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सुखना लेक पर देसी डाग को लिया गोद
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फोटो समाचार
सुखना लेक पर देसी डॉग को लिया गोद
-होम फार पॉ की ओर से किया गया आयोजन
-नवांशहर से आए दंपत्ति मांडवी व दीपांशु ने तीन महीने की डॉगी को लिया गोद
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। होम फार पॉ ने देसी डॉगी को घर दिलाने के लिए एक अभियान शुरू किया है। इसी के तहत शनिवार को देसी नस्ल के तीन डॉगी को गोद लेने के लिए सुखना लेक पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान नवांशहर से आए दंपत्ति मांडवी व दीपांशु ने तीन महीने की डॉगी को गोद लिया। संस्था से जुड़े गुरजसजीत सिंह ने बताया कि उनके घर के पास कोई दो डॉगियों को छोड़कर चला गया था। उन्होंने दोनों को अपने घर पर रखा। उनकी केयर की। वैक्सीन भी लगवाई। उसके बाद उन्होंने दोनों के लिए घर ढूंढना शुरू किया। वे अब तक देसी नस्ल के 12 डागियों को घर दिलवा चुके हैं। इसके लिए हर महीने के दूसरे शनिवार को ड्राइव चलाते हैं, ताकि सड़क पर रहने वाले कुत्तों को भी घर नसीब हो। अगला कार्यक्रम 9 फरवरी को सेक्टर- 17 प्लाजा में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर बार वे किसी सड़क के किनारे खड़े होकर लोगों से अपील करते थे कि वे डागी को गोद लें। लेकिन इस बार उन्होंने सिटको चेयरमैन जितेंद्र यादव से अपील कि वे सुखना लेक पर उन्हें जगह दें। जितेंद्र यादव ने उनकी अपील स्वीकार कर ली और कैंप लगाने की स्वीकृति दे दी। गुरजसजीत सिंह का कहना है कि यदि देसी डागियों को भी घर मिल जाए तो डाग बाइट की कई समस्या से छुटकारा मिल सकता है। उनका मकसद भारत को रैबीज फ्री बनाना है। इसलिए वे अभियान से जुड़े हैं।
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सुखना लेक पर देसी डॉग को लिया गोद
-होम फार पॉ की ओर से किया गया आयोजन
-नवांशहर से आए दंपत्ति मांडवी व दीपांशु ने तीन महीने की डॉगी को लिया गोद
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। होम फार पॉ ने देसी डॉगी को घर दिलाने के लिए एक अभियान शुरू किया है। इसी के तहत शनिवार को देसी नस्ल के तीन डॉगी को गोद लेने के लिए सुखना लेक पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान नवांशहर से आए दंपत्ति मांडवी व दीपांशु ने तीन महीने की डॉगी को गोद लिया। संस्था से जुड़े गुरजसजीत सिंह ने बताया कि उनके घर के पास कोई दो डॉगियों को छोड़कर चला गया था। उन्होंने दोनों को अपने घर पर रखा। उनकी केयर की। वैक्सीन भी लगवाई। उसके बाद उन्होंने दोनों के लिए घर ढूंढना शुरू किया। वे अब तक देसी नस्ल के 12 डागियों को घर दिलवा चुके हैं। इसके लिए हर महीने के दूसरे शनिवार को ड्राइव चलाते हैं, ताकि सड़क पर रहने वाले कुत्तों को भी घर नसीब हो। अगला कार्यक्रम 9 फरवरी को सेक्टर- 17 प्लाजा में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर बार वे किसी सड़क के किनारे खड़े होकर लोगों से अपील करते थे कि वे डागी को गोद लें। लेकिन इस बार उन्होंने सिटको चेयरमैन जितेंद्र यादव से अपील कि वे सुखना लेक पर उन्हें जगह दें। जितेंद्र यादव ने उनकी अपील स्वीकार कर ली और कैंप लगाने की स्वीकृति दे दी। गुरजसजीत सिंह का कहना है कि यदि देसी डागियों को भी घर मिल जाए तो डाग बाइट की कई समस्या से छुटकारा मिल सकता है। उनका मकसद भारत को रैबीज फ्री बनाना है। इसलिए वे अभियान से जुड़े हैं।