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Panchkula News: सुप्रीम कोर्ट का फर्जी आदेश दिखा 57 लाख ठगे, एक आरोपी अलवर से काबू
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पंचकूला। सेक्टर-16 निवासी 78 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षक दंपती से सुप्रीम कोर्ट के फर्जी आदेश और पुलिस अधिकारी बनकर वीडियो कॉल के जरिये 57 लाख रुपये की ठगी हुई है। पीड़ित की शिकायत पर सेक्टर-20 साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने एक आरोपी को राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी की पहचान आफताब (20) के रूप में हुई है। उसका खाता ठगी में उपयोग किया गया था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक पीड़ित के मोबाइल फोन पर 20 जून की रात 9:51 बजे वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाला व्यक्ति पुलिस की वर्दी में था और बैकग्राउंड में पुलिस लिखा हुआ दिखाई दे रहा था। इसके बाद अलग-अलग नंबरों से लगातार ऑडियो और वीडियो कॉल आती रहीं। कॉल करने वाले खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उन्हें डरा-धमकाते रहे और कहा कि सुप्रीम कोर्ट का एक आदेश उनके खिलाफ जारी हुआ है।
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शातिरों ने वॉट्सएप पर एक फर्जी डिजिटल कोर्ट ऑर्डर भेजा और कहा कि जब तक आदेश खारिज नहीं होता, 57 लाख रुपये सिक्योरिटी मनी के तौर पर जमा करवाने होंगे। दंपती डर गए और 21 जून को तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शनों में 57 लाख ट्रांसफर कर दिए। इनमें से 5 लाख रुपये उनके खाते से, 29 लाख उनकी पत्नी के खाते से और 23 लाख रुपये एक अन्य परिचित के माध्यम से भेजे गए। पैसे ट्रांसफर करने के बाद जब कॉल्स आनी बंद हुई तो ठगी का एहसास हुआ।
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आरोपी की पहचान आफताब (20) के रूप में हुई है। उसका खाता ठगी में उपयोग किया गया था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक पीड़ित के मोबाइल फोन पर 20 जून की रात 9:51 बजे वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाला व्यक्ति पुलिस की वर्दी में था और बैकग्राउंड में पुलिस लिखा हुआ दिखाई दे रहा था। इसके बाद अलग-अलग नंबरों से लगातार ऑडियो और वीडियो कॉल आती रहीं। कॉल करने वाले खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उन्हें डरा-धमकाते रहे और कहा कि सुप्रीम कोर्ट का एक आदेश उनके खिलाफ जारी हुआ है।
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शातिरों ने वॉट्सएप पर एक फर्जी डिजिटल कोर्ट ऑर्डर भेजा और कहा कि जब तक आदेश खारिज नहीं होता, 57 लाख रुपये सिक्योरिटी मनी के तौर पर जमा करवाने होंगे। दंपती डर गए और 21 जून को तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शनों में 57 लाख ट्रांसफर कर दिए। इनमें से 5 लाख रुपये उनके खाते से, 29 लाख उनकी पत्नी के खाते से और 23 लाख रुपये एक अन्य परिचित के माध्यम से भेजे गए। पैसे ट्रांसफर करने के बाद जब कॉल्स आनी बंद हुई तो ठगी का एहसास हुआ।