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खुलासाः सेक्टर 26 की मंडी में ही बढ़ जाते हैं 40 फीसदी रेट, नहीं होता मार्केट कमेटी का नियंत्रण
Sat, 04 Jan 2020 02:52 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jan 2020 02:52 PM IST
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फाइल फोटो
चंडीगढ़ सेक्टर 26 मंडी में ही प्याज के 40 फीसदी दाम बढ़ जाते हैं। बोली में जिस प्याज का दाम 70 रुपये किलो होता है, वहीं मंडी में 100 रुपये में बेचा जा रहा है। मार्केट कमेटी का कहना है कि प्याज के रेट पर उनका कोई नियंत्रण नहीं होता है। भूमिका सिर्फ बोली तक ही रहती है।
ट्राइसिटी में सेक्टर 26 मंडी से ही प्याज सप्लाई होती है। मंडी में प्रतिदिन 13,000 से अधिक प्याज के बोरे ट्रकों के जरिए आते हैं और यहीं से शहर और अन्य स्थानों पर भेजा जाता है। यहीं प्याज के रेट तय होते हैं। सुबह ऑक्शन में जो प्याज 70 रुपये के भाव में बेचा जाता है, वही मंडी में 100 रुपये के फुटकर दामों में बिक्री किया जा रहा है। यदि जिम्मेदार विभाग चाहे तो प्याज की बढ़ती कीमतों पर आसानी से अंकुश लगाया जा सकता है।
सेक्टर 26 में प्याज के थोक व फुटकर रेट
प्याज थोक फुटकर
अफगानी 45-50 70-75
गुजराती 66-77 80-90
नासिक 70-75 90-100
ट्राइसिटी में 140 रुपये तक बिका प्याज
इस बार दिसंबर में ट्राइसिटी में प्याज 140 रुपये तक बेचा गया। हालांकि, प्याज के यह रेट एक ही दिन रहें। प्याज में इस तेजी के लिए मार्केट कमेटी और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग जिम्मेदार हैं। ये दोनों विभाग इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
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लहसुन भी हुआ महंगा
प्याज के साथ ही अब सेक्टर 26 की मंडी में लहसुन भी महंगा हो गया है। 170से 180 रुपये तक बिकने वाला लहसुन इन दिनों 200 रुपये पार हो गया है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग प्याज के साथ लहसुन पर नजर बनाए हुए है।
मार्केट कमेटी सिर्फ प्याज के ऑक्शन तक ही जिम्मेदार होती है। आगे प्याज क्या रेट मेें बेचा जा रहा है, इसमें मार्केट कमेटी की कोई भूमिका नहीं होती है।
- मनोज शर्मा, सचिव, मार्केट कमेटी
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ट्राइसिटी में सेक्टर 26 मंडी से ही प्याज सप्लाई होती है। मंडी में प्रतिदिन 13,000 से अधिक प्याज के बोरे ट्रकों के जरिए आते हैं और यहीं से शहर और अन्य स्थानों पर भेजा जाता है। यहीं प्याज के रेट तय होते हैं। सुबह ऑक्शन में जो प्याज 70 रुपये के भाव में बेचा जाता है, वही मंडी में 100 रुपये के फुटकर दामों में बिक्री किया जा रहा है। यदि जिम्मेदार विभाग चाहे तो प्याज की बढ़ती कीमतों पर आसानी से अंकुश लगाया जा सकता है।
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सेक्टर 26 में प्याज के थोक व फुटकर रेट
प्याज थोक फुटकर
अफगानी 45-50 70-75
गुजराती 66-77 80-90
नासिक 70-75 90-100
ट्राइसिटी में 140 रुपये तक बिका प्याज
इस बार दिसंबर में ट्राइसिटी में प्याज 140 रुपये तक बेचा गया। हालांकि, प्याज के यह रेट एक ही दिन रहें। प्याज में इस तेजी के लिए मार्केट कमेटी और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग जिम्मेदार हैं। ये दोनों विभाग इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
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लहसुन भी हुआ महंगा
प्याज के साथ ही अब सेक्टर 26 की मंडी में लहसुन भी महंगा हो गया है। 170से 180 रुपये तक बिकने वाला लहसुन इन दिनों 200 रुपये पार हो गया है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग प्याज के साथ लहसुन पर नजर बनाए हुए है।
मार्केट कमेटी सिर्फ प्याज के ऑक्शन तक ही जिम्मेदार होती है। आगे प्याज क्या रेट मेें बेचा जा रहा है, इसमें मार्केट कमेटी की कोई भूमिका नहीं होती है।
- मनोज शर्मा, सचिव, मार्केट कमेटी