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पीजीआई की ओपीडी में देखे गए 6670 मरीज,
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चंडीगढ़। पीजीआई की न्यू ओपीडी खुलने केदूसरे दिन मंगलवार को 5217 मरीजों ने पंजीकरण करवाकर डॉक्टरों से परामर्श लिया। वहीं, 1453 मरीज टेली कंसल्टेशन के माध्यम से देखे गए। ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के बाद मरीजों को जांच के लिए ब्लड सैंपल देने के लिए काफी देर इंतजार करना पड़ा। ब्लड सैंपल के लिए महज दो काउंटर ही खोले गए थे। यहां सुबह 10 बजे से सैकड़ों मरीजों की भीड़ लग गई। इससे कोरोना से बचाव के मानकों का पालन संभव नहीं हो सका।
ऐसी स्थिति देखकर मरीजों व उनकेतीमारदारों का कहना था कि पीजीआई प्रशासन खुद की कोरोना बढ़ाने का काम कर रहा है। अगर बचाव की चिंता होती तो पंजीकरण काउंटर की तरह सैंपल लेने के लिए भी अधिक काउंटर बनाए जाते।
मरीजों तक जानकारी नहीं पहुंची
डेढ़ साल बाद ओपीडी की सुविधा बहाल होने की सूचना अब तक मरीजों तक नहीं पहुंची है। नतीजन सुविधा शुरू होने के बावजूद ज्यादातर मरीज उससे वंचित हैं। दूसरे दिन ओपीडी में अपनी मां का इलाज करवाने आए बठिंडा के सुरेंद्र सिंह ने कहा है कि पीजीआई की वेबसाइट पर इसकी सूचना देनी चाहिए थी। जानकारी के अभाव में मरीज और उनके परिजन अब भी फोन नंबर और ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण के लिए परेशान हो रहे हैं। वहीं, सेक्टर-22 से इलाज के लिए पहुंचे नवीन सिंह का कहना है कि अगर खून जांच काउंटर पर ऐसी ही व्यवस्था रही तो ओपीडी दोबारा बंद होते देर नहीं लगेगी।
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इनसेट-
दूसरे दिन का आंकड़ा
काउंटर पर पंजीकरण- 5217
टेली कंसेल्टेशन से पंजीकरण- 1453
कोट
मरीजों की सुविधा को देखते हुए पंजीकरण काउंटर की संख्या बढ़ाई गई है। ब्लड सैंपल कलेक्शन काउंटर पर लोगों की भीड़ न जमा हो, इसकी जल्द ही उचित व्यवस्था की जाएगी।
-डॉ. नवीन पाण्डेय, ओपीडी प्रभारी पीजीआई
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ऐसी स्थिति देखकर मरीजों व उनकेतीमारदारों का कहना था कि पीजीआई प्रशासन खुद की कोरोना बढ़ाने का काम कर रहा है। अगर बचाव की चिंता होती तो पंजीकरण काउंटर की तरह सैंपल लेने के लिए भी अधिक काउंटर बनाए जाते।
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मरीजों तक जानकारी नहीं पहुंची
डेढ़ साल बाद ओपीडी की सुविधा बहाल होने की सूचना अब तक मरीजों तक नहीं पहुंची है। नतीजन सुविधा शुरू होने के बावजूद ज्यादातर मरीज उससे वंचित हैं। दूसरे दिन ओपीडी में अपनी मां का इलाज करवाने आए बठिंडा के सुरेंद्र सिंह ने कहा है कि पीजीआई की वेबसाइट पर इसकी सूचना देनी चाहिए थी। जानकारी के अभाव में मरीज और उनके परिजन अब भी फोन नंबर और ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण के लिए परेशान हो रहे हैं। वहीं, सेक्टर-22 से इलाज के लिए पहुंचे नवीन सिंह का कहना है कि अगर खून जांच काउंटर पर ऐसी ही व्यवस्था रही तो ओपीडी दोबारा बंद होते देर नहीं लगेगी।
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दूसरे दिन का आंकड़ा
काउंटर पर पंजीकरण- 5217
टेली कंसेल्टेशन से पंजीकरण- 1453
कोट
मरीजों की सुविधा को देखते हुए पंजीकरण काउंटर की संख्या बढ़ाई गई है। ब्लड सैंपल कलेक्शन काउंटर पर लोगों की भीड़ न जमा हो, इसकी जल्द ही उचित व्यवस्था की जाएगी।
-डॉ. नवीन पाण्डेय, ओपीडी प्रभारी पीजीआई