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Panchkula News: दांत की बीमारियों से ग्रस्त हैं 40 फीसदी गर्भवती महिलाएं
Mon, 31 Mar 2025 01:10 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
Updated Mon, 31 Mar 2025 01:10 AM IST
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सिविल अस्पताल में आ रहे हैं मामले, देखभाल में खामी के कारण बढ़ रही परेशानी
डॉक्टर बोले- अगर सही देखभाल नहीं होगी तो बच्चों पर पड़ेगा असर
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर के सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में दांत की बीमारियों से 40 फीसदी गर्भवती महिलाएं ग्रस्त हैं। ओपीडी में लगातार ऐसे मामले आ रहे हैं। गर्भवती महिलाओं को गायनी की ओपीडी में दांत की बीमारी होने पर दिखाने की सलाह दी जा रही है। लगातार देखरेख और सही तरीके से ब्रश न करने और जानकारी के अभाव में दांत खराब होने के मामले सामने आ रहे हैं। दंत रोग विशेषज्ञ डॉक्टर पंकज शौरी ने बताया कि देखभाल की कमी के कारण गर्भवती महिलाओं के दांतों की समस्या गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी असर कर सकती है। उन्होंने बताया कि गर्भवती हालात में 40 फीसदी महिलाओं में दांतों की बीमारियां पाई गई हैं। देखभाल की कमी के कारण पायरिया के अधिकतर मामले आ रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवतियों की जांच की जा रही है। उन्हें दांतों की देखभाल व मुंह के कैंसर के खिलाफ जागरूक किया जा रहा।
पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर -6 के दंत चिकित्सा विभाग के सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. पंकज शौरी ने बताया कि रोज अस्पताल में 300 मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें गर्भवती महिलाओं से संबंधित करीब 130 मरीज आ रहे हैं। गर्भवती महिलाओं में गर्भधारण के दौरान ब्रश न करने की गलत धारणा बनी हुई है। गर्भधारण के दौरान महिलाओं में हार्मोन इनबलैंस होते हैं। इस कारण मसूड़ों से रक्त आता है। ऐसे में पस और रक्त भोजन के साथ पेट में जाकर बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्हाेंने कहा कि महिलाओं को सड़न का इलाज तुरंत कराना चाहिए।
दांतों में सड़न की वजह
- नियमित रूप से ब्रश नहीं करना।
- जरूरत से ज्यादा मीठी चीजें खाना
- ज्यादा गर्म चीजें खाना
- फास्ट फूड और ऑयली चीजें खाना
- टॉफी, कैंडी, चाकलेट खाना
- खाने में पर्याप्त न्यूट्रीशन न मिलना
- कैल्शियम, मैग्नीशियम, विटामिन की कमी होना।
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डॉक्टर बोले- अगर सही देखभाल नहीं होगी तो बच्चों पर पड़ेगा असर
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर के सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में दांत की बीमारियों से 40 फीसदी गर्भवती महिलाएं ग्रस्त हैं। ओपीडी में लगातार ऐसे मामले आ रहे हैं। गर्भवती महिलाओं को गायनी की ओपीडी में दांत की बीमारी होने पर दिखाने की सलाह दी जा रही है। लगातार देखरेख और सही तरीके से ब्रश न करने और जानकारी के अभाव में दांत खराब होने के मामले सामने आ रहे हैं। दंत रोग विशेषज्ञ डॉक्टर पंकज शौरी ने बताया कि देखभाल की कमी के कारण गर्भवती महिलाओं के दांतों की समस्या गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी असर कर सकती है। उन्होंने बताया कि गर्भवती हालात में 40 फीसदी महिलाओं में दांतों की बीमारियां पाई गई हैं। देखभाल की कमी के कारण पायरिया के अधिकतर मामले आ रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवतियों की जांच की जा रही है। उन्हें दांतों की देखभाल व मुंह के कैंसर के खिलाफ जागरूक किया जा रहा।
पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर -6 के दंत चिकित्सा विभाग के सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. पंकज शौरी ने बताया कि रोज अस्पताल में 300 मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें गर्भवती महिलाओं से संबंधित करीब 130 मरीज आ रहे हैं। गर्भवती महिलाओं में गर्भधारण के दौरान ब्रश न करने की गलत धारणा बनी हुई है। गर्भधारण के दौरान महिलाओं में हार्मोन इनबलैंस होते हैं। इस कारण मसूड़ों से रक्त आता है। ऐसे में पस और रक्त भोजन के साथ पेट में जाकर बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्हाेंने कहा कि महिलाओं को सड़न का इलाज तुरंत कराना चाहिए।
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दांतों में सड़न की वजह
- नियमित रूप से ब्रश नहीं करना।
- जरूरत से ज्यादा मीठी चीजें खाना
- ज्यादा गर्म चीजें खाना
- फास्ट फूड और ऑयली चीजें खाना
- टॉफी, कैंडी, चाकलेट खाना
- खाने में पर्याप्त न्यूट्रीशन न मिलना
- कैल्शियम, मैग्नीशियम, विटामिन की कमी होना।