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सत बेगाने नाटक ने दर्शकों का जीता दिल
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चंडीगढ़। दो प्यार करने वालों के प्रति समाज की दोहरी सोच, जातिवाद और अंतर जाति विवाह पर बच्चने और जय कौर की प्रेम कहानी ने कटाक्ष किया। जो ताउम्र अपनी शादी की वजह से न तो कभी खुशहाल जीवन जी पाते हैं और न ही उनके बच्चों की शादी हो पाती है। यह कहानी ‘सत्त बेगाने’ नाटक के जरिए बयां की गई। इसका मंचन वीरवार को पंजाब कला भवन सेक्टर-16 में हो रहे तीन दिवसीय समर थियेटर फेस्टिवल ‘शगूफे 2019’ के दूसरे दिन हुआ। इसका लेखन अजमेर सिंह औलख ने किया। इसको थियेटर फार थियेटर ग्रुप के कलाकारों ने पेश किया, वहीं निर्देशन एस गुरप्रीत बैंस ने किया।
समाज के खिलाफ जाकर अंतरजातीय विवाह करवाने वाले बच्चने और जय कौर के घर की कहानी है। शादी के भी समाज उनकी शादी को मान्यता नहीं देता और उनके चारों बेटों की शादी के लिए कोई अपनी बेटी का रिश्ता नहीं देता। नाटक समाज की सोच पर चोट कर गया कि कैसे समाज अंतर जाति शादी को मंजूर नहीं करता। इसमें मुख्य भूमिका राज कमाना, प्रिया शर्मा, गुरप्रीत, विक्रांत, दीपक कंबोज, अनुराज चहल, नवजीत कौर संधू, नवदीप बाजवा, गुरजिंदर सिंह, रूचिका, एकम, पुनीत भाटिया, जैकी शर्मा, गियान चंद्र, वैभव, रूद्रांश, शुशांत, अवनीत सिंह और अनुराज चहल ने निभाई।
10 मई को होगा ‘पहला सत्याग्रही’ नाटक का मंचन
फेस्टिवल के अंतिम दिन 10 मई को ‘पहला सत्याग्रही’ नाटक का मंचन होगा। इस नाटक की कहानी महात्मा गांधी की जिंदगी पर आधारित है। वे मोहन दास से महात्मा गांधी कैसे बने नाटक में बयां किया जाएगा। साथ ही भारत की आजादी में गांधी जी की भूमिका पर भी प्रकाश डाला जाएगा। यह नाटक शाम सात बजे दिखाया जाएगा।
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समाज के खिलाफ जाकर अंतरजातीय विवाह करवाने वाले बच्चने और जय कौर के घर की कहानी है। शादी के भी समाज उनकी शादी को मान्यता नहीं देता और उनके चारों बेटों की शादी के लिए कोई अपनी बेटी का रिश्ता नहीं देता। नाटक समाज की सोच पर चोट कर गया कि कैसे समाज अंतर जाति शादी को मंजूर नहीं करता। इसमें मुख्य भूमिका राज कमाना, प्रिया शर्मा, गुरप्रीत, विक्रांत, दीपक कंबोज, अनुराज चहल, नवजीत कौर संधू, नवदीप बाजवा, गुरजिंदर सिंह, रूचिका, एकम, पुनीत भाटिया, जैकी शर्मा, गियान चंद्र, वैभव, रूद्रांश, शुशांत, अवनीत सिंह और अनुराज चहल ने निभाई।
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10 मई को होगा ‘पहला सत्याग्रही’ नाटक का मंचन
फेस्टिवल के अंतिम दिन 10 मई को ‘पहला सत्याग्रही’ नाटक का मंचन होगा। इस नाटक की कहानी महात्मा गांधी की जिंदगी पर आधारित है। वे मोहन दास से महात्मा गांधी कैसे बने नाटक में बयां किया जाएगा। साथ ही भारत की आजादी में गांधी जी की भूमिका पर भी प्रकाश डाला जाएगा। यह नाटक शाम सात बजे दिखाया जाएगा।
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