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पीसीए हर महीने रहनुमा को देगी 5 हजार रुपए
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पीसीए हर महीने दिव्यांग रहनुमा को देगी 5 हजार रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शहर की प्रॉपर्टी कंसलटेंट्स एसोसिएशन (पीसीए) ने शुक्रवार को बैठक की। इसमें सर्वसम्मति से फैसला लिया कि पीसीए हर महीने दिव्यांग छात्रा 17 वर्षीय रहनुमा को 5 हजार रुपये देगी। रहनुमा के दोनों हाथ नहीं हैं, लेकिन उन्हें इसका कोई गम नहीं है। उन्होंने अपने पैरों को ही हाथ बना लिया है। वे पैरों से न केवल लिखती हैं, बल्कि ड्राइंग और पेंटिंग भी बना लेती हैं। रहनुमा के इसी टैलेंट को देखते हुए एसोसिएशन ने यह निर्णय लिया है। पीसीए की बैठक में चेयरमैन कमलजीत सिंह, प्रेजिडेंट कमल गुप्ता, जनरल सेक्रेटरी सुनील कुमार, फाइनेंस सेक्रेटरी मनप्रीत सिंह, सीनियर वाइस प्रेजिडेंट संजीव कुमार, पूर्व चेयरमैन तरलोचन सिंह, पूर्व प्रेजिडेंट राजेश वालिया, दविंदर कुमार व अन्य मौजूद रहे।
गौरतलब है कि रहनुमा के पिता मजदूरी करते हैं। घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। पैरों से लिखे उसके सुंदर अक्षर देखकर 5वीं क्लास के ड्राइंग शिक्षक अमित ने उसे चित्र बनाना सिखाया। यह उसकी मेहनत का ही नतीजा था कि पिछले पांच साल में वह 13 बार इनाम जीत चुकी है और इस बीच उसने दो अवार्ड भी हासिल किए हैं। रहनुमा को चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस भी सम्मानित कर चुकी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शहर की प्रॉपर्टी कंसलटेंट्स एसोसिएशन (पीसीए) ने शुक्रवार को बैठक की। इसमें सर्वसम्मति से फैसला लिया कि पीसीए हर महीने दिव्यांग छात्रा 17 वर्षीय रहनुमा को 5 हजार रुपये देगी। रहनुमा के दोनों हाथ नहीं हैं, लेकिन उन्हें इसका कोई गम नहीं है। उन्होंने अपने पैरों को ही हाथ बना लिया है। वे पैरों से न केवल लिखती हैं, बल्कि ड्राइंग और पेंटिंग भी बना लेती हैं। रहनुमा के इसी टैलेंट को देखते हुए एसोसिएशन ने यह निर्णय लिया है। पीसीए की बैठक में चेयरमैन कमलजीत सिंह, प्रेजिडेंट कमल गुप्ता, जनरल सेक्रेटरी सुनील कुमार, फाइनेंस सेक्रेटरी मनप्रीत सिंह, सीनियर वाइस प्रेजिडेंट संजीव कुमार, पूर्व चेयरमैन तरलोचन सिंह, पूर्व प्रेजिडेंट राजेश वालिया, दविंदर कुमार व अन्य मौजूद रहे।
गौरतलब है कि रहनुमा के पिता मजदूरी करते हैं। घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। पैरों से लिखे उसके सुंदर अक्षर देखकर 5वीं क्लास के ड्राइंग शिक्षक अमित ने उसे चित्र बनाना सिखाया। यह उसकी मेहनत का ही नतीजा था कि पिछले पांच साल में वह 13 बार इनाम जीत चुकी है और इस बीच उसने दो अवार्ड भी हासिल किए हैं। रहनुमा को चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस भी सम्मानित कर चुकी है।
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