशी ने कहा कि खुश रहने के लिए लोगों को खुद अच्छे कार्य करने चाहिए। अगर लोगाें के बीच संबंध अच्छे होंगे तो वह अपने आप में खुश रहेंगे। खुश रहने केलिए लोगों को नैतिक मूल्यों का पालन करना चाहिए। सम्मेलन में डीएवी यूनिवर्सिटी जालंधर के कुलपति प्रोे. आरके महाजन, पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेट के सदस्य डॉ. गुरदीप शर्मा, पंजाब यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक्स से प्रो. हर्ष गंधार भी मौजूद थे। समारोह में आए लोगों को कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. निशा भार्गव ने धन्यवाद दिया।
विज्ञापन